पुतले जलाना तो महज एक परंपरा है...
असली विजयदशमी तब होगी जब 57,000 परिवारों को प्रताड़ित करने वाली संविदा व्यवस्था का दहन होगा! 🏹🔥
अन्याय और शोषण की उम्र ज्यादा नहीं होती। अब अधिकारों की लड़ाई आर-पार होगी!
57,000 पंचायत सहायक | एक ही हुंकार ✊
#RegularizePanchayatSahayak
🇮🇳 कहते हैं भारत विश्वगुरु बन गया है, डिजिटल इंडिया की ओर अग्रसर है! लेकिन उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों की स्थिति देखकर सवाल उठता है कि क्या यही है डिजिटल भारत की तस्वीर?
आखिर योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ग्राम स्तर पर पंचायत सचिवालय और शौचालय के बीच का अंतर कब समझेगी?
1️⃣ 29 विभागों की जिम्मेदारी: पंचायत सहायक ग्राम स्तर पर विभिन्न विभागों के कार्यों में सहयोग, ऑनलाइन डेटा एंट्री, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, डिजिटल रिकॉर्ड, ऑफलाइन कार्य और जमीनी स्तर पर जिम्मेदारियाँ निभाते हैं।
2️⃣ मानदेय के नाम पर मात्र ₹9,000: पढ़े-लिखे युवाओं से इतने व्यापक कार्य कराने के बदले ₹9,000 प्रतिमाह देना क्या उनके श्रम और योग्यता के साथ न्याय है?
3️⃣ जिम्मेदारी अलग, मानदेय समान: शौचालय की देखरेख करने वाले केयरटेकर को ₹9,000 और पंचायत सचिवालय के डिजिटल एवं प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करने वाले पंचायत सहायक को भी ₹9,000। सवाल यह है कि जिम्मेदारियों, कार्यों और योग्यता के आधार पर उचित मानदेय का निर्धारण क्यों नहीं किया जाता?
4️⃣ ऑनलाइन उपस्थिति में भेदभाव क्यों? ग्राम पंचायत सचिव को ₹35,000 से अधिक वेतन, सफाई कर्मचारी को ₹35,000 के आसपास या अधिक वेतन और केयरटेकर को ₹9,000 मानदेय मिलने के बावजूद क्या सभी पर समान उपस्थिति नियम लागू हैं? यदि नहीं, तो ₹9,000 पाने वाले पंचायत सहायकों पर ही ऑनलाइन उपस्थिति का इतना दबाव क्यों?
5️⃣ नियम सबके लिए समान हों: यदि ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य है, तो स्पष्ट, पारदर्शी और समान नियम सभी संबंधित कर्मचारियों पर लागू हों। केवल पंचायत सहायकों पर दबाव बनाना और दूसरों के लिए अलग व्यवस्था रखना उचित नहीं है।
6️⃣ संविदा व्यवस्था कब बनेगी अभिशाप से मुक्ति? वर्षों तक सेवा देने वाले पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार सुरक्षा, उचित मानदेय और सम्मानजनक भविष्य कब मिलेगा? बढ़ती जिम्मेदारियों के अनुरूप उनकी सेवा शर्तों में सुधार क्यों नहीं किया जाता?
🔥 आज विजयदशमी के पावन अवसर पर संकल्प लें!
जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने रावण का अंत किया, उसी प्रकार ग्राम स्तर पर व्याप्त अनियमितताओं, असमानता, भेदभाव और अन्याय का भी अंत होना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ जी से अपील है कि पंचायत सहायकों के नियमितीकरण, उचित मानदेय, रोजगार सुरक्षा और समान उपस्थिति नियमों पर ठोस निर्णय लें।
डिजिटल इंडिया का सपना पंचायत सहायकों के शोषण और उपेक्षा से नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और न्याय देने से साकार होगा।
जय श्री राम! 🚩
@myogiadityanath
#RegularizePanchayatSahayak
#HappyDussehra
@oprajbhar@yadavakhilesh@dimpleyadav@RahulGandhi@divyamittal_IAS@pallavi_apnadal@SanjayAzadSln@CJP_for_India
15 years of neglect. 57,000+ Panchayat Sahayaks ... Just ₹9,000 a month. It’s time to end Contract Ravan and demand dignity, fair pay and job security.
Justice For Panchayat Webseries Hero " Vikas " 💔
#UPkePanchayatSahayak
15 years of neglect. 57,000+ Panchayat Sahayaks ... Just ₹9,000 a month. It’s time to end Contract Ravan and demand dignity, fair pay and job security.
Justice For Panchayat Webseries Hero " Vikas " 💔
#UPkePanchayatSahayak
57000पंचायत सहायकों की मांग को घोषणापत्र में शामिल करें
पंचायत सहायकों की संविदा व्यवस्था समाप्त कर ‘सहायक पंचायत सचिव’ के पदनाम से पृथक राज्य सेवा संवर्ग गठित कर उन्हें उसमें समाहित किया जाएगा व राज्यकर्मी का दर्जा देते हुए निर्धारित वेतनमान, भत्ते एवं सेवा लाभ प्रदान किए
उत्तर प्रदेश की समस्त पंचायतो में 57000 ग्राम पंचायत सचिवालयों के संचालक गांव के विकास की जिम्मेदारी निभाने वाले 57,000 पंचायत सहायकों को संविदा व्यवस्था समाप्त कर ‘सहायक पंचायत सचिव’पदनाम, नियमानुसार समावेशन और निर्धारित वेतनमान की मांग घोषणापत्र में शामिल करें।
@yadavakhilesh