मुझे गर्व है कि मैं BSP का कार्यकर्ता हूँ और आदरणीय बहनजी के निर्देशन में मिशन और मूवमेंट के सिपाही की तरह काम कर रहा हूँ.बहनजी ने हमेशा बहुजन समाज के हित के बारे में ही सोंचा है और यही कारण रहा है की जब भी मौका मिला राज्य सभा और एमएलसी चुनाव में भेजने का तब गरीब बहुजन समाज के लोगों को राज्य सभा में सांसद और विधानसभा में एमएलसी बनाने का काम किया कभी भी उद्योगपतियों के इशारे पर या उद्योगपतियों को राज्यसभा में सांसद बनाकर नहीं भेजा.ना ही कभी धन्ना सेठों से चंदा लिया.हमें आदरणीय बहनजी पर गर्व है.
பகுத்தறிவு பகலவன் தந்தை பெரியார் அவர்களின் 148-ஆவது பிறந்த நாளை முன்னிட்டு அண்ணா சாலை சிம்சன் அருகேயுள்ள தந்தை பெரியாரின் திருவுருவச்சிலைக்கு அருகே பெரியாரின் திருவுருவப்படத்திற்கு கழகத்தலைவர் @mkstalin அவர்களுடன் இணைந்து மரியாதைச் செலுத்தினோம்.
பெரியாரின் கொள்கைகளை வென்றெடுப்போம் - சமூக நீதி காப்போம்!!
#சமூகநீதிநாள் #SocialJusticeDay #PeriyarForever
தமிழர் தலைமுறை தலைநிமிரப் பாடுபட்ட பகுத்தறிவுப் பகலவன் தந்தை பெரியாருக்குப் புரட்சி வணக்கம்!
பல தலைமுறைகள் ஆதிக்கத்துக்குப் பணிந்தன.
ஒரு தலைமுறை பெரியார் நிகழ்த்திய புரட்சியைக் கண்டது.
பல தலைமுறைகள் அதன் மாற்றத்தைக் காண்கின்றன.
ஆனாலும், ஆதிக்கம் இன்னும் முற்றாக அகலவில்லை. அதனை அடையாளம் காண வேண்டியது வரும் தலைமுறைகளின் பொறுப்பும்கூட!
வெளிச்சமற்ற இடம் இருள்; கேள்விகளற்ற சமூகம் அதைவிடப் பேரிருள்.
“ஏன்? எதற்கு? எப்படி?” என்ற கேள்விகள் உயிரோடு இருக்கும் வரை, இருள் நம்மை அண்டாது.
பெரியார் ஏற்றிய பகுத்தறிவுச் சுடர், தலைமுறைகள் கடந்து ஒளிரட்டும்!
#சமூகநீதிநாள் #SocialJusticeDay #PeriyarForever
जिंदगी में स्पीड ब्रेकर्स आएँगे, रास्ते धुँधले होंगे, लेकिन अगर आपके इरादों में ज़िद और दिल में महत्वाकांक्षा है, तो सफलता निश्चित है।
समय सभी के पास बराबर होता है, फर्क सिर्फ इतना है कि आप अपनी प्राथमिकताएँ किसे चुनते हैं। खुद पर विश्वास रखिए, माता-पिता और गुरुओं का आशीर्वाद साथ रखिए और अपने सपनों को सच करने के लिए आगे बढ़ते रहिए।
#FocusOnGoals #YouthLeaders
आरक्षण के खिलाफ जीतन राम मांझी बयान दिया. जीतन राम मांझी वही भाषा बोल रहे जो आरक्षण विरोधी हर्ष मिश्रा बोल रहा है.
जीतन राम मांझी को चिराग पासवान ने जबरदस्त जवाब दिया.
इसके बाद ओम प्रकाश राजभर से आरक्षण के खिलाफ बयान दिलाया जा रहा है.
जीतन राम मांझी और ओम प्रकाश राजभर का सवर्ण जातियों के ओवर रिप्रजेंटेशन पर मुंह नही खुलता.
आरक्षण के समर्थन में अब तेजस्वी यादव आगे आए हैं. तेजस्वी यादव ने 75% आरक्षण की मांग की और कहा 75% आरक्षण को संविधान की 9वीं सूची में शामिल किया जाए.
तेजस्वी यादव ने 75% क्या 85% आरक्षण लाया गया तो RJD समर्थन करेगी.
जिन राजनेताओं ने आरक्षण के खिलाफ बयान दिया है उनकी राजनीति खत्म हो जानी चाहिए. बहुजन समाज को इन नेताओं की दुकान या छोटी राजनीतिक पार्टी को एक वोट नही मिलना चाहिए.
𝐁𝐉𝐏-𝐑𝐒𝐒 और 𝐍𝐃𝐀 घोर आरक्षण विरोधी है। इसलिए इनकी सरकार में:-
👉 देश के विश्वविद्यालयों में 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के कुल 𝟏𝟎 कुलपति भी नहीं है।
👉 भारत सरकार के सचिवों में 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के कुल 𝟏𝟎 सचिव भी नहीं है।
👉 उच्च न्यायालयों में 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के कुल 𝟏𝟎 न्यायाधीश भी नहीं है।
इन क्षेत्रों में देश की 𝟗𝟎 नब्बे फ़ीसदी आबादी का 𝟏𝟎 प्रतिशत भी प्रतिनिधित्व नहीं है। इससे स्पष्ट है कि यह सरकार या तो यह मानती है कि 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों की 𝟗𝟎% आबादी के लोगों में कोई प्रतिभा और योग्यता नहीं है, अगर प्रतिभा/योग्यता है तो उन्हें अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा?
