उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।
दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बँटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं।
नफ़रत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। शांति के बिना विकास सिर्फ़ एक जुमला है।
हमें और दीपकों की ज़रूरत है - जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो पूरी ताक़त से संविधान के साथ खड़े रहें।
हम तुम्हारे साथ हैं भाई। डरो मत।
तुम बब्बर शेर हो। 🇮🇳
"अगर कोर्ट को लगता है कि संवैधानिक रूप से जेल मे रखने की जो सीमा है, उसका अतिक्रमण नहीं हुआ है,
तो संविधान के आर्टिकल 21 का उल्लंघन कब माना जाएगा??"
उमर खालिद और शरजील इमाम पिछले 5 सालों ���े बिना ट्रायल के जेल मे बंद है!
सुने रवीश कुमार जी को
#UmarKhalid