प्रदर्शन ख़त्म हो गया, मीडिया के कैमरे चले गए, उसके बाद सूने पड़े जंतर मंतर की सफाई की सेवा इस तरह की गई। इससे पार्टी को वोट नहीं मिलना क्योंकि सड़कें वोट देने नहीं आतीं, लेकिन शाबाशी तो मिलनी चाहिए @CongressSevadal के कार्यकर्ताओं और संगठक @srinivasiyc को
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को आप लोगो ने नहीं सुना तो सब बेकार है ,
इस युवा लड़की नेहा बोरा ने सभी को दीवाना कर दिया , आज पूरा विपक्ष इस लड़की की तारीफ कर रहा है
ये तो अभी शुरुआत हुई है, पिछले बारह सालों से जो भय व्याप्त था,उसे भारत के युवाओं ने समाप्त कर दिया है।
ये उन सभी नौजवानों की,भारत के संविधान में, लोकतंत्र में,शिक्षित समाज के निर्माण में विश्वास रखने की जीत है।
@RahulGandhi@yadavakhilesh@OfficeofUT@MamataOfficial
ये सिर्फ एक इस्तीफ़ा नहीं, अहंकार की पहली हार है।
इस जीत ने साबित कर दिया कि संघर्ष बेकार नहीं जाता, सत्ता कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, जनता की आवाज़ उसे झुकाने की ताकत रखती है।
ये अंत नहीं, शुरुआत है अभी कई लड़ाइयाँ बाकी हैं, कई जीतें अधूरी हैं लेकिन आज की जीत आने वाले हर संघर्ष की प्रेरणा बनेगी।
संघर्ष जारी रहेगा।
पुलिस का दावा है कि फेसियल रिकॉग्निशन से 2,500 से अधिक “क्रिमिनल रिकॉर्ड” वाले लोग प्रदर्शन में मिले। अगर यह सच है, तो इतनी कड़ी सुरक्षा, धारा 163, बंद मेट्रो, इंटरनेट बंदी और भारी बैरिकेडिंग के बावजूद वे संसद क्षेत्र तक कैसे पहुँचे? और अगर दावा गलत है, तो क्या हज़ारों छात्रों और नागरिकों को बिना सबूत अपराधी बताया जा रहा है? दोनों ही स्थिति में जवाब केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को देना होगा।
पश्चिम बंगाल में भी छात्र और पुलिस जवान आपस में लड़ रहे है
देश के युवाओं और देश को जवानों को आपस में लड़ाकर ये सरकार AC में बैठकर मजे कर रही है
पूरे देश को आग में झोंक देंगे लेकिन एक निकम्मे मंत्री का इस्तीफा नहीं लेंगे
"प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधे AK-47 से फायरिंग की"
◆ RJD नेता तेजस्वी यादव ने साझा किया वीडियो
◆ उन्होंने लिखा, "सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग की, AK-47 से भी फायरिंग की गई, जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती है, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो"
#TejashwiYadav | Tejashwi Yadav | #Bihar | Bihar | #StudentProtest
जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की ख़बर वायरल हुई, तो कनॉट प्लेस के मैकडॉनल्ड्स का नज़ारा कुछ ऐसा था।
पूरी भीड़ "इंकलाब ज़िंदाबाद" के नारे से जोश में आ गई।
रोंगटे खड़े कर देने वाला पल... 🔥
धरने पर यह कुछ यूट्यूब मीडिया चेनलों वाले नहीं होते तो देश की टीवी गोदी मीडिया इन प्रदर्शनकारियो को देशद्रोही आंतकवादी घोषित कर देती और इस आंदोलन को प्रथम चरण में ही खत्म कर देती !
इन सभी पत्रकारों ने सच पूरे देश को दिखाया, इनके नाम याद रखिये इनके चेहरे याद रखिये ये जब भी आपके सामने आयें तो इन्हें धन्यवाद जरुर दीजिये !
राजीव रंजन - अब तो खुशी खुशी घर जाओगे अब तो इस्तीफा हो गया!
