देश के इन हालातों के लिए इस देश की मीडिया पूरी तरह जिम्मेदार है जिसने सत्ता की एक तरफा तरफदारी की और विपक्ष और देश के मुद्दों पर सवाल करने वालों को दुश्मन की तरह पेश किया।
आज YouTube मीडिया जर्नलिस्ट तक TV मीडिया को गलत कहते और रोस्ट करते दिख जाएंगे...
आज back to back paper leak हो रहे हैं, परीक्षाएँ cancel हो रही हैं, सरकार back foot पर है, असहाय महसूस कर रही है, मगर TV मीडिया और उनके so called बड़े anchors इस दर्द को अपना दर्द मानकर सरकार को बचाने के लिए बौखलाहट में कुछ भी बयान दे रहे हैं।नैतिकता भी कोई चीज़ होती है....
जैसा अंजना ने इस व्यवस्था में सबसे बड़ा दोषी YouTube Teachers को बता दिया और 2 कौड़ी तक का कह दिया.....यदि किसी व्यक्ति विशेष से असहमति थी तो उसका नाम लेकर आलोचना करती।
इसके लिए India Today @aroonpurie को और अंजना को सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफ़ी जारी करनी चाहिए, India Today के हर platform का boycott होना चाहिए और किसी भी शिक्षक को कभी वहाँ नहीं जाना चाहिए।
हमें 2 कौड़ी का कह देना उन छात्र समुदाय के दिल पर भी आघात है जो हमें गुरु मानते हैं...
अगर आज आप अपने घर में पढ़ रहे बच्चों से... सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बच्चों से पूछेंगे, तो हमारे योगदान को आपको बता पाएंगे...
पिछले 10 वर्षों से गणित पढ़ाने के साथ मैं बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रिया की खामियों, पेपर लीक और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ रहा हूँ।
माननीय मुख्यमंत्री जी पावर कारपोरेशन के अभियंता, कर्मचारी, संविदा कर्मचारी अपनी क्षमता से 5 गुना अधिक कार्य कर रहे हैं, बिजली कर्मी बिना रेस्ट के दिन रात कार्य कर प्रदेश की बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने का काम कर रहे हैं, वर्टिकल व्यवस्था और शीर्ष प्रबंधन की मनमानी से प्रदेश की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो रही है।
पावर कारपोरेशन का प्रबंध 3 साल से बिजली कर्मचारियों का उत्पीड़न पर उत्पीड़न कर रहा है और उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, किसी भी स्तर पर पिछले 3 साल से कर्मचारियों से ना तो माननीय ऊर्जा मंत्री द्वारा वार्ता की गई है और ना ही पावर कारपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन द्वारा वार्ता की जा रही है, पावर कारपोरेशन में शीर्ष स्तर पर तानाशाही चरम पर है।
राजधानी लखनऊ सहित कई महानगरों में पूंजीपतियों के इशारे पर वर्टिकल व्यवस्था लागू की गई है जबकि सभी कर्मचारी संगठनों ने पूर्व में ही कहा था कि वर्टिकल व्यवस्था से राजधानी की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर सकती है, लेकिन ऊर्जा प्रबंधन ने किसी की नहीं सुनी और इस व्यवस्था को जबरदस्ती तानाशाही पूर्वक लागू किया गया, इस व्यवस्था के लागू होते ही राजधानी लखनऊ में हजारों की संख्या में संविदा कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाला गया, सैकड़ो की संख्या में टेक्नीशियन, कार्यालय सहायक सहित योग्य एवं प्रशिक्षित कार्मिकों को लखनऊ से बाहर फेंका गया, कई अभियंताओं को अकारण ही निलंबित किया गया, साथ ही बिजली कर्मियों पर मनमाने आदेश थोपे गए।
