गंजेपन का सफल चमत्कारी इलाज...
मैं काफी दिनों से देख रही हूँ कि लोगों बालो की समस्या से काफ़ी परेशान हैं...जैसे की बाल झड़ना या बाल रहना ही ना.... तो उन सबके लिए एक बहुत ही आसान सा उपाय बता रही हूँ कृपया लाभ उठायें।
कनेर के 60-70 ग्राम पत्ते (लाल या पीली दोनों में से कोई भी या दोनों ही एक साथ ) ले के उन्हें पहले अच्छे से सूखे कपडे से साफ़ कर लें ताकि उनपे जो मिटटी है वो निकल जाये... अब एक लीटर सरसों का तेल या नारियल का तेल या जेतून का तेल ले के उसमे पत्ते काट काट के डाल दें. अब तेल को गरम करने के लिए रख दें. जब सारे पत्ते जल कर काले पड़ जाएँ तो उन्हें निकाल कर फेंक दें और तेल को ठण्डा कर के छान लें और किसी बोटल में भर के रख लें.....
प्रयोग विधि :- रोज़ जहाँ जहाँ पर भी बाल नहीं हैं वहां वहां थोडा सा तेल ले के बस 2 मिनट मालिश करनी है और बस फिर भूल जाएँ अगले दिन तक. ये आप रात को ��ोते हुए भी लगा सकते हैं और दिन में काम पे जाने से पहले भी... बस एक महीने में आपको असर दिखना शुरू हो जायेगा.. सिर्फ 10 दिन के अन्दर अन्दर बाल झड़ने बंद हो जायेंगे या बहुत ही कम... और नए बाल भी एक महीने तक आने शुरू हो जायेंगे।
नोट :- ये उपाय पूरी तरह से tested है.. हमने कम से कम भी 10 लोगो पे इसका सफल परीक्षण किया है...एक औरत के 14 साल से बाल झड़ने बंद नहीं हो रहे थे. इस तेल से मात्र 6 दिन में बाल झड़ने बंद हो गये.. 65 साल तक ���े आदमियों के बाल आते देखे हैं इस प्रयोग से...आप भी लाभ उठायें और अगर किसी को फर्क पड़े तो कृपया हमे जरुर बताये...
Alert-: कनेर के पौधे में जो रस होता है वो बहुत ज़हरीला होता है. तो ये सिर्फ बाहरी प्रयोग के लिए है कोई गलती से भी इसे खाए न..
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कमर दर्द को करें तुरन्त गायब...
कमर दर्द हो या, पीठ के नी��ले हिस्से में दर्द (रीढ़ की हड्डी के नीचे के नीचले हिस्से में दर्द) या फिर पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द। लोग इस दर्द से काफी परेशान रहते हैं। कई लोग सोचते हैं कि कमर दर्द या पीठ दर्द सिर्फ वृद्धावस्था में ��ोता है, लेकिन यह सच नहीं है। यह किसी भी उम्र में होने वाली तकलीफदेह बीमारी है। आज की बदलती जीवनशैली पीठ या कमर दर्द का कारण बन रही है। महिलाओं में मासिक एवं गर्भावस्था के दौरान कमर दर्द की शिकायत अधिक देखी जाती है। अधिकांश लोग कमर दर्द के लिए अंग्रेजी दवा का इस्तेमाल करते हैं लेकिन आप चाहे तो कमर दर्द का इलाज घरेलू उपाय से भी कर सकते हैं।
कमर दर्द (पीठ दर्द) के कारण क्या हो सकते हैं?