क्या कुलपति का चयन ये लिखित परीक्षा से करते है? बाबा साहेब के संविधान में इन्हें समानता और आरक्षण का अधिकार मिला तो अब ये भाजपाई उन अवसरों को समाप्त कर रहे है। 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के आरक्षित कोटे की लाखों नौकरियां रिक्त क्यों है?
दलित-पिछड़े वर्गों का वोट लेकर 𝐁𝐉𝐏-𝐑𝐒𝐒 की गोद में बैठे नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, अनुप्रिया पटेल, राजभर, निषाद, सुदेश महतो जैसे लोग और उनकी पार्टियां वंचित वर्गों की दुश्मन है।
गरीब से गरीब जिनके पैरों में चप्पल न हो जिनके बदन पर स्वेटर न हो उनको मंत्री विधायक सांसद बनाने वाले Bamcef DS4और BSP के संस्थापक युग पुरुष मान्यवर श्री कांशीराम साहब की जयन्ती पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। मान्यवर साहब अमर रहें !! @bhanwarmegh@AnandAkash_BSP@KraantiKumar
संविधान में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण केवल अवसर का प्रावधान नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और असमानता के विरुद्ध सामाजिक न्याय का सुरक्षा कवच है।
ऐसे में SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ या उप-वर्गीकरण (Sub-classification) की मांग सामाजिक न्याय के मूल उद्देश्य को कमजोर करने वाली है। जो लोग इसका समर्थन करते हैं, उन्हें पहले स्वयं आरक्षण का लाभ छोड़कर एक नैतिक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
जब तक समाज में भेदभाव और असमानता कायम है, तब तक वंचित एवं शोषित वर्गों के अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा की हमारी लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रहेगी : @iChiragPaswan
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने मानवतावादी, कल्याणकारी व सभी जाति-धर्मों के मानने वालों को एक-समान समतामूलक अधिकार देने वाला सेक्युलर संविधान देकर पूरे देश को एक कड़ी में जोड़ कर सशक्त भारत बनाने की गारण्टी सुनिश्चित की है और इसके तहत् सभी धर्म के ग्रंथों व उनके धार्मिक रीति-रिवाज व मान्यताओं के आधार पर शान्त एवं सुखी जीवन जीने का अधिकार है, जिसकी अनदेखी करने व उसमें दख़ल देने के बजाय सभी को उसकी पवित्रता का सम्मान करना चाहिये।
2. इस क्रम में महिलाओं की अस्मिता, सम्मान व पर्दा आदि के ज़रिये अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा जैसे मामलों को उसकी उसी संवेदनशीलता से देखना चाहिये और जहाँ तक स्कूलों में यूनीफार्म, पर्दा, चादर, हिजाब आदि पहन्ने का मामला है, तो इन मामलों को ज़्यादा तूल देकर कोर्ट-कचहरी में विवाद का क़ानूनी मुद्दा बनाने के बजाय, उन्हें स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन व शासन-प्रशासन की आपसी समझ व सूझबूझ से सुलझा लेना चाहिये ताकि किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौक़ा ना मिल पाये।
3. जबकि बी.एस.पी. सर्वसमाज के सम्मान व उनके जान-माल व मज़हब की सुरक्षा की गारण्टी वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है और यही मानना है कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ व धार्मिक प्रचलन/मान्यताओं के संवेदनशील मामलों पर सभी लोग टीका-टिप्पणी करने से बचें तो यह देश व जनहित में होगा।
4. इसके साथ ही, यूपी के ज़िला बदायूँ में भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर जारी विवाद व तनाव की स्थिति को शासन-प्रशासन तुरन्त इसका शान्तिपूर्ण व उचित समाधान निकाले तो यह उचित होगा।
कुछ प्रश्नों का उत्तर समय देता है,कुछ आरोपों का उत्तर चरित्र देता है,
कुछ संदेहों का उत्तर निरंतर कर्म देता है
और कुछ लोगों को कोई उत्तर कभी संतुष्ट नहीं कर सकता..इसलिए
परिपक्व व्यक्ति यह पहचानना सीख जाता है कि कहाँ शब्द आवश्यक हैं और कहा मौन सबस प्रभावशाली उत्तर है..
गरीबों के उपचार हेतु अस्पताल के लिए अपनी 30 बीघा जमीन सरकार को दान
में देने वाले बसपा के लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के निधन की खबर सुनकर बहुत आहत हूँ. दुख की इस घड़ी में
शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं.🎉💐
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन से जुड़े आरोपों पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे उनके खिलाफ बीजेपी की साजिश बताया. उन्होंने कहा कि असली खेल मुख्यमंत्री बदलना, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री को हटाना है. इन दो के बाद यूपी के मुख्यमंत्री को भी हटाना है. पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "मोहन यादव को बदनाम करने के लिए बीजेपी ने साजिश की है. अगर मोहन यादव पर ये आरोप है तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तो 300-600 एकड़ जमीन ली है. ये कोई नई बात नहीं है. वे पहले रियल स्टेट का काम करते थे. क्या भाजपा ये नहीं जानती? ये आरोप इसलिए लग रहा है कि भाजपा रास्ता ढूंढ रही है कि 3 मुख्यमंत्री कैसे बदलें. वे मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं इसलिए आरोप लगवा रहे हैं."
#AkhileshYadav #SamajwadiParty #MohanYadav #MadhyaPradesh #BJP #UP #ABPNews
Yeh ladka bahut talented hai.
Kya woh abhi bhi Nainital ki sadkon par kaam kar raha hai?
Main na sirf uski padhai mein madad karna chahta hoon, balki jaadu mein uski dilchaspi ko bhi badhava dena chahta hoon.
Kyon na woh duniya ke behtareen jaadugaron mein se ek bane?
Kya koi mujhe usse aur uske mata-pita se sampark karne mein madad kar sakta hai?
(Video: courtesy @Murti_Nain )