Each name on this list was a child with a dream, a family, a future - all destroyed by a broken system and a government that refuses to learn or take accountability.
Remember these students. Every one of them.
When PM Modi praised Dharmendra Pradhan ji on his birthday, did he even spare a thought for these children?
हज़रत इमाम हुसैन जी का संघर्ष, त्याग और बलिदान हमें असत्य, अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध मानवता की सबसे मज़बूत ढाल बनने की सीख देता है।
आज मुहर्रम के दिन हमें उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार।
लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से, मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं - क्या उन्हें BJP की भाषा में “घुसपैठिए” कहें?
और हरियाणा? वहाँ तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है।
जो संस्थाएँ अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं - वो ख़ुद “remote controlled” हैं।
उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएँ, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।
🚨🇺🇸🇮🇷 BREAKING: Former CIA officer Josephine Gillio said"In Iran, 165 innocent little girls were killed by American Tomahawk missiles fired from destroyers."
"I can say this as a former officer, 'We Are The Terrorists'."
The UDF is going to provide a strong protective cover for the people of Keralam through five key guarantees:
1️⃣ Free bus travel for all women in KSRTC buses.
2️⃣ ₹1000 per month financial assistance for college-going girl students.
3️⃣ Welfare pension increased to ₹3000 per month.
4️⃣ ₹25 lakh health insurance cover for every household under a scheme named after Oommen Chandy ji.
5️⃣ Interest-free loans up to ₹5 lakh for youth to start their own businesses.
A dedicated Ministry for Senior Citizens will also be created to ensure dignity, care and focused welfare for the elderly.
The UDF stands united in its purpose - to defeat the corrupt CPM govt, and secure a better, more hopeful future for Keralam.
ऊना की चीख आज भी इंसाफ के दरवाज़े पर दस्तक दे रही है।
बीते 10 सालों से पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
अपमान, हिंसा और हत्या - BJP शासित गुजरात में दलितों, आदिवासियों की यही हकीकत बना दी गई है।
मोदी जी के इसी असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण मॉडल को पूरे देश पर थोपा जा रहा है।
US की बेहूदगी. ग़ुलाम भारत? संप्रभुता और आत्मसम्मान. 2014 BJP मैनिफेस्टो. नाकाम सरकार. Japan आगे, पाक फेल. TV channels पर लगाम. फंसे medical छात्र.
दयनीय स्थिति: कैसे US दिखा रहा है आप ग़ुलाम हो?
US बेहूदगी बनाम सरकार की चुप्पीः क्या हुआ?
2014 के BJP manifesto के वादे का क्या हश्र हुआ? कैसे बढ़ा आयात?
LPG दाम बढ़ोतरी क्यों?
Japan के पास 254 दिनों का तेल, पाक फेल, हम कहाँ?
TV channels पर कैसी लगाम? कैसे ईरान में फंसे हमारे छात्र?
आपकी राय, follow करेंगे तो जवाब ज़रूर दूंगा
राहुल जी ने संसद में कहा था,
अमेरिका बताएगा नरेंद्र मोदी जी को,
कहां-कहां से तेल लेना है,
और कहां-कहां से नहीं लेना है,
तब सत्ता पक्ष के सांसद हंस रहे थे,
मीडिया जगत भी देश को भ्रमित कर रहा था,
आज राहुल जी पुनः सत्य साबित हुए।
When the poor receive subsidies to survive, it’s called “revdi” and “freebies”.
When Adani and Ambani receive land at throwaway prices, tax exemptions, and lakhs of crores in loan write-offs - it’s called development.
The poor are shamed. The powerful are celebrated.
I am open to a conversation about freebies - but let’s be honest and account for both sides of the equation.
कांग्रेस को वोट दो
यह गाना आज देश की माँग हैं
RT करिए जो चाहते है इसका Remake आना चाहिए !
साथियों इतना शेयर करो की बिहार के घर घर तक पहुचे।
आज 100 लोगों को सुबह फॉलो किया है !
PM Modi is frightened of Trump.
