झारखंड के पढ़ने वाले विद्यार्थी लोग अक्सर राज्य सरकार को दोषी ठहराते हैं कि झारखंड सरकार विद्यार्थियों को ई-कल्याण स्कॉलरशिप का पैसा नहीं देती है और ये ज्यादातर उच्च शिक्षा के विद्यार्थी लोग दोषी ठहराते हैं।
पूरी थ्रेड पढ़िए-
#jmm#jmmgovernment#hemantsoren
हरियाणा चुनाव हारते ही कांग्रेस से EVM's को दोषी करार दिया था
महाराष्ट्र चुनाव हारते ही शिवसेना ने EVM's को
दोषी करार दिया था
बिहार चुनाव हारते ही RJD+कांग्रेस ने EVM's को
दोषी करार दिया था
लेकिन केरल और तमिलनाडु में सरकार बनने पर EVM's को दोष नहीं दिया?
दतिया उपचुनाव में जीत मिलने पर EVM's को दोष नहीं दिया???
एक जीत मिलने पर ईवीएम को भूल गए??
अभी वोट चोरी की बात क्या बीजेपी बोलेगी??
तुम्हें चारा डाला जा रहा है 2028 और 2029 के लिए, और तुम चारा खा रहें हो??
बीजेपी और ज्ञानेश कुमार को भूलने की गलती
तुमको सत्ता से दूर रख रही है कांग्रेस वालों.
आज बीजेपी के चाणक्य की नैतिक हार हो चुकी है।
एग्जाम की फुल तैयारी थी लेकिन पेपर आउट ऑफ सिलेबस आ गया।
हा सही सुना बीजेपी ने सोचा था सोनम बांचुक को धरना स्थल से उठाकर प्रदर्शन खत्म हो जाएगा लेकिन प्रदर्शन खत्म होने के बजाय उल्टा पड़ गया है।
अब बीजेपी के पास मजबूरी है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना, ओर अगर इस्तीफा हो गया समझो सरकार के बुरे दिन शुरू हो जाएंगे।
आप लोग क्या सोचते हो इस्तीफा होगा या प्रदर्शन बड़ा होगा??
रैगिंग मज़ाक नहीं, अपराध है। किसी छात्र की गरिमा और सुरक्षा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं। दोषियों को कठोर सज़ा मिले। रैगिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। @dc_dhanbad@kumarsudivya@HemantSorenJMM@dhanbadpolice , सुलहनामा समाधान हरगिज नहीं होनी चाहिए ।
#StopRagging
इस देश में छात्र होना मानो अपराध बन गया है। पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति नहीं, परीक्षाओं में पेपर लीक, और लाखों अभ्यर्थियों में केवल कुछ लोगों का ही चयन होता है। ऊपर से रोजगार के अवसर सीमित हैं और शिक्षा पर GDP का केवल लगभग 2% खर्च किया जाता है| #ekalyanscholarship
चमरा लिंडा जी और हेमंत सोरेन जी, आप दोनों बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं।@HemantSorenJMM
एक तरफ OBC छात्रों को आज तक सत्र 2024–25 की छात्रवृत्ति नहीं मिली है और 2025–26 के आवेदन अभी भी college approve में अटके हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ SC छात्रों के आवेदन final approved ho gya
अभी तक छात्रों के हाथों में कलम है,इसलिए न सरकार को कोई फ़र्क पड़ रहा है और न ही प्रशासन को।
मैं IIT से पढ़े उन सभी IAS/IPS से पूछना चाहता हूँ, जो सरकार के प्रति अपनी निष्ठा निभा रहे हैं— ज़्यादा महत्वपूर्ण क्या है? ‘मंइयां सम्मान’ या वर्ष 2024 से pending scholarship @kuldeep153
#झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के नाम
#ई -कल्याण छात्रवृत्ति (2024–2025 एवं 2025–2026) की लंबित राशि शीघ्र जारी करने हेतु मांग-पत्र
**सेवा में,**
**माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी**
झारखंड सरकार, रांची
**विषय: झारखंड के गरीब एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों की ई-कल्याण छात्रवृत्ति की लंबित राशि शीघ्र जारी करने के संबंध में।**
**महोदय,**
झारखंड एक युवा राज्य है। इस राज्य का भविष्य यहाँ के लाखों छात्र-छात्राओं की शिक्षा, मेहनत और प्रतिभा पर निर्भर करता है। राज्य के अनेक विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उनके माता-पिता खेतों, दिहाड़ी मजदूरी, छोटे व्यवसाय या असंगठित क्षेत्र में काम करके अपने बच्चों को पढ़ाने का प्रयास करते हैं। ऐसे परिवारों के लिए ई-कल्याण छात्रवृत्ति केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का सबसे बड़ा सहारा है।
