@AligarhRto@uptransportdept I have received the message from RTO Aligarh that a challan UP579260430130128 has been issued against my car UP16EA5660 on 2026-04-30. I am in noida and using car ,you made the challan for the Helmet of 2 wheeler of different vehicle .Refer pics
@AligarhRto@uptransportdept I have received the message from RTO Aligarh that a challan UP579260430130128 has been issued against my car UP16EA5660 on 2026-04-30. I am in noida and using car ,you made the challan for the Helmet of 2 wheeler of different vehicle .Refer pics
.@OfficialGNIDA ग्रेनो वेस्ट में ग्रीन बेल्टों की हालत लगातार खराब हो रही है। पेड़ पौधों को पानी नहीं मिल रहा, सूख रहे। ग्रीन बेल्ट मे जंगली झाड़ियाँ काफी बढ़ गई है। गौर चौक से सूरजपुर सेंट्रल वर्ज में बोगनवेलिया काफी बड़े हो गए हैं, काफी टहनियां बाहर निकल रही है। बोगनवेलिया के अलावा जितने भी अन्य पौधे हैं वह पानी ना मिलने से सूख रहे।
60m रोड गौर चौक से तिगड़ी और गौर चौक से सूरजपुर सेंट्रल वर्ज और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव हेतु निविदा ख़त्म हुए 6 महीने से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन अभी तक दुबारा टेंडर जारी करने के लिए एस्टीमेट तक नहीं बना है।
आखिर ऐसा क्यों है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग में उद्यान से सम्बंधित कोई वरिष्ठ प्रबंधक, उपमहाप्रबंधक नहीं है। जिन्हे हॉर्टिकल्चर के बारे में कुछ पता नहीं उन्हें यह कमान क्यों दे दिया गया है?
@RailwayNorthern@RailMinIndia Why train no 12003 is running so late ? We have connected flight from Delhi , is railways will compensate for too much delay ?
.@dgpup@PrashantK_IPS90@CP_Noida@Uppolice@noidapolice@OfficialGNIDA@myogiadityanath@myogioffice@DhirendraGBN@mansukhmandviya@CMOfficeUP@dmgbnagar@FitIndiaOff@PMOIndia@narendramodi सादर सूचनार्थ, चिन्तनार्थ एवं संज्ञानार्थ
ग्रेनो वेस्ट के 130m रोड पर आगामी 23 मार्च को @HCL_Foundation का Cyclothon होने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के Life Line 130m सड़क पर 24X7 भारी ट्रैफिक दबाव के बावजूद 27km सड़क को साइकिलिंग इवेंट के लिए अनुमति दी गई है, वहीं ग्रेनो वेस्ट के पहले 10KM मैराथन के लिए 60m रोड पर मात्र एक ओर के 2.5KM सड़क की अनुमति नहीं दी गई, जबकि इसी 60m सड़क पर 2021 में यथार्थ अस्पताल के Walkathon के लिए दोनों ओर की सड़के की अनुमति दी गई थी।
क्या गौतमबुद्ध नगर में सड़क पर खेल की अनुमति केवल कॉर्पोरेट बिज़नेस वर्ल्ड को ही दिया जाता है? पूर्व में नोएडा की सडकों पर राहगीरी का आयोजन शायद भूल गई नोएडा ट्रैफिक पुलिस।
हम किसी भी खेल आयोजन के खिलाफ नहीं, ज्यादा से ज्यादा खेल होने चाहिए और बढ़ावा भी मिलना चाहिए, परन्तु जिस प्रकार नोएडा ट्रैफिक डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने 10KM मैराथन के आयोजन हेतु 60m सड़क के सिर्फ एक तरफ़ के 2.5km देने में आनाकानी की उससे हम आहत हैं।
मैराथन पूर्व निरीक्षण पर आया ट्रैफिक इंस्पेक्टर मैराथन के आयोजन से पूरी तरह अनभिज्ञ थे, उनकी बातों से ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे उन्होंने कभी मैराथन देखा नहीं। बिना जानकारी वाले अधिकारी को निरीक्षण हेतु भेजना वरिष्ठ अधिकारियों की गलती है। दूसरी बात वह अधिकारी ग्रेनो वेस्ट में जाम की समस्याएं सोशल मीडिया पर उठाए जाने से बुरी तरह नाराज थें। अधिकारी ने साफ़ कहा आप लोग तो हर बात को सीधे ट्वीट करते हैं।
हमारी संस्था ने पूर्व में कई ट्रैफिक अवेयरनेस ड्राइव चलाए हैं, हमारे काफी सदस्य ट्रैफिक वालंटियर भी हैं, लेकिन नए वरिष्ठ अधिकारी और नए TI के काम का रवैया जनहित से ज्यादा खुद के आराम का है। आए दिन TI अपनी मर्जी और अपने आराम के लिए गोलचक्कर और सड़कें बंद कर सड़क किनारे आराम फरमाते हैं, जिसकी सीधी रिपोर्ट CP DCP तक नहीं पहुंचती। हमारे सदस्य रोजाना ट्रैफिक जाम से परेशान होकर अपनी परेशानी सोशल मीडिया पर व्यक्त करने को मजबूर हैं क्योंकि फिल्ड में मौजूद TI/TSI निवासियों की बिलकुल भी नहीं सुनते और ट्वीट होते ही वही TSI/TI हरकत में आ जाते हैं। फिर निवासी जाम की समस्या को सोशल मीडिया पर क्यों ना डालें?
ट्रैफिक अधिकारी को पता था कि सड़क टूटी हुई है फिर भी मैराथन के लिए 60m सीधी सड़क नहीं देने का रिपोर्ट लगाया क्योंकि 60m सड़क पर ट्रैफिक मैनेज करने के लिए ट्रैफिककर्मी लगाने पड़ते, मेहनत करनी पड़ती जो उन्हें नागवारा लगा। टूटी सड़क पर दौड़ते हुए कई बच्चे और बड़े घायल हुए। क्या ऐसे में ग्रेनो वेस्ट में अब कोई बड़ा खेल कूद आयोजन हो पाएगा? @DhaorAshni@Adityakripa@MeenakshiSTOI
ट्रैफिक पुलिस द्वारा सीनियर अधिकारियों को भ्रमित करने के लिए यह बताया जा रहा है कि सिर्फ 100 के करीब में लोग इस दौड में शामिल हुए थे। जबकि तीन वर्ग [10k/5k/3k ] के लिए कुछ कुछ समय के अंतराल पर लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रवाना किया गया था, जिसको वीडियो में भी देखा जा सकता है।
हमने अपने परमिशन में भी लगभग 500 से ज्यादा लोगों के शामिल होने और मौखिक तौर पर निरीक्षण के दौरान लगभग 700 लोगों के शामिल होने की बात कही थी तथा हमारे रिकॉर्ड के अनुसार आज के दौड़ में 1000 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे।
@dcptrafficnoida@ACPTrafficNoida@Noidatraffic@uptrafficpolice@DCPCentralNoida@CP_Noida@dgpup
तथ्य के लिए 10km, 5km और 3km के अलग-अलग समय के तीन वीडियो संलग्न कर रहा हूँ:-
क्यों जरूरत है!!
@Noidatraffic पुलिस को @dtptraffic पुलिस से सीखने की ज़रूरत:
@uptrafficpolice@CP_Noida@dgpup आपके संज्ञान के लिए:
पहली बार ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भव्य 10किमी दौड़ का आयोजन किया गया, लेकिन निराशा ये रही की ये आयोजन एक टूटी एवं असुरक्षित सड़क (बगल मे खुला नाला) पर किया गया जिस कारण कई सारे धावक घायल हुए। वजह सिर्फ यह था कि सर्वेक्षण करने वाले ट्रैफिक इंस्पेक्टर या यों कहें की ट्रैफिक डिपार्टमेंट अपने जिम्मेदारियो के निर्वहन की चुनौती से बचने के लिए 60मीटर वाली मेन रोड की सीधी सड़क 2.5km देने से मना कर दिया। वो भी तब मना कर दिया गया, जब तमाम स्कूल एवं कार्यालयों कि रविवार के दिन छुट्टी होती है और प्रातः काल सुबह 6:00 से 7:30 बजे के बीच में बहुत ही कम ट्रैफिक का मूवमेंट होता है।
इसी के विपरीत यहीं दिल्ली में हर हफ्ते कहीं ना कहीं मैराथन आयोजित होते रहता है, जहाँ ट्रैफिक पुलिस की सबसे बड़ी भूमिका रहती है उन सभी दौड़ प्रतियोगिताओं को सफल बनाने में जो की मुख्य मार्ग पर ही होती रहती है।
जिस तरह ट्रैफिक पुलिस का कहना है की यहाँ की जनता "ट्रैफिक को लेकर जागरूक नहीं हैं" ठीक उसी तरह ट्रैफिक पुलिस भी "स्वास्थ्य को लेकर जागरूक नहीं है" l ट्रैफिक पुलिस का ये रवैया देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी के, हाल में ओबेसिटी को लेकर जागरूकता अभियान पर मिट्टी डाल रहा है।
दौड़ के लिए, सड़क निरीक्षण करने आए ट्रैफिक इंस्पेक्टर का कहना था कि “दौड मैदान या स्टेडियम में होता है” उन्होंने फिर कहा “ये पहली बार सुन रहे कि लोग सड़क पर दौड़ेंगे”। इन्हें ये जानकारी नहीं थी कि दुनिया में कहीं भी लंबी दौड़ मैदान में नहीं सड़कों पर होती है, फिर चाहे वह दिल्ली में होने वाला मैराथन हो या फिर मुंबई में 42 किलोमीटर वाला मैराथन जो कि दुनिया का सबसे व्यस्त सड़क “मरीन ड्राइव तथा मुंबई वर्ली सी-लिंक” पर करवाया जाता है।
नेफ़ोवा संस्था क्षेत्र की ट्रैफ़िक पुलिस के साथ मिलकर जागरूकता अभियान तथा जाम से निजात के लिए लगातार काम करती आई है।
आज के दौड़ में नोएडा, गुड़गांव, दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद कानपुर से धावक आए थे। वो ऐसी सड़क पर दौड़कर क्या मेसेज लेकर गए होंगे?
