@SamsungIndia@Samsung@consumerforum_@jagograhakjago He didn't gave me any satisfactory answer and left by saying that for repair u have to pay these charges.I raised my concern to samsung customer service and asked them that how a 1.5 years old product facing this issue repetadly but they aren't giving any resolution and help.
@SamsungIndia@Samsung@consumerforum_@jagograhakjago
Samsung delivered a faulty product facing repeatedly same issue after repair.
I Bought samsung double door refrigerator on jan 2025.
In oct 2025 i faced cooling issue so technician came and resolved the issue and told that
@SamsungIndia@Samsung@consumerforum_@jagograhakjago if it has gas leakage. But it has mild cooling so after that he changed his statement and said that it has choking issue again and told me an estimate of 3800 rs to clean and refill gas again.But i refused and asked the reason of choking and also how choking came again in 6 month
@smstelegram@telegram I am unable to login my telegram account since last 2 days. I think my account is compromised and someone has changed my mobile number and email id.Please help me asap so that any suspicious activity can't be done with my account.
संघर्ष समिति ने विद्युत नियामक आयोग से मांग की कि पावर कॉरपोरेशन द्वारा भेजे गए निजीकरण के दस्तावेज को निरस्त किया जाए : निजी घरानों की मिली भगत से तैयार किए गए दस्तावेज को अनुमति दी तो नियामक आयोग कार्यालय पर मौन प्रदर्शन
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष से मांग की है कि वह पावर कॉरपोरेशन द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु तैयार किए गए आरएफपी डॉक्यूमेंट को मंजूरी न दें और उसे निरस्त कर दें। संघर्ष समिति ने कहा है कि निजी घरानों की मिली भगत से तैयार किए गए आरएफपी डॉक्यूमेंट को निरस्त न किया गया तो मजबूरन बिजली कर्मियों को नियामक आयोग के कार्यालय पर मौन प्रदर्शन करना पड़ेगा।
संघर्ष समिति ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार को याद दिलाया है कि 05 अक्टूबर 2020 को जब वह उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष थे तब उन्होंने संघर्ष समिति के साथ एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें लिखा है कि बिजली कर्मियों को विश्वास में लिए बिना उत्तर प्रदेश में किसी भी क्षेत्र में बिजली का निजीकरण नहीं किया जाएगा। पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के दस्तावेज को मंजूरी देना इस समझौते का खुला उल्लंघन होगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आज यहां जारी बयान में कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु अवैध ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट ग्रांट थॉर्टन द्वारा बनाया गया आरएफपी डॉक्यूमेंट निजीकरण की आड़ में एक बड़ा घोटाला है। संघर्ष समिति ने कहा कि यह आरएफपी डॉक्यूमेंट पॉवर कारपोरेशन के अध्यक्ष और निदेशक वित्त निधि नारंग ने कुछ चुनिंदा निजी घरानों की मदद करने के लिए उनके साथ मिलीभगत में तैयार किया है।
संघर्ष समिति ने कहा कि इस आरएफपी डॉक्यूमेंट के अनुसार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की एक लाख करोड रुपए की परिसंपत्तियों को बेचने के लिए रिजर्व प्राइस मात्र 6500 करोड रुपए निर्धारित की गई है । इस प्रकार यह लूट का दस्तावेज है।
संघर्ष समिति ने मांग की कि विद्युत नियामक आयोग को निजीकरण के आरएफपी डॉक्यूमेंट पर बिजली कर्मियों का अभिमत जानने के लिए संघर्ष समिति से तत्काल वार्ता करनी चाहिए। संघर्ष समिति ने कहा कि पूरा का पूरा आरएफपी डॉक्यूमेंट एक मेगा घोटाले का दस्तावेज है।