आज राज्य के हजारों विद्यार्थी शैक्षणिक सत्र **2024–2025 एवं 2025–2026** की छात्रवृत्ति राशि का इंतजार कर रहे हैं। कई छात्रों को कॉलेज फीस जमा करने, हॉस्टल का किराया देने, किताबें खरीदने और परीक्षा शुल्क भरने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक दबाव के कारण कुछ विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कुछ को बीच में ही अपनी शिक्षा छोड़ने का खतरा है।
महोदय, शिक्षा पर खर्च कोई व्यय नहीं बल्कि भविष्य में किया गया निवेश है। यदि एक गरीब छात्र को समय पर छात्रवृत्ति मिलती है, तो वह डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी या समाजसेवी बनकर अपने परिवार और राज्य दोनों का भविष्य बदल सकता है। लेकिन यदि वही छात्र आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई छोड़ देता है, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति होती है।
झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। अब आवश्यकता है कि यह राज्य मानव संसाधन के विकास में भी अग्रणी बने। इसके लिए शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है। कोई भी राज्य केवल सड़कों, भवनों और उद्योगों से विकसित नहीं होता; उसकी वास्तविक पहचान उसके शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर नागरिकों से होती है।
हमारा विनम्र अनुरोध है कि ई-कल्याण छात्रवृत्ति की लंबित राशि को यथाशीघ्र जारी किया जाए, ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई केवल आर्थिक कारणों से प्रभावित न हो। साथ ही छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और नियमित बनाया जाए, जिससे विद्यार्थियों को हर वर्ष अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
**हमारी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:**
1. शैक्षणिक सत्र 2024–2025 एवं 2025–2026 की लंबित ई-कल्याण छात्रवृत्ति राशि शीघ्र जारी की जाए।
2. पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में बिना अनावश्यक विलंब के राशि हस्तांतरित की जाए।
3. छात्रवृत्ति वितरण के लिए निश्चित वार्षिक समय-सीमा घोषित की जाए।
4. आवेदन की स्थिति और भुगतान की जानकारी ऑनलाइन पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराई जाए।
5. जिन विद्यार्थियों के आवेदन तकनीकी कारणों से लंबित हैं, उनके लिए विशेष समाधान अभियान चलाया जाए।
6. यह सुनिश्चित किया जाए कि आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की शिक्षा में बाधा न बने।
माननीय मुख्यमंत्री जी, यह केवल आर्थिक सहायता का विषय नहीं है, बल्कि झारखंड के भविष्य का प्रश्न है। आज जिन बच्चों को समय पर सहयोग मिलेगा, वही कल राज्य का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
हमें विश्वास है कि आपकी सरकार इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी और शीघ्र आवश्यक निर्णय लेकर हजारों विद्यार्थियों तथा उनके परिवारों को राहत प्रदान करेगी।
**आइए संकल्प लें—**
**"कोई भी बच्चा केवल पैसों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
शिक्षित झारखंड ही समृद्ध झारखंड की पहचान बने।"**
**सादर,**
झारखंड के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं जागरूक नागरिकों की ओर से।
@HemantSorenJMM@JharkhandCMO@yourBabulal@MundaArjun@BJP4Jharkhand
**मेरा सवाल झारखंड सरकार और केंद्र सरकार दोनों से है।**
आख़िर छात्रवृत्ति (E-Kalyan Scholarship) के मामले में छात्रों को हर साल इंतज़ार क्यों करना पड़ता है?
जब हर विभाग के लिए समय पर बजट पारित हो जाता है, तो छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए पर्याप्त बजट और समय पर राशि जारी क्यों नहीं की जाती?
पिछले कई वर्षों से लाखों छात्र अपनी छात्रवृत्ति का इंतज़ार कर रहे हैं। इससे उनकी फीस, पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों को उनका **हक़ समय पर मिलना चाहिए**, न कि हर साल आश्वासन।
**झारखंड सरकार और केंद्र सरकार दोनों स्पष्ट करें कि छात्रवृत्ति में देरी की ज़िम्मेदारी किसकी है और भुगतान समय पर कब सुनिश्चित होगा?