हालांकि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा की एसीईओ @PrernaSinghIAS जी, डीसीपी @ShaktiAvasthy जी, एसीपी @2_noida जी ने हर संभव मदद कियाl इनके वजह से ही अल्प समय में वैकल्पिक मार्ग पर 10km दौड़ करवाना संभव हो पाया।
बाकी इन सब मामले पर इस क्षेत्र की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह जी अवगत नहीं होंगे जिसके कारण इतनी समस्याएं आई, परंतु हमारा मैडम से ही निवेदन होगा कि कृपया ट्रैफिक डिपार्टमेंट के अधिकारियों को थोड़ा जागरूक बनाएं जिससे भविष्य में इस तरह की दिक्कतो का सामना न करना पड़े।
अभिषेक कुमार
अध्यक्ष: नेफ़ोवा फ़ाउंडेशन
ग्रेनो वेस्ट में काफी संख्या में साइक्लिस्ट और धावक early morning सड़कों पर निकलते हैं। काफी दिनों से early morning पेट्रोलिंग बंद है, सड़कों पर @noidapolice कर्मी नही दिखते। कृप्या इसे पुनः सुचारू रूप से चालू करें @CP_Noida@DCPCentralNoida@Uppolice@dgpup@hemant_up
नोएडा का वीडियो वायरल : पति और पत्नी को जमकर पीटा, बाइक टच होने पर हैवान बन गया कार सवार , Video Viral @noidapolice#noida
Written by @Nitinparashar__
https://t.co/1yMv73vRlF
Hit and run incident today near Sparsh Global School Surajpur GBN
UP16AZ2007 Hit him badly and runaway.
Inform to the local police, please take strict action against this reckless driving
Victim name: Nand Kishore (9650570885) @noidapolice@Uppolice@uptrafficpolice
पर्थला फ्लाईओवर के नीचे का दृश्य । पालूशन बढ़ने का समय आ रहा ऐसे में इन उड़ती मिट्टी के जगह पे घास या टाईल्स लगाने की व्यवस्था करनी चाहिए जिससे सुंदरता में भी चार चांद लगे और पालूशन से भी बचा जाए ।
@CPCB_OFFICIAL@noida_authority@CeoNoida@nisharai_ggc@Noida7x
25 साल लगते हैं एक माँ को अपने बच्चे को बड़ा करने में और 25 सेकंड लगते हैं लापरवाह ड्रायविंग को उसकी ज़िंदगी समाप्त करने में।
~ इंद्रा चौधरी गठाला, सीकर
दिल्ली-नोएडा में इतनी बारिश नहीं हो रही है पर बाढ़ का प्रकोप बना हुआ है!! दरअसल, उत्तरी भारत यानी पहाड़ों पर पानी बरस रहा है और वहां की नदियों का पानी आकर दिल्ली में यमुना का जल स्तर बढा रहा है.. आलम ये है कि यमुना के रिवर बेड पर जो इलाके दिल्ली-नोएडा-ग़ाज़ियाबाद में बसाये गये हैं वहॉं पर अस वक्त त्राहिमाम है👇👇 … देखिये सैकडों कारों का क्या हाल किया है इस बाढ़के पानी ने👇👇