पहले जहां प्रत्येक फीडर पर एक गैंग हुआ करती थी राउंड द क्लॉक तीन गैंग हुआ करती थी लेकिन आज सभी फील्डरों को मिलाकर एक उपकेंद्र पर मात्र एक गैंग है पूरे प्रदेश में लगभग 20000 संविदा कर्मचारियों को छटनी के नाम पर बाहर निकल गया है आज जो कर्मचारी बचे हैं वह अपनी क्षमता से 5 गुना अधिक कार्य कर रहे हैं जिस कारण कई संविदा कर्मचारियों की कार्य के दबाव व मानसिक तनाव के कारण दुर्घटना भी हो रही है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
आज पावर कारपोरेशन में लगभग 73000 नियमित स्वीकृत पद हैं इसके सापेक्ष वर्तमान में सिर्फ 29000 ही पद भरे हुए हैं 43000 से अधिक पद रिक्त पड़े हुए है पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की लापरवाही के कारण पिछले 4 वर्षों से किसी भी प्रकार की कोई नई भर्ती नहीं हुई है। इसके अलावा ऊर्जा प्रबंधन द्वारा पूरे प्रदेश में 2 वर्षों से तानाशाही रवैया बनाते हुए बिना किसी का पक्ष सुने बड़ी संख्या में निर्दोष अभियंताओं को निलंबित किया गया है, बड़ी संख्या में अभियंताओं को चार्जशीट देकर उनको पदोन्नति से वंचित किया गया है, ट्रांसफार्मर डैमेज पर मनमाने तरीके से नियम-10 नोटिस देकर निर्दोष अभियंताओं व कर्मचारियों के वेतन से कटौती की जा रही है, बिना किसी बात के कारण ही एडवर्स एंट्री के दंड दिए गए हैं, इन सबको देखते हुए बड़ी संख्या में अभियंता, कर्मचारी एवं संविदा कर्मचारी अपने आप को उत्पीड़ित महसूस कर रहे हैं, इसके बावजूद भी बिजली कर्मी प्रदेश वासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
आज अगर प्रदेश की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर रही है तो इसका जिम्मेदार सिर्फ पावर कारपोरेशन का शीर्ष प्रबंधन है और उसकी मनमानी नीतियों है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी आपसे अनुरोध है कि प्रदेश की जनता के व्यापक हित में पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, सभी बाहर निकाले गए संविदा कर्मचारियों को वापस लिया जाए, बिजली कर्मियों पर की गई उत्पीड़न की सभी कार्रवाइयों को समाप्त किया जाए, पिछले 4 वर्षों से रुकी हुई सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रारंभ की जाए, वर्टिकल व्यवस्था को समाप्त किया जाए ऊर्जा निगमों में बेहतर कार्य का वातावरण स्थापित किया जाए, जिससे सभी विद्युत व्यवधानों को कम से कम समय में दूर करते हुए प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करायी जा सके।
@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@spgoyal@UPGovt@UPPCLLKO@chairmanuppcl@aajtak@ABPNews@ZeeNews@News18India@ndtv@timesofindia@IndianExpress@TheEconomist@EconomicTimes
31,824 MW की पीक सप्लाई कर उत्तर प्रदेश ने इतिहास रच दिया है, यह प्रदेश और देश में अब तक की सर्वाधिक है।
तकनीकी/प्राकृतिक या मानवजनित कारणों से आ रहे स्थानिक व्यवधानों को हल करने के लिए हमारे विद्युतकर्मी दिन-रात निष्ठापूर्वक लगे हुए हैं।
आपका सहयोग प्रार्थनीय है।
@narendramodi@myogiadityanath@AmitShah@NitinNabin@mppchaudhary@idharampalsingh@UPPCLLKO@PVVNLHQ@KESCoHQ
#NayeBharatKaNayaUP
#GoodGovernance
#HumaraUP #VikasExpress
🔥 एक JE पर 4-5 पावर हाउस, दर्जनों फीडर, सैकड़ों ट्रांसफार्मर और हजारों उपभोक्ताओं का बोझ!
ऊपर से ब्रेकडाउन, स्टाफ की कमी और “नियम-10” के नोटिस!
सवाल यही है —
⚡ जनता को बिजली दें
या
📄 नोटिसों के जवाब लिखें?
