दिल्ली यूनिवर्सिटी से टर्मिनेशन के बाद कल प्रेस कॉन्फ़्रेंस.
8 दिसंबर को दोपहर 3 बजे
प्रो. रतन लाल आवास (हिंदू कॉलेज, नॉर्थ कैंपस, DU)
दिल्ली विश्वविद्यालय के तमाम न्यायपसंद प्रोफ़ेसर, शोधार्थी, विद्यार्थी इसे आयोजित कर रहे हैं। पूरी बात रखूँगा। आ सकें तो आइएगा।
लड़िये, संघर्ष करिए, ये तानाशाही का दौर है और तानाशाह पिछड़ों, शोषितों, वंचितों को जागरूक करने वाले विचारों से डरता है, क्योंकि उसकी कुर्सी खतरे में पड़ जाती है।
आने वाला समय आपके जज्बे, हिम्मत को सलाम करेगा
@DrLaxman_Yadav
मुल्क में हो रही है उनके लिए अब छुरिया तेज जो बहुत जुबान चलाते है बेजुबानों के लिए।
साथियों सामाजिक न्याय के आवाज़ को बुलंद करने वाले एवं लगातार दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों की आवाज उठाने वाले प्रोफेसर @DrLaxman_Yadav को उनके पद से हटा दिया गया है। प्रोफेसर लक्ष्मण यादव दिल्ली विश्वविद्यालय के जाकिर हुसैन कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर (एडहॉक) के पद पर कार्यरत थे।
#बहुजनविरोधिडू
#bahujanvirodhiDU
#लक्ष्मण_यादव_को_न्याय_दो
पाखंडवाद से जकरे हुए लोग जो इस मासूम बच्चे
के साथ जो कर रहे है मै इसका घोर निंदा करता हूँ,
पाखंडवाद को छोरो संविधान से नाता जोड़ो.
भारत का संविधान. अनुच्छेद 51(क) (ज)
“हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे!”
.@DrLaxman_Yadav को दिल्ली यूनिवर्सिटी ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पद से हटा दिया। कारण ये है कि लक्ष्मण संविधान को मानते हैं और मानसिक रूप से आज़ाद हैं। अपनी बात रखने की हिम्मत भी है और सरकार की आलोचना की जुर्रत भी। सुनिए मेरिट की परिभाषा।
ख़ैर,
"है उसकी फितरत, डरा रहा है,
है मेरी हिम्मत डरा नहीं हूं"
दिल्ली विश्वविद्यालय ने आज लक्ष्मण यादव को प्रोफ़ेसर पद से हटाकर एक आवाज दबाने की कोशिश की है। लेकिन ये आवाज रुकेगी नहीं, कितने लोगो को हटाओगे संस्थानों से? #BahujanvirodhiDU
शख्स है जो संविधान को जिंदा रखना चाहता है सत्ता पक्ष का विरोधी प्रतीत होता है।
उसके सम्मान से जीने के सादन छीनकर पंगु, मूक, बधिर बनाकर गला घोटानेकी कोशिश की जा रही है।#लक्ष्मण_यादव_को_न्याय_दो
टंट्या भील उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे जिन्होंने 12 साल तक ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष किया और विदेशी शासन को उखाड़ फेंकने के लिये वीरता का अद्भुत परिचय दिया। आदिवासी नायक टंट्या भील जी, को शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि एवं संघर्ष को नमन।
सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती है
कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है
बुझाने को हवा के साथ गर बारिश भी आ जाए
चराग़-ए-बे-हक़ीक़त की हक़ीक़त और बढ़ती है
अगर बिकने पे आ जाओ तो घट जाते हैं दाम अक्सर
न बिकने का इरादा हो तो क़ीमत और बढ़ती है