रे किस्मत कहाँ थी तू..जाके अब आयी है
देख हालातों ने मेरी क्या हालत बनाई है
बदकिस्मती से रे किस्मत तू देर से आयी है
देख भरी दोपहरी कैसे गायब हुई मेरी परछाई है
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चल अब आयी है तो दो चार रोज़ रहके जाना
और हाँ हो सके तो इस बार तू कहके जाना
To be continued in future..
#Shayari