#JusticeForTeachers
जब हम सेवा में आए थे तो उस समय की सेवा सम्बन्धी सभी अहर्ताएं पूरी की थी । 2010 में सभी शिक्षकों को टेट क्वालिफाई करने का नियम लाया गया , 45 से 56 वर्ष की उम्र में शिक्षकों को अपनी नौकरी बचाने के लिए टेट परीक्षा उत्ती��्ण करने का आदेश अमानवीय है । इस आयु में व्यक्ति अपने निजी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं , विभागीय , पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों से जूझ रहा होता है । ऐसे में नौकरी जाने के भय से शिक्षक अवसाद में आ रहा है ।
#JusticeForTeachers
एक आग्रह (केंद्र सरकार और राज्य सरकार से)
आज शिक्षक वर्ग को टीईटी अनिवार्यता के प्रश्न पर असमंजस और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और मनोबल बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
हम सरकार से यह निवेदन करना चाहते हैं कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल एक परीक्षा से नहीं, बल्कि अनुभव, समर्पण और सतत कार्य से भी आँकी जानी चाहिए। जो शिक्षक आरटीई लागू होने से पूर्व विधिवत नियुक्त हुए, जिन्होंने वर्षों तक सफलतापूर्वक अध्यापन किया, उनके अनुभव और सेवा को एक झटके में कमतर आंकना न्यायोचित नहीं है।
तार्किक पक्ष यह कहता है कि यदि नियुक्ति के समय जो नियम प्रभावी थे, उन्हीं के आधार पर चयन हुआ, तो बाद में नियमों में संशोधन का प्रभाव पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायसंगत पुनर्विचार का विषय होना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और मनोबल बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
एक शिक्षक का आत��मसम्मान ही उसकी सबसे बड़ी पूँजी है। जब वर्षों की सेवा के बाद उसे अपनी योग्यता सिद्ध करने की नई बाध्यता के साथ खड़ा किया जाता है, तो उसके मन में असुरक्षा और पीड़ा स्वाभाविक है। यह पीड़ा केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की चिंता बन जाती है।
हम सरकार से टकराव नहीं, समाधान चाहते हैं। हम संवाद चाहते हैं, सहानुभूति चाहते हैं और ऐसी नीति चाहते हैं जो न्याय, संवेदनशीलता और व्यवहारिकता���तीनों का संतुलन बनाए।
आशा है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार शिक्षक समाज की इस गुहार को ��ंवेदनशीलता से सुनेगी और अतिशीघ्र ऐसा निर्णय लेगी जो शिक्षा की गुणवत्ता भी बनाए रखे और वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की भी रक्षा करे।
क्योंकि शिक्षक मजबूत होगा तो ही शिक्षा मजबूत होगी, और शिक्षा मजबूत होगी तो ही राष्ट्र सशक्त बनेगा।
- विपिन बिहारी
@DrDCSHARMAUPPSS
@UPPSS1921
@TFI_2025
सम्मानित शिक्षक साथी,
टेट अनिवार्यता के विरोध में TFI के बैनर तले
होने वाले संघर्ष के चरणबद्ध कम से अवगत होकर
प्रथम चरण में कल 22 फरवरी, रविवार दोपहर 2 बजे से ट्विटर अभियान में आप सभी अधिक से अधिक ट्वीट कर अपनी आवाज को बुलंद करने हेतु X ट्विटर का प्रयोग करें
@DrDCSHARMAUPPSS
#JusticeForTeachers
जब अधिकारों पर आंच आती ���ै, तो मौन नहीं — संगठित स्वर ही परिवर्तन लाता है
📢 आज, 22 फ़रवरी, दोपहर 2:00 बजे — ट्विटर (X) अभियान
अपनी आवाज़ को एक स्वर दें, अपनी एकता की ताक़त दिखाएँ।
@DrDCSHARMAUPPSS
@UPPSS1921
@TFI_2025
हैशटैग को लेकर कोई भ्रम न रहे और दो दो हैशटैग न चलें इसलिए हमने एक दिन पूर्व ही हैशटैग की घोषणा कर दी है लेकिन अभी भी साथी पुराने हैशटैग का पोस्टर या स्टीकर चला रहे हैं इसलिए सभी जिला और ब्लॉक के साथी फ़ोन से अपनी टीम को ��्पष्ट कर दें कि आज का हैशटैग
#JusticeForTeachers
है
*उसूलों पे आंच आए तो टकराना ज़रूरी है*
*जिंदा हो अगर तो जिंदा नजर आना जरूरी है*
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सम्मानित शिक्षक साथियों,आज हमारे सम्मान और जीविका पर डाका डाला जा रहा है।जब हमारे 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षक भर्ती हुए थे तो उन्होंने ��र्ती प्रक्रिया की योग्यता में मेरिट प्राप्त कर शिक्षक पद की गरिमा पाई थी।जब 2011 में नयी भर्तियों में टेट लागू किया गया तो पूर्व के साथियों को अलग इसीलिए रखा गया। किन्तु अब कुछ सरकार को यह अयोग्य प्रतीत होने लगे।कारण सिर्फ एक है बेसिक शिक्षकों को समाज में नकारा साबित कर उनकी नौकरी छीन ली जाए।
साथियों यह एक होकर हुंकार भरने का समय है,खुद के अपमान का प्रतिकार का वक्त है।यह साबित करने का सही समय है कि हमें जानबूझकर अयोग्य साबित किया जा रहा है।हम सब यह करेंगे और
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*आज X हैंडल पर दोपहर 2 से 4बजे तक*
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*#JusticeForTeachers*
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के हैशटैग को देश और दुनिया को सुनने और पढ़ने को मजबूर कर देंगे।हम बता देंगे कि शिक्षकों के साथ इस अन्याय को हम सहन नहीं करेंगे।
*शिक्षक एकता जिंदाबाद*
*TEACHER FEDERATION OF INDIA*
@PMOIndia
@DrDCSHARMAUPPSS
*TET अनिवार्यता के विरोध में सामयिक एवं ऐतिहासिक निर्णय*
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले होगा आंदोलन
जिले से लेकर दिल्ली तक संघर्ष की बनी रूपरेखा
शिक्षक एकता जिंदाबाद
डॉ 0 दिनेश चन्द्र शर्मा जिंदाबाद
Teachers Federation of India
*कार्यक्रम*
1-*22 फरवरी 2026 को अपराह्न 2से 4 बजे तक X/ट्विटर पर हैसटैग अभियान*
2-*23 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक विरोध स्वरूप सभी शिक्षक काली पट्टी बाधकर शिक्षण कार्य करेंगे*
3-*26 फरवर2026 को अपराह्न 1 बजे से 4 बजे तक संबंधित BSA कार्यालय पर धरना देकर BSA कार्यालय से DM कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए DM के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा*
4-*मार्च 2026 के तीसरे सप्ताह में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली करके भारत सरकार को ज्ञापन दिया जायेगा!
@PMOIndia@DrDCSHARMAUPPSS@RamMurtiThakur