1. कैल्शियम की कमी का होना- कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना मुख्य रूप से ऐसे लोगों में अधिक रहती है, जिनके शरीर में कैल्शियम की कमी होती है।
2. ज्यादातर देर तक बैठकर काम करना- आज के वर्तमान समय में ज्यादातर लोगों को बैठकर काम करना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में ऐसे लोगों को कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है।
3. अर्थराइटिस से पीड़ित होना- कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसे लोगों को भी हो सकती है, जो अर्थ��ाइटिस से पीड़ित होती हैं। ��से लोगों को अपना अर्थराइटिस का परीक्षण पूरा कराना चाहिए ताकि उन्हें किसी तरह की गंभीर बीमारी न हो।
4. बैठने की मुद्रा सही न होना- अक्सर,आपने ऐसे लोग देखे होंगे, जिनके बैठने की मुद्रा (position) सही नहीं होती है। ऐसे लोगों को कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना काफी अधिक रहती है।
5. एक्सराइज़ न करना- आमतौर पर, ऐसा माना जाता है कि हम सभी को कम-से-कम 15-30 मिनट एक्सराइज़ करनी चाहिए। एक्सराइज़ हमारे शरीर को लच��ला बनाने में सहायक साबित होती है।
इसके बावजूद कुछ लोग एक्सराइज़ नहीं करते हैं, जिनके कारण उन्हें कमर दर्द (पीठ दर्द) समेत हेल्थ काफी सारी समस्याएं हो सकती हैं।
◾अदरक का प्रयोग
अदरक में एंटी-इंफलेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इतना ही नहीं, यह एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है। इसके इस्तेमाल के लिए आप अदरक के टुकड़ों को एक गिलास पानी में डालकर उबालें और फिर उसे हल्का ठंडा करके उसमें श���द मिलाएं। इस पानी का सेवन सिर्फ कमर दर्द ही नहीं बल्कि शरीर के हर भा�� में होने वाले दर्द से राहत दिलाता है।
◾लहसुन है लाभकारी
अदरक की तरह लहसुन भी दर्द को दूर करने में रामबाण की तरह काम करता है। जिन लोगों को अक्सर कमर में दर्द की शिकायत रहती है, उन्हें हर रोज सुबह खाली पेट दो-तीन कलियां लहसुन की चबानी चाहिए। वहीं अगर आपको शरीर के किसी भी भाग में तेज दर्द है तो आप लहसुन का तेल लगाकर उस हिस्से की मालिश करें। इससे आपको काफी आराम मिलेगा। आप चाहें तो नारियल तेल में ल���सुन और लौंग को मिलाकर पकाएं। जब यह हल्का गुनगुना रह जाए तो इसका इस्तेमाल करें। यह तेल भी कमर दर्द के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है।
◾करें सिकाई
कमर दर्द को दूर करने के लिए आप सबसे पहले गरम पानी लेकर उसमें थोड़ा नमक मिलाएं। अब इस पानी में तौलिया भिगोकर निचोड़ें। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं और इस तौलिए से कमर की सिकाई करें। आपको तुरंत लाभ नजर आएगा। इसके अतिरिक्त कमर की सिकाई करने के लिए आप कढ़��ई में नमक डालकर उसे सेंक लें। अब इस नमक को किसी मोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बनाएं। अब इस पोटली से कमर की सिकाई करें। यह भी कमर दर्द को दूर करने का ��क अचूक नुस्खा है।
कमर दर्द का इलाज
◾कैल्शियम की कमी को पूरी करने के लिए डेयरी प्रॉडक्ट और कैल्शियम से भरपूर आहार खाएं। रोजाना 2 गिलास दूध जरूर पीएं। इसके अलावा हड्डियों की कमजोरी कमर दर्द का सबसे बड़ा कारण हैं हड्डियों की कमजोरी को दूर करने के लिए रोज सुबह की धुप में 25 से 30 मिनट तक बैठे।
◾सोंठ
सोंठ सूखी हुई अदरक होती है, जिसके सेवन से पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र और वात दोष संबंधी समस्या से राहत ��िलती है। सोंठ को सेंधा नमक के साथ सेवन करने से वात दोषों में कमी आती है। सोंठ को काढ़े, अर्क, पाउडर, टैबलेट, रस आदि के रूपों में सेवन किया जा सकता है, जिससे आपको कमर दर्द में राहत मिलेगी।
◾सिंहनाद गुग्गुल
सिंहनाद गुग्गुल कमर दर्द और वात दोषों के लिए एक अच्छी औषधि है। कमर दर्द के लिए सिंहनाद गुग्गुल की एक से दो गोलियों को पानी के साथ दिन में तीन बार ले सकते हैं। इसके अलावा अपने डॉक्टर के परामर्श ���र ही सिंहनाद गुग्गुल खाएं।
◾बालारिष्ट
बालारिष्ट एक प्रकार का सिरप होता है, जो अश्वगंधा, गु��़, अरंडी की जड़, लौंग, इलायची आदि जड़ी-बूटियों से मिला कर बनाया जाता है। बालारिष्ट वात असंतुलन को संतुलित करता है, जिससे कमर दर्द में राहत मिलती है।
हड्डियों से आती है कट-कट की आवाज ? इस दर्दनाक रोग का है संकेत...
क्या आपको कभी अचानक चलने, उठने और बैठने से घुटनों, कूल्हे और कोहनी की हड्डियों की कट-कट की आवाज आई है? क्या यह हड्डियों से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी के लक्षण हैं? बहुत से लोगों को लगता है कि इस प्र��ार की आवाज आने का मतलब है कि हड्डियां कमजोर हो चुकी हैं। कई बार लोग इसे जोