सोचो हर प्राइमरी स्कूल में न्यूनतम 5 कमरे,
5 शिक्षक हों,एक चौकीदार,सफाई कर्मी ,क्लर्क और सौर ऊर्जा, बिजली से चलित पंखे, साफ पानी और साफ शौचलय, बच्चों को बैठने के लिए डेस्क बेंच हो , साथ ही समय पर पुस्तकें मिलें, फिर प्राइमरी में नामांकन बढेगा कि नहीं ?
क्या एक शिक्षक के साथ ऐसा व्यवहार होना चाहिए ? शासन प्रशासन इसको गंभीरता से संज्ञान में लेकर कड़ी कार्रवाई करें नहीं तो शिक्षक सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। https://t.co/Se9jgqPc3b