अतिथि विद्वानों का सम्मान, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार का अटूट संकल्प है।
आज माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी के मुख्य आतिथ्य में भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में आयोजित प्रदेश स्तरीय 'अतिथि विद्वान सम्मेलन' में सहभागिता कर प्रदेशभर से आए अतिथि विद्वानों से आत्मीय संवाद का अवसर प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी, नवाचार-आधारित और शिक्षक-केंद्रित बनाने के साथ-साथ अतिथि विद्वानों के हितों के संरक्षण एवं उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इसी प्रतिबद्धता के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक भर्ती में अतिथि विद्वानों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण, फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को प्रति माह दो बार विकल्प चयन का अवसर, वर्ष में एक बार स्थान परिवर्तन तथा यथासंभव निकटतम स्थान पर पदस्थापन का अवसर, 13 आकस्मिक अवकाश, 3 ऐच्छिक अवकाश एवं महिला अतिथि विद्वानों के लिए मातृत्व अवकाश जैसी अनेक महत्वपूर्ण सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। ये निर्णय अतिथि विद्वानों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और गरिमापूर्ण कार्य परिवेश के प्रति सरकार की संवेदनशील प्रतिबद्धता का परिचायक हैं।
तकनीकी शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि विद्वानों को भी उच्च शिक्षा विभाग की भाँति इन हितकारी प्रावधानों का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, ताकि दोनों विभागों के अतिथि विद्वानों को समान अवसर, समान संरक्षण और समान सम्मान प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम के दौरान यह भी अवगत कराया कि लंबे समय से सेवाएँ दे रहे वरिष्ठ अतिथि विद्वानों के भविष्य को अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार समिति की अनुशंसाओं के आधार पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। अतिथि विद्वानों के दीर्घकालिक हितों, सम्मान, सामाजिक सुरक्षा एवं सेवा स्थिरता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में एक "उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय व्यवस्था" विकसित करने की दिशा में सतत कार्य किया जा रहा है।
हमारा विश्वास है कि शिक्षकों का सम्मान और उनका सशक्तिकरण ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा की सबसे मजबूत आधारशिला है। प्रत्येक अतिथि विद्वान को सम्मान, सुरक्षा, अवसर और विश्वास से परिपूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध कराना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत 5 इंजीनियरिंग + 67 पॉलिटेक्निक कॉलेज के अतिथि व्याख्याता 🗓️ 10 जुलाई 2026 को 📍भोपाल में आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में सम्मिलित होने जा रहे है।
#मुख्यअतिथि : माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी।💐
#मार्गदर्शन : भारतीय मजदूर संघ। 💐
@yashodhararaje@OfficeofSSC@NarenderModis@OfficeOfKNath@RahulGandhi तभी तो PM आए या कॉलेज कोई प्रोग्राम हो पॉलीटेक्निक अतिथि कॉलेज जाकर भी सैलरी नही ले पाता उस दिन का पैसा कट जाता है ये शोषण नहीं तो क्या है? यदि किसी की घर या परिवार में गमी हो जाए तो अतिथि अपने घर पैसा कटने के डर से नहीं जाता क्या संविधान में ऐसा ही लिखा कि हर रोज हर तरह से शोषण
झूठ का भी पक्ष/विपक्ष होता है!
@ChouhanShivraj जी,
याद कीजिए, आज ही के दिन! जब आप विपक्ष में थे, अतिथि विद्वानों के लिए आपके विचार!
गौर कीजिए, अब आप सत्ता में हैं, अतिथि विद्वानों के साथ आपका व्यवहार?
@BJP4MP | #अंधेरनगरी_मामाराजा
माननीय @ManuSri_IITD जी निवेदन है कि कार्यरत 946 पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग अतिथि व्याख्याताओं का समायोजन डीटीई पोर्टल पर कर, फिक्स मानदेय जारी करने का कष्ट करें। सभी पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग अतिथि व्याख्याता आपके सदैव आभारी रहेंगे।