5.5 साल की हाड़-तोड़ मेहनत, दिन-रात की तपस्या और देश की सेवा का संकल्प... सब धरा का धरा रह गया, जब पता चला कि 62 सीटों की वैकेंसी में जनरल कैटेगरी के लिए सिर्फ़ 2 सीटें हैं। क्या यही है मेरिट का सम्मान? @narendramodi
पूरी योग्यता तो खत्म करके मानेंगे!
न तो ब्राह्मण ने आपको दलित बनाया, न क्षत्रिय ने... आपको दलित संविधान ने बनाया है।
~ डॉ. पुष्पा दीक्षित जी
यह बात सिर्फ एक शिक्षक की नहीं, सच की है। जाति व्यवस्था को दोष देते रहो...लेकिन नामकरण और आरक्षण का पूरा ढांचा तो संविधान ने ही खड़ा किया है।
Government of India is destroying MERITOCRACY.
Total vacancies: 62
General Category seats: Just 2.
Imagine spending 5.5 years studying to become a doctor dedicating your life to serving the nation only to find that just 2 out of 64 seats are available to your category.
कुल सीटें - 62
- UR (General): सिर्फ 2 सीटें 🥱
- EWS: 3
- OBC: 25
- SC: 24
- ST: 8
बताओ इस आरक्षण को क्या नाम दिया जाएगा? मतलब आपको योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहा है तो उसके लिए जीवन पर्यन्त वह सीटें खाली रहेगीं?
जबकि UR पर सबकी बपौती है।
सरकारी सिस्टम किस तरह आम इंसान को परेशान करता है, समझ लीजिये
पटवारी की मासिक सैलरी - 40000
तहसीलदार की मासिक सैलरी - 90000
रजिस्ट्रार की मासिक सैलरी - 1 लाख लगभग
कोर्ट क्लर्क की मासिक सैलरी - 21000
इनका काम है पब्लिक के कोर्ट कचहरी के कामों को आसान बनाना. लेकिन ये करते क्या हैँ??
पटवारी - ड्यूटी पर मिलता नहीं है
तहसीलदार - मर्ज़ी से आकर ड्यूटी करता है
रजिस्ट्रार - 8 घंटे की ड्यूटी में 4 घंटे मिलेगा
क्लर्क - ये कागज लाओ, ये ठीक नहीं है बोलेगा
आम इंसान कोर्ट का कोई भी काम कराये, उसको चक्कर जरूर कटवाए जाते हैँ.
इसका अनुभव मैंने 5 दिन में किया है.
और नेताओं के काम घर बैठे होते हैँ.
कुछ गलत कहा तो बताओ
SC-ST एक्ट पर सरकार द्वारा जारी पहली प्रेस विज्ञप्ति | 9 अगस्त 2018
< FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जाँच की आवश्यकता नहीं।
< गिरफ्तारी से पहले किसी अधिकारी की मंजूरी आवश्यक नहीं।
< धारा 438 CrPC लागू नहीं होगी, यानी अग्रिम जमानत का प्रावधान लागू नहीं होगा।
@saten_08 जब सब हीहमें करवाना ता फिर govt को चुना ही क्यों ता हमने बाकी कमी रही शिक्षाविभाग की जिसने कभी वित विभाग को प्रस्तावभेजने केअलावा कुछ नहीं कियाशायद मुझेजहा तक उम्मीद हैरिमाइंडर भी नहीं भेजा होगा,बाकी आपने जिस हिसाब से शिक्षाविभाग के तारीफों के पुल बांधे हैहुआ कुछनहीं उस हिसाब से
अगर आप UPSC Aspirant है,
और आप GENERAL Category से आते है,
तो आप केवल 80-90 के बिच रैंक लाएंगे तब ही आप IAS बनेंगे,
OBC अगर आप है तो 450 रैंक तक IAS बन सकते है इतना रैंक ला के IAS बन सकते है,
SC ST आप है तो आप 550-590 तक रैंक ला के आप IAS बन सकते है,
GENERAL Category के साथ इतना नाइंसाफी क्यों हो रहा है देश मे,
लोग समानता का बात करते है,
कहाँ है समानता कोई बताओ,
अनंत भीमांड सृजनकर्ता भगवान श्री नरेंद्र मोदी के प्रिय दलित, वंचित,शोषित, पीड़ित, पिछड़ा, पसमांदा जिनका कि 5000 सालों से शोषण हुआ क्या अगर वह किसी कोई मंदबुद्धि लड़की से बलात्कार नहीं कर सकता क्या ?
इन्हीं सब कार्यों के लिए तो मोदी एक्ट जैसा कवच दे रखा है। जिसके होते हुए कोई भी मोदी जीके प्रिय समुदाय पर आंख उठाने की हिम्मत भी ना कर सके।
🚨 इसरो में आरक्षण कभी नहीं था। कानून साफ था कि इन संस्थानों में आरक्षण लागू नहीं होगा। फिर भी सरकार ने अपने नीले कबूतरों के लिए कानून बदल दिया और वही इसरो अब जाति के हिसाब से भर्ती कर रहा है।
टेक्निकल असिस्टेंट के पदों पर भी UR, OBC, SC, EWS का कोटा लग गया। नेवी में सिविलियन भर्ती भी उसी रास्ते पर चल पड़ी। जहां कभी सिर्फ योग्यता और मेरिट चलती थी, वहां अब जाति प्रमाणपत्र सबसे बड़ा पैरामीटर बन गया। देश की सबसे संवेदनशील और उच्चतम तकनीकी संस्थाएं भी आरक्षण के चक्कर में घसीट दी गईं।
https://t.co/PHfya44RMf
🚨 इसरो में आरक्षण कभी नहीं था। कानून साफ था कि इन संस्थानों में आरक्षण लागू नहीं होगा। फिर भी सरकार ने अपने नीले कबूतरों के लिए कानून बदल दिया और वही इसरो अब जाति के हिसाब से भर्ती कर रहा है।
टेक्निकल असिस्टेंट के पदों पर भी UR, OBC, SC, EWS का कोटा लग गया। नेवी में सिविलियन भर्ती भी उसी रास्ते पर चल पड़ी। जहां कभी सिर्फ योग्यता और मेरिट चलती थी, वहां अब जाति प्रमाणपत्र सबसे बड़ा पैरामीटर बन गया। देश की सबसे संवेदनशील और उच्चतम तकनीकी संस्थाएं भी आरक्षण के चक्कर में घसीट दी गईं।
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आज उस नेता @AmitShah का जन्मदिन है जिन्होंने 18 महीने से मेरी FIR नहीं होने दी !!
कल भी नहीं होने देंगे लेकिन मैं फिर भी एक बेबस लाचार लड़की की तरह कल 23 अक्टूबर दिन में 2 बजे दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट पहुँचूँगी !!
क्योंकि देश के गृहमंत्री की पॉवर से लड़ने की मेरी ताक़त नहीं !!
अमित शाह आपने शायद अपनी माँ की कसम खायी है की इस सांसद के ख़िलाफ़ FIR नहीं होने दोगे चाहे मैं कितनी ही कोशिश कर लू !!
लेकिन मैंने भी अपनी माँ की कसम खायी है को इसको जेल में सड़ाऊँगी चाहे जितना वक्त लग जाए !!
अब देखते है कौन जीतता है भारत की बेटी या देश का गृहमंत्री !!
दुखी मन से आपको जन्मदिन की बधाई देती हूँ !!
डॉ रोहिणी घावरी !!
#Amitshah #Homeminister #India #woman #Justice @HMOIndia