छात्रा - अरे अब तो नरेंद्र मोदी का इस्तीफा भी लेंगे. हमें एजुकेशन में रिफॉर्म्स चाहिए. हमें व्यवस्था में परिवर्तन चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होगा हम बार-बार आंदोलन करेंगे.
#MahaulKyaHai#PradhanResigned
भूल तो नहीं गए मित्रों?
भाजपा आपके बच्चों को गंजेड़ी बनाना चाहती है, आपके बच्चों का ये मुस्तकबिल तय किया है भाजपा ने
शिक्षा, रोजगार, नौकरी देने में अक्षम भाजपा के पास युवाओं को देने के लिए सिर्फ गांजा है?
राहुल गांधी की होम मिनिस्टर अमित शाह को लिखी चिट्ठी का हिंदी अनुवाद✍️📮
----------------------
प्रिय श्री अमित शाह,
मैं दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई बर्बर हमले के लिए जवाबदेही की मांग करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूँ।
हमारे छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर अंधाधुंध बल प्रयोग किया, जिसमें जानलेवा हथियार और आंसू गैस शामिल थे। सैकड़ों छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। महिला छात्रों पर पुलिसकर्मियों ने हमला किया, जिसमें जानबूझकर उनके निजी अंगों को निशाना बनाया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात जानलेवा पैलेट गन का इस्तेमाल रही है। मीडिया और सोशल मीडिया की रिपोर्ट्स में स्पष्ट रूप से उन लोगों को दिखाया गया है जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है। मैंने 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचाब से मुलाकात की, जो अब बहुत दर्द में है और पैलेट गन से गोली लगने के कारण एक आंख खोने की आशंका है।
दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल अंततः आपके अधीन हैं, इसलिए मैं पूछता हूँ:
1- गृह मंत्री के रूप में, क्या आपने छात्रों के खिलाफ पैलेट गन सहित जानलेवा बल के इस्तेमाल को मंजूरी दी थी? यदि नहीं, तो किसने दी❓
2- छात्रों को लाठियों से पीटते हुए दिखे सादे कपड़ों वाले लोग पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक? उनकी तैनाती किसने अधिकृत की❓
किसी भी लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन बेहद जरूरी है।प्रदर्शनकारियों की रक्षा करना और संवाद के जरिए उनकी शिकायतों का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसी क्रूर हिंसा हर मानदंड को नष्ट कर देती है और पूरे देश को आक्रोशित कर दिया है। युवा और छात्र, जो हमारे देश का भविष्य हैं, जवाब और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनकी आवाज सुनी जाएगी।
सादर,
राहुल गांधी
10 जनपथ, नई दिल्ली - 110011
अब युवाओं को यह चुनौती आ चुकी है पुलिस को लेकर हर कोई देख लो हैरान हो जाओगे।
चेहरा स्कैन करके युवाओं का आपराधिक रिकॉर्ड जांच किया जा रहा है जिसका पहले से अपराधिक रिकॉर्ड हैं दंगा करने का उपद्रव करने का उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है ।।
यह चुनौती @CJP_for_India के लिए बहुत बड़ी दिक्कत खड़ी करेगी अब क्योंकि CJP वाले भी आपराधिक रिकॉर्ड वालो का सपॉर्ट करते हैं तो उल्टा cjp वालो के खिलाफ कार्यवाही होगी कि तुम जानबूझकर ऐसे आपराधिक मामले वालो से उपद्रव करवाये हैं।
बहुत दिमाक से खेल रही है पुलिस अब भाजपा का गुस्सा अब बदले की भावना में है और यह कही युवाओ के भविष्य को लेकर काफी महंगा पड़ने वाला है देखते जाओ
भाजपा का कार्यकर्ता हूं, किस बात का ट्रोल मांग रहे हो, ट्रोल तुम्हारे बाप का नहीं है, हमारी सरकार का है।
सरकार नया कानून बना देना चाहिए, जिसमें भाजपा समर्थकों का ट्रोल न लगे।