#EkalyanScholarship
मान के चलिए:
पहले भारत 1 लाख लीटर पेट्रोल इंपोर्ट करता था और उससे 1 लाख किलोमीटर की दूरी तय हो जाती थी।
फिर E10 नीति आई।
10% एथनॉल मिलाया गया। दावा हुआ कि पेट्रोल आयात कम होगा।
अब E20 आ गया।
और यदि सरकारी दावों/चर्चाओं के अनुसार माइलेज में 30% तक की कमी आती है, तो वही 1 लाख किलोमीटर चलाने के लिए पहले से अधिक ईंधन मिश्रण की आवश्यकता पड़ेगी।
———- तो ज़रा हिसाब लगाइए ————-
पहले:
1,00,000 लीटर पेट्रोल = 1,00,000 किमी
E10 के बाद:
90,000 लीटर पेट्रोल + 10,000 लीटर एथनॉल
अब E20 के बाद, यदि वही दूरी तय करने के लिए कुल ईंधन की आवश्यकता बढ़कर 1,30,000 लीटर हो जाए, तो उसमें होगा:
1,04,000 लीटर पेट्रोल
26,000 लीटर एथनॉल
यानी…
E10 से पहले: 1,00,000 लीटर पेट्रोल
E10 के बाद: 90,000 लीटर पेट्रोल
E20 (यदि माइलेज में इतनी कमी मानी जाए): 1,04,000 लीटर पेट्रोल
तो सवाल सीधा है—
अगर अंत में फिर 1.04 लाख लीटर पेट्रोल ही लग रहा है, तो पेट्रोल आयात कम कहाँ हुआ?
क्या हमने पेट्रोल की बचत की, या सिर्फ उसके साथ एथनॉल भी जोड़ दिया?
सरकार को इसका स्पष्ट उत्तर देना चाहिए—
पेट्रोल आयात में वास्तविक शुद्ध कमी कितनी आई, और प्रति किलोमीटर कुल ऊर्जा खपत कितनी बढ़ी या घटी?
देश को नारे नहीं, पूरा हिसाब चाहिए।
झारखंड के ओबीसी छात्रों को सत्र 2024–25 की छात्रवृत्ति आज तक प्राप्त नहीं हुई है।
यह देरी हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य को प्रभावित कर रही है।
सरकार से आग्रह है कि इस मामले में शीघ्र ठोस कदम उठाकर लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
@chamralindaJMM
NCBC से विनम्र निवेदन करता हूँ कि झारखंड के लाखों OBC छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर तत्काल संज्ञान ले। झारखंड के लाखों ओबीसी विद्यार्थियों को शैक्षणिक वर्ष 2024–25 की ई-कल्याण छात्रवृत्ति आज तक प्राप्त नहीं हुई है।@NCBC_INDIA@Drvirendrakum13@chamralindaJMM@RamdasAthawale
बुरे दिन का पेट्रोल
और अब
सबसे अच्छे दिन का पेट्रोल
अंतर देखिए।
अगर पसंद ना आए तो पाकिस्तान चले जाइए - क्योंकि आप देशद्रोही है भाजपा की नज़र में।
- वैसे वहाँ अभी भी बुरे दिन का तेल हमारे जितने दाम में ही मिलता है।
राज्य सरकार, केंद्र सरकार, कॉलेज और बढ़ती फीस के बीच सबसे ज़्यादा पिस रहा है गरीब छात्र।
झारखंड में छात्रवृत्ति में लगातार देरी का परिणाम:
📚 लाखों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित
💰 फीस जमा न होने से परीक्षा और एडमिशन पर संकट
😔 कई छात्र पढ़ाई छोड़ने तक को मजबूर
@chamralindaJMM
आख़िरकार बसमत्ता गाँव फिर अंधकारमय से प्रकाशमय हो गया। 💡⚡️
लगातार प्रयास, अधिकारियों और विभाग से संपर्क और गाँव के लोगों के सहयोग से यह संभव हो पाया। इस अभियान का नेतृत्व करना मेरे लिए गर्व की बात है।
गाँव की सेवा ही सबसे बड़ी खुशी है। ❤️⚡
#Basmata