45° गर्मी में फील्ड में डटे अभियंता, लाइनमैन और ईमानदार संविदा कर्मी ही व्यवस्था संभाले हुए हैं।
व्यवस्था को कागज नहीं, मैदान में पसीना बहाने वाले लोग चला रहे हैं।
#RVPJES #VERTICALFAILURE #POWERSECTOR
प्रदेश में 3करोड़ 80लाख उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप नियमित कर्मियों की भारी कमी है। पिछले पाँच वर्षों से TG-2,JE, AE क्लर्क संवर्ग में भर्ती नहीं हुई है।उन्होंने विद्युत सेवा आयोग के माध्यम से तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
आदरणीय मुख्यमंत्री जी @myogiadityanath विद्युत विभाग के CE,SE, EE द्वारा शासन के आदेश , UPPCL के निदेशकों के आदेशों की अवहेलना लिखित में कर रहे हैं जोकि कर्मचारी नियमावली 1956 के अंतर्गत कदाचार और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। ऐसे अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए
33/11 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र, महाराजगंज तराई क्षेत्र के अन्तर्गत 33 के0वी0 विद्युत लाइन के समीप आ रहे पेड़ों की कटाई/छटाई का कार्य किया जा रहा है कृपया सभी उपभोक्ता धैर्य बनाए रखें ’’अनुरक्षण माह’’
@EMofficeUP@UPPCLLKO@UppclChairman@mduppc@CEdevipatanZone
33/11 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र, महाराजगंज तराई क्षेत्र के अन्तर्गत 33 के0वी0 विद्युत लाइन के समीप आ रहे पेड़ों की कटाई/छटाई का कार्य किया जा रहा है शिवपुरा फीडर कृपया सभी उपभोक्ता धैर्य बनाए रखें ’’अनुरक्षण माह’’
@EMofficeUP@UPPCLLKO@UppclChairman@mduppc@CEdevipatanZone
यूपी की बिजली कंपनियों की रेटिंग में हुआ सुधार यह साबित करता है कि सुधार बिना निजीकरण के भी संभव है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी डिस्कॉम्स का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है, तो ऐसे में बिजली के निजीकरण से जुड़े सभी फैसलों पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा राज्य सरकार को करनी चाहिए।
प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या के सापेक्ष बिजली कंपनियों में मैनपावर का गंभीर संकट, तत्काल भर्ती आवश्यक वर्तमान में बड़े पैमाने पर संविदा कार्मिकों, चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों एवं अन्य सहयोगी कर्मचारियों की छटनी , जो उपभोक्ता सेवा के दृष्टिकोण से अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बहन सुश्री मायावती जी, को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! @Mayawati
नवीनतम कास्ट डाटा बुक केअनुसार नए कनेक्शन पर मीटर की कास्ट हुई लागू: स्मार्ट प्रीपेड मीटर शुल्क रु 6016 की जगह 2800 होते ही 1 किलोवाट 2 किलो वाट का जो नया बिजली कनेक्शन 6400 के ऊपर मिलता था अब वह पहुंचा 3198 अभी थोड़ा इसमें अंतर आएगा जब पूरी तरह से कॉस्ट डाटा बुक लागू होगी, ।
माननीय मुख्यमंत्री जी @myogiadityanath से अनुरोध है कि उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में 2016 के बाद नलकूप चालक (ट्यूबवेल ऑपरेटर) की कोई भर्ती नहीं हुई, जबकि विभाग में 11,608+ पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।
इन रिक्तियों को शीघ्र भरकर बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करें।
#नलकूप_चालक_भर्ती_जारी_करो
#TubewellOperatorBhartiDo
मा मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी जी सेआज उनके आवास पर मुलाकात कर ऊर्जा सेक्टर पर चर्चा करते हुए नव वर्ष की बधाई दी ऊर्जा सेक्टर में रिक्त पड़े पदों JE/AE/TG2व अन्य पदों की भर्ती तत्काल कराने व वित्तीय स्थिति में सुधार परजोर दिया। उपभोक्ता सेवा में सुधार तभी संभव।