संघर्ष समिति ने कहा कि जैसे पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों को बेचने के लिए रिजर्व प्राइस नगण्य कर दी गई है इसी प्रकार ए टी एंड सी हानियां बहुत अधिक दिखाकर आगरा शहर की बिजली व्यवस्था अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी के तहत टोरेंट पावर को दे दी गई थी। इसका परिणाम यह है कि टोरेंट पावर कंपनी प्रतिवर्ष 800 करोड रुपए का मुनाफा कमा रही है और पावर कारपोरेशन को लगभग 1000 करोड़ का घाटा हो रहा है। एक बार फिर मात्र 6500 करोड रुपए की रिजर्व प्राइस पर पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को बेचकर एक बड़े घोटाले की पृष्ठभूमि तैयार की गई है।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि विद्युत नियामक आयोग ने निजीकरण के आरएफपी डॉक्यूमेंट को निरस्त न किया तो विरोध दर्ज करने के लिए बिजली कर्मी नियामक आयोग पर मौन प्रदर्शन करने हेतु विवश होंगे।
संघर्ष समिति ने बताया कि पता चला है कि निदेशक वित्त श्री निधि नारंग ने निजीकरण से सम्बंधित 10 से अधिक फाइलों की छाया प्रति कराकर उसे अपने पास रख लिया है। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि यह सच है तो यह बहुत ही गंभीर बात है। संघर्ष समिति जुलाई से ही आरोप लगाती रही है कि निदेशक वित्त का कमरा सील किया जाए अन्यथा श्री निधि नारंग गोपनील दस्तावेज बाहर लेजाएंगे।
आज अवकाश के दिन विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के पदाधिकारियों ने आपस में विचार विमर्श किया और सभी जनपदों और परियोजनाओं पर व्यापक जन संपर्क कर निजीकरण के नाम पर हो रहे घोटाले और लूट से लोगों को अवगत कराया।
#stop_privatization_of_uppcl
#stop_victimization_of_uppcl_employees
@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@spgoyal@UPGovt@UPPCLLKO@yadavakhilesh@RahulGandhi@Mayawati@aajtak@ABPNews@ZeeNews@News18India@ndtv@timesofindia@IndianExpress@TheEconomist@EconomicTimes
@reliancejio@JioCare#JioAirFiber is a myth and as well as their customer services also. Applied for air fiber connection but no installation till now. Agent took 500 rs charge it's been more than a week,Calling him everyday but getting excuse of next day since last 1 week.
उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के विरोध में देश के 27 लाख बिजली कर्मी सड़कों पर उतरे : किसान संगठन और उपभोक्ता फोरम भी बिजली कर्मियों के साथ प्रदर्शन में सम्मिलित हुए :
@myogiadityanath@CMOfficeUP@UPGovt@aksharmaBharat@UPPCLLKO
@ChiefSecy_UP
जब बिजली विभाग को बेचने की तैयारी हो रही थी तब दो रास्ते थे...
एक तरफ़ चुप रहकर प्रबंधन की गुलामी स्वीकार कर लेना और दूसरी तरफ़ हज़ारों कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ना।
आदरणीय जीतेन्द्र सिंह गुर्जर साहब ने चुप रहना नहीं चुना।
उन्होंने वो चुना जिसमें मुकदमे थे, बदनामी की साज़िश थी लेकिन साथ में थे हज़ारों कर्मचारियों के भरोसे की ताकत।
सरकारी संस्थान बिकने से नहीं बचते... उन्हें बचाया जाता है। ऐसे ही नेतृत्व से हम गर्व करते हैं अभियंता संघ के महासचिव श्री जितेन्द्र सिंह गुर्जर पर।
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
@UPRVPAS
विद्युत नियामक आयोग पर निजीकरण के आर एफ पी डॉक्यूमेंट पर अभिमत देने के लिए निजी घरानों और पावर कारपोरेशन का दबाव: संघर्ष समिति ने नियामक आयोग पर मौन प्रदर्शन कर विरोध दर्ज किया और ज्ञापन दिया: उत्पीड़न और लेने देन के आरोप के घेरे में आए स्थानांतरण आदेशों के विरोध में वाराणसी में सत्याग्रह जारी:
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में आज सैकड़ो बिजली कर्मचारियों ने नियामक आयोग पर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज किया। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि निजी घरानों के दबाव में निजीकरण के आर एफ पी डॉक्यूमेंट पर विद्युत नियामक आयोग से अभिमत लेने की तैयारी है जिससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त हो गया है।
उधर बिजली कर्मियों के उत्पीड़न की दृष्टि से किए गए बड़े पैमाने पर ट्रांसफर एवं लेनदेन की बात वायरल होने के विरोध में आज वाराणसी में बिजली कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संगठन समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के आर एफ पी डॉक्यूमेंट पर विद्युत नियामक आयोग को तत्काल अभिमत देने के लिए निजी घरानों और पावर कारपोरेशन प्रबन्धन दबाव डाला जा रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि संभावना बताई जा रही है कि निजी घरानों के दबाव में विद्युत नियामक आयोग किसी भी समय अपना अभिमत पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन को दे सकता है।
इसके विरोध में आज सैकड़ो बिजली कर्मचारियों ने विद्युत नियामक आयोग के कार्यालय के मुख्य द्वार पर मौन प्रदर्शन किया। बिजली कर्मी अपने हाथ में तख्तियां लिए हुए थे जिसमें लिखा था कि "कारपोरेट के दबाव में निजीकरण स्वीकार्य नहीं स्वीकार्य नहीं।"
संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल निगम के निजीकरण हेतु इतना उतावला हो गया है कि पॉवर कारपोरेशन के अध्यक्ष निदेशक वित्त निधि नारंग के साथ मिलकर अधिकारियों पर गलत संस्तुति पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डलवा रहे हैं। यह जानकारी मिली है इसी दबाव के चलते पावर कारपोरेशन के डायरेक्टर फंड सचिन गोयल ने त्यागपत्र दे दिया है।
संघर्ष समिति ने कहा कि 22 जून को लखनऊ में होने वाली बिजली महापंचायत में निजीकरण से उपभोक्ताओं को और किसानों को होने वाले नुकसान की तो चर्चा होगी ही साथ ही निजीकरण के पीछे होने वाले मेगा घोटाले का भी पर्दाफाश किया जाएगा।
उधर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा बिजली कर्मियों के उत्पीड़न की दृष्टि से बड़े पैमाने पर हजारों की संख्या में किए गए स्थानांतरण आदेशों के विरोध में आज प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक और ऊर्जा मंत्री की बातचीत का ऑडियो वायरल होने के साथ ही ट्रांसफर आदेशों में लेनदेन की बात भी सामने आ गई है। ट्रांसफर घोटाले के विरोध में आज सैकड़ो बिजली कर्मियों ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया। बिजली कर्मचारियों के गुस्से से घबराए हुए प्रबंध निदेशक ने मुख्य द्वार पर ताला लगवा दिया। सैकड़ो बिजली कर्मी मुख्य द्वार पर ही बैठ गए हैं।
@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@UPGovt@UPPCLLKO@yadavakhilesh@RahulGandhi@Mayawati@aajtak@ABPNews@ZeeNews@News18India@ndtv@timesofindia@IndianExpress@TheEconomist@EconomicTimes
@delhivery Worst Courier ever,Did not deliver product on location and without any call or info marked delivery failed status. Very pathatic service,when i my self call them i was asked to pickup my order by my self or they will return it back again. @help_delhivery
@amazonIN very pathatic service by amazon. @delhivery courier service didn't deliver my product and returned back to seller. And now seller from @WakefitCo is not refunding my amount it's been about 10 days , i am calling again and again to amazon.
चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निजीकरण के नाम पर महा घोटाला होने जा रहा है इसके विरोध में शक्ति भवन पर"भ्रष्टाचार बंद करो, कुर्सी छोड़ो कुर्सी छोड़ो"के नारे के साथ शांतिपूर्वक रैली निकाली गई।देश की सरकारी संपत्तियों को ना बिकने देंगे,ना लुटने देंगे!
@UPPCLLKO