अबान अहमद के जनाज़े में आँखों ने जो मंज़र देखा, उसने दिल को छू लिया। पूर्व सांसद मरहूम अतीक अहमद साहब के तीनों बेटों ने जिस तरह अपने चच्चा और पूर्व विधायक मरहूम अशरफ़ साहब के बेटे को गोद में उठाकर प्यार किया, उसे देखकर न जाने क्यों आँखें नम हो गईं। शायद रिश्तों की यही गर्माहट और अपनों के लिए यही मोहब्बत इंसान को तमाम मुश्किलों के बावजूद मज़बूत बनाए रखती है।
जनाज़े में उमड़ी भीड़ देखकर इलाहाबाद की कानों सुनी बातें ऑंखों के सामने ताज़ा हो गईं। ऐसा लगा कि इलाहाबाद शहर की अवाम ने शायद अपना अगला क़ायद चुन लिया है।
अल्लाह इन बच्चों की हिफ़ाज़त फ़रमाए, हर बुरी नज़र और बदनज़र से महफ़ूज़ रखे, इनके रास्तों की मुश्किलें आसान करे और इन्हें सही फ़ैसले करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन। 🤲🏻
बिछड़े सिर्फ पति-पत्नी नहीं... एक मासूम बच्चे की दुनिया भी दो हिस्सों में बंट गई।
ग्वालियर की तहसील में एक पारिवारिक विवाद और तलाक के बीच आपसी सहमति से यह तय हुआ कि दो साल का मासूम बच्चा अपनी मां के साथ रहेगा।
जब पिता अपने कलेजे के टुकड़े को मां की गोद में सौंप रहा था। तो मासूम बच्चा बार-बार पिता की ओर जाने के लिए रोता रहा।
जबकि पिता बेबस होकर उसे दूर जाते देखते रहे। वहां मौजूद सभी लोगों के आंख में अंशु आ गए।
खान सर आज एक नए अवतार में नजर आ रहे हैं। 🔥
तीन-तीन खुशियां एक साथ मिली हैं।
पहली 40 दिन की कानूनी लड़ाई के बाद आखिर एक निर्दोष को निर्दोष साबित करना पड़ा।
दूसरी Re-NEET में उनके छात्रों ने शानदार कामयाबी हासिल की।
और तीसरी...
ये वीडियो देखने के बाद खान सर के "ससुराल पक्ष वाले" जरूर थोड़ा दुखी हो जाएंगे। 🤭
#Khansir #Raushanyadav
जौहर यूनिवर्सिटी बचाने के लिए आगे आया
अधिवक्ता समाज, कहा
"
"यूनिवर्सिटी बनाने में ज़िंदगी गुज़र जाती है और
आप इसे तोड़ रहे हैं हम चाहते हैं आप और यूनिवर्सिटी बनाएं हमें खुशी होगी इसे न तोड़े "
आज रामपुर में मौलाना मोहम्मदी अली जौहर यूनिवर्सिटी बचाने के लिए वकीलों ने
राष्ट्रपति और मुख्यन्यायधीश महोदय को ज्ञापन दिया है।
लेकिन जिस समाज का वोट लेकर कुर्सी को
अपनी जागीर समझी वो नहीं पहुंच पा रहे हैं
अफ़सोस है।
#StandWithUniversity