Markets rerate sectors for a while, but that phase doesn’t last forever as money is not infinite . Once the rerating wave is over, money rotates to other sectors where there r catalysts . Beginners often hold on too long better to move with the flows.
Auto Sector Rotation Timeline
Q3 FY25: Early signs of rotation, but most were skeptical.
Q4 FY25: Momentum continued, confirming trend.
Now (FY26): Govt is fueling the cycle with GST cuts logical, since auto creates massive direct & indirect employment.
Lesson: Track earnings + track newsflow → policy support can be the biggest tailwind.
many were trading 15-20 now at 25-35 P/E
मंगेश यादव के मुद्दे पर आसमान सर पर उठा लेने वाले अखिलेश यादव पैंगबर मोहम्मद की बेइज़्ज़ती पर एकदम ख़ामोश हैं
सपा का पूरा अस्तित्व ही मुस्लिम वोट पर टिका है पर अखिलेश फिर भी ख़ामोश हैं और किसी मुस्लिम नेता ने इस ख़ामोशी पर आवाज़ नहीं उठायी
मुसलमान सपा के हाथों बंधक हो चुका है
@nethrapal Are you kidding? Due to Laxman yadav, OBC respecting Dr Ambedker.
You are wrong here, Mr Laxman is famous due to Ambedker it's.
OBC respects Dr Ambedker due to Manywer Kanshiram.
@AanshulSadaria@_ambedkaritee Anshul he may not be a ambedkarite. He is someone else behind the account to humiliate ambedkarite. How can we trust someone online. A true ambedkarite never belittle any religion. Respect every religion.He is here to say ,that see Ambedkar followers are like this. He is a fake.
सीधी बात नो बकवास।
जो अप्रत्यक्ष तौर पर पर्दे के पीछे से खेल को अंजाम दे रहे लोगो की कठपुतली बनकर अनुसूचित जाति को राजनैतिक शक्ति से बाहर करना चाह है वो अपना बोरिया बिस्तर लेकर बसपा से दफा हो जाये।
बसपा बुद्धिजीवियो, एकता स्थापित करने वाला व दलितो को एक समूह बनाकर उन्हें राजनीति में दवाबकारी समूह बनाने वाला मूवमेंट है, जिसमे एक प्रतिशत तो छोड़िए एक प्रतिशत का भी एक प्रतिशत मिलावट मंजूर नही है।
बसपा पार्टी बादमे एससी/एसटी को राजनीति के केंद्र में लाकर खड़ा करने वाला मूवमेंट पहले है। आरक्षण को केवल सरकारी नौकरी तक सीमित करना मूर्खता है क्योंकि वो 100 में से केवल 1 व्यक्ति को भी नही मिलती जैसे;
""हरियाणा की कुल 2 करोड़ 70 लाख जनसँख्या में 65 लाख एससी है जिसमे केवल 40 हजार पदों पर एससी सरकारी नौकरी कर रहे है अथार्त एससी का केवल दशमलव 70%(00.7%) ही नौकरी में है और अगर सम्पूर्ण जनसँख्या का निकाले तो लगभग दशमलव 20 (00.2%) ही निकलेगा"
इसलियर हमारी तो छोड़िए, बाबा साहब तक ने सरकारी नौकरी के लिए लड़ाई नही लड़ी क्योंकि वो शासन में एससी/एसटी को प्रभावशाली बनाना चाहते थे क्योंकि जिसका नियंत्रण या दवाब शासन पर होगा उसकी सम्पूर्ण जनसँख्या प्रभावित होगी और उसे मनोबल मिलेगा।
इसलिए जो अदृश्य शक्तियां पर्दे के पीछे से अनुसूचित जाति को शासन पर दवाबकारी समूह से एससी/एसटी को हटाना चाहती है उनका मंसूबा हम जानते है इसलिए कह देते है कि उनका साथ दे रहे;.."
"जल्द से जल्द बोरिया बिस्तर लेकर बसपा से निकल लो क्योंकि बहुजन मूवमेंट का लक्ष्य सीधा और स्पष्ट है जिसमे मिलावट मंजूर नही। "
विकास कुमार जाटव
तिलक तराजू और तलवार वाला नारा बहन जी ने कभी लगाया ही नहीं।
फिर कौन लोग है जो यह झूठा प्रोपगेंडा फैलाया ??? ये लोग बसपा के लोकप्रियता से घबरा गए है। सुनो नफरती
फेक प्रोपगेंडा फैलाकर किसी को बदनाम करना बंद करो।