तुम फ��ल सी कोमल
मैं कठोर सख्त काँटे सा
तुम हो बहती दरिया
मैं निखद्द पत्थर सा
कैसे मिलन अपना हो हे प्रिय
तुम मीठी फुहार हो सावन की
मैं निर्जन रूखा पतझड़ सा
#उपमा_अलंकार_प्रयोग
#स्वरा
@INCIndia का पाप अब दिखने लगा है। इससे पहले की पड़ोस वाली ऑन्टीयां कानाफूसी शुरू करे, सड़ जी को कांग्रेस से निकाह(गठबंधन) फरमा लेना चाहिए।
@ArvindKejriwal