बारिश में कुत्तों का एक ग्रुप हिरणों को नौचने आ जाता है।ये पूरे रेगिस्त���न में हालात है वन्यजीवों को कुत्ते खत्म कर रहे है।आवारा कुत्तों की असंतुलित बढ़ती जनसंख्या वन्यजीवों को विलुप्ति के कगार पर पहुंचा रही है।किसानों द्वारा खेतों के तारबंदी और सरकारी सब्सिडी आग में घी का काम कर रही है।
जल्�� ही कुत्तों को नियंत्रित नहीं किया गया तो हिरण सिर्फ़ किताबों में बचेगें।
@DEFCCOfficial @ForestRajasthan @moefcc कृपया कुछ एक्शन लें
मनपसंद व्यक्ति चला जाता है तो सारे शोक मर जाते है आज मेरे मित्र गोडावणमैन ऑफ इंडिया स्व. @RadheBishnoi__ की प्रथम पुण्यतिथि है ओर उसकी यादें सालभर सताती रही है।
ईश्वर कभी किसी का जिगरी दोस्त ना छिने😔
जब जब वाजिद मांग के लिए आवाज उठेगी सभी मिलकर उठाएंगे 🙏
8:00 से ट्रेडिंग का समय है और 8 बजते ही देश में 10 नंबर पर रुझान में आ रहा है सभी से निवेदन है कि इसको एक नंबर पर लेकर आए, सरकार से निवेदन करें
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
नौकरी लगने पर सबसे बड़ा सहारा RGHS ही है, हर व्यक्ति यही सोचता है कि बीमारी में घर धुपता है कम से कम अब अस्पताल में तो महीने के हजार रुपए की कटौती से सुरक्षित रहेंगे।
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
निवेदन है कि RGHS से जुड़े अस्पतालों में कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक उपचार मिल�� और किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सभी साथी लिखें 👇👇👇👇
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
अभी मात्र 30 मिनट हुए हैं और देश में टॉप फाइव में चल रहा है,,,, सभी से निवेदन है कि लगातार लिखते रहें, पूरे विश्व में नंबर एक पर आना चाहिए क्योंकि यह पीड़ा है उन कर्मचारियों की जिनके साथ गलत कर रहे हैं अस्पताल वाले 💔💔🙌🙌
#RGHS_कर्मचारिय��ं_का_हक
जो बेरोजगार साथी तैयारी कर रहे हैं वह आज यह सोचकर साथ नहीं दे रहे होंगे कि यह तो कर्मचारियों का मैटर है हमें इससे क्या मतलब,,,, तो भाई जब आप कल को नौकरी लग के आओगे ना तब आपको याद आएगा 🙏🙌 संगठन में शक्ति है
आज शाम 8 बजे से ✌️🙏
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
पुलिस में 20 साल नौकरी पूरी करके स्वेच्छा से रिटायरमेंट लेकर जा रहे हवलदार को बहुत देर समझाने के बाद SP साहब ने पूछा, "सब कुछ तो मिल रहा है नौकरी में, तो फिर नौकरी छ���ड़कर क्यों जा रहे हो" ?
इस पर हवलदार ने सुंदर सा मार्मिक और दिल को लगने वाला जवाब दिया-
"सर,
जो आपने अपने सामने कुर्सीयां खाली रहते हुए भी, मुझे दो घंटे सावधान मे खड़ा करके समझाया है, बस इसलिए नौकरी छोड़कर जा रहा हूँ" ।
पिछले एक महीने पूरा सरकारी अमला जोजरी में प्रदूषण से मरते इन वन्यजीवों को अनदेखा कर पचपदरा जा रहा था।
डोली अराबा में सड़क के दोनों ओर तबाही का मंजर किसी को नहीं दिखाई दे रहा था सब के सब शीशे चढाकर निकल रहे थे।
भगवान सिर्फ इंसानों की नहीं सुनते सत्ता धारियों इन बेजुबानों की हाय जब लगती है तो अच्छे से अच्छे मुहूर्त धरे रह जाते है।
अब भी समय है इन बेजुबान को मौत से बचा लो।जिन नेताओं ने इनकी पुकार नहीं सुनी उनकी आज थू थू हो रही है।
कटती थार की तुलसी (खेजड़ी)ओर ओरण के रूप में छिनते वन्यजीवों के घर।यहां विकास सिर्फ एक प्रजाति को पसंद है इसलिए वे सत्ता के अहंकार में इन बेज़ुबानों की करूण कराहें इग्नोर कर रहे है।
भगवान तक पहुंच इन बेजुबानों की भी है।ये विरोध करने नही आ सकते है पर भगवान के न्यायालय में तो ये भी अर्जी लगाते होंगे।
ये सत्ता तो भगवान में,पाप ओर पुण्य कर्मों में बहुत आस्था रखती हैं तो मान लो ओर इन बेजुबानों की मौत के ऊपर से आंखे बंद करके जाकर उद्घाटन करना शायद मंजूर नहीं है ईश्वर की अदालत में।
धन्य है मरूधरा के इन वीरों को जो ओरण गौचर के लिए लड़ रहे है।
जो पहले लड़े उन्हें हम पूजते है पर जो साक्षात लड़ रहे है हम उनको समझ नहीं पाए है
असल में हमें अभी साथ देने की ज़रूरत है बाद में पूजने से ज्यादा।
मेरा भी बड़ा मन था कि जयपुर में इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनू पर परिवार में विशेष परिस्थितियों से ना जा पाया हूँ
मेरे जैसे वन्यजीव संरक्षण कर्ता को हमेशा मलाल ही रहेगा
ओरण ही थार के जंगल है ओर राजस्थान के सारे स्टेट सिंबल थार से है।
राज्य पशु चिंकारा ओर ऊंट थार से है
राज्य पक्षी गोडावण थार से है
राज्य वृक्ष खेजड़ी थार से है
राज्य पुष्प रोहिड़ा थार से है।
ओर ये सब ओरणों पर निर्भर ह��� सरकार इतनी पागल है कि ��जट में हर गॉंव में वनभूमि विकसित करने की बात करती है पर ओरण जो हमारे पूर्वजों ने वनभूमि के रूप में छोड़ रखे थे उन्हें खत्म कर रही है।
#ओरण_बचाओ_गाय_बचाओ