1. Allows Trump to decide and announce that India will not buy Russian oil.
2. Keeps sending congratulatory messages despite repeated snubs.
3. Canceled the Finance Minister’s visit to America.
4. Skipped Sharm el-Sheikh.
5. Doesn’t contradict him on Operation Sindoor.
“ये जेनरेशन गांधी - नेहरू पर बहस करती है! जिसका 4 बजे तक 1.5GB डेटा ख़त्म हो जाता है…! जो पूरा हफ़्ता काम नहीं करता और रविवार को भी आराम चाहिए” 🤣 #KhanSir
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इज़राइल द्वारा हाल ही में ईरानी धरती पर की गई बमबारी और टारगेटेड हत्याओं की स्पष्ट रूप से निंदा करती है, यह एक खतरनाक उकसावे की कार्रवाई है, जिसके गंभीर क्षेत्रीय और वैश्विक परिणाम हो सकते हैं। ईरान की संप्रभुता पर यह हमला और उसके अधिकारों का उल्लंघन—चाहे वह हवाई हमलों के जरिए हो या गुप्त हत्याओं के माध्यम से, अस्थिरता को और बढ़ाता है तथा भावी संघर्ष के बीज बोता है।
कांग्रेस पार्टी का दृढ़ विश्वास है कि हिंसा के बजाय कूटनीति, संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ही आगे बढ़ने का एकमात्र वैध और स्थाई मार्ग हैं। आक्रामकता तुरंत समाप्त होनी चाहिए। सैन्य टकराव की निरंतरता पहले से ही नाज़ुक क्षेत्र को व्यापक युद्ध में धकेलने का जोखिम पैदा करती है, जिसका मानवीय और आर्थिक दोनों दृष्टि से विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है।
भारत के ईरान के साथ लंबे समय से सांस्कृतिक संबंध रहे हैं और हाल के दशकों में इज़राइल के साथ रणनीतिक संबंध भी विकसित हुए हैं। यह विशिष्ट स्थिति हमारे देश को तनाव कम करने और शांति स्थापित करने की नैतिक जिम्मेदारी और कूटनीतिक प्रभाव दोनों प्रदान करती है।
पश्चिम एशिया में लाखों भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं, ऐसे में इस क्षेत्र में शांति न केवल एक भू-राजनीतिक चिंता है, बल्कि भारत के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित भी है। भारत को स्पष्ट रूप से बोलना चाहिए, ज़िम्मेदारी से कार्य करना चाहिए और उपलब्ध हर कूटनीतिक माध्यम का उपयोग कर तनाव कम करने और संवाद को पुनर्स्थापित करने के प्रयास को बढ़ावा देना चाहिए।
भारत का 12 जून, 2025 को संयुक्त राष्ट्र में गाजा युद्धविराम पर मतदान से दूर रहना एक चौंका देने वाली नैतिक कायरतापूर्ण कृत्य है. यह हमारी उपनिवेशवाद विरोधी विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों के साथ शर्मनाक विश्वासघात है।
कभी भारत ने फिलिस्तीन के लिए मजबूती से खड़ा होकर इतिहास रचा था – 1974 में फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO) को मान्यता देने वाला पहला गैर-अरब देश बना, 1983 में नई दिल्ली में आयोजित 7वें गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) शिखर सम्मेलन में यासिर अराफात को आमंत्रित किया और 1988 में औपचारिक रूप से फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता दी। हमने न्याय के लिए रणनीति के तौर पर नहीं, बल्कि सिद्धांत के तौर पर खड़े होने का चुनाव किया था। लेकिन आज, वह गौरवशाली विरासत मलबे में तब्दील हो चुकी है।
आज भारत तेल अवीव के आगे झुक गया है, उन सिद्धांतों को छोड़कर, जिन्होंने कभी हमें दुनिया की नैतिक मूल्यों का दिशा देने वाला बनाया था। दिसंबर 2024 में गाजा में स्थायी युद्धविराम के पक्ष में भारत के मतदान से भी ज्यादा डरपोक पलटी इस मतदान से दूर रहना है, जिससे यह साबित होता है कि मोदी सरकार को न तो कुछ याद है, न ही किसी चीज के लिए खड़ी होती है, और सिर्फ फोटो खिंचवाने के पीछे भागती है, चाहे उसमें खून से सने हाथ मिलाने पड़ें।
एक भाजपा सांसद का हाल ही में फिलिस्तीन के समर्थन में भारत की भूमिका का महिमामंडन और इस मतदान से दूर रहाना,, पाखंड की पराकाष्ठा और सरकार की दोहरी विदेश नीति के रूप में उजागर करता है। एक ऐसी सरकार जो गाजा में बच्चों के जलाए जाने के बावजूद युद्धविराम के लिए वोट देने से डरती है, वह भारत या दुनिया को नैतिक दिशा और नेतृत्व देने के लायक नहीं है।
वैश्विक नेतृत्व चुप्पी और चापलूसी पर नहीं बनता। अगर हम चाहते हैं कि वैश्विक मंच पर हमारी आवाज़ मायने रखे, तो हमें सबसे जरूरी वक्त पर बोलने का साहस दिखाना होगा। हमारी ताकत हमेशा हमारी आवाज़ के नैतिक वजन से आई है। जब भारत विदेशों में निर्दोष जिंदगियों की रक्षा करने से इनकार करता है, तो हम वह नैतिक पूंजी गंवा देते हैं जो विदेशों में भारतीयों की रक्षा करती है।
जब इज़राइल पश्चिम एशिया को आग में झोंक रहा है – गाजा, वेस्ट बैंक, लेबनान, सीरिया, यमन और अब ईरान पर बमबारी कर रहा है – मोदी की मिलीभगत ने भारत की अंतरात्मा को छोड़ दिया है।
दुनिया सबसे ऊंची आवाज़ में बोलने वाले देश को नहीं सुनती, वह उस देश की सुनती है जो स्पष्टता, साहस और अंतरात्मा के साथ बोलता है। और भारत को कभी भी अपनी वह आवाज़ नहीं खोनी चाहिए।
Israel’s strikes on Iran is a reckless act of aggression that risks igniting a wider war. Coupled with the continued bombardment of #Gaza and suffering of Palestinian civilians, this violent path must be condemned.
The world must push for restraint, justice, and meaningful diplomacy.
#NoMoreWars
The Ahmedabad Air India crash is heartbreaking.
The pain and anxiety the families of the passengers and crew must be feeling is unimaginable. My thoughts are with each one of them in this incredibly difficult moment.
Urgent rescue and relief efforts by the administration are critical - every life matters, every second counts.
Congress workers must do everything they can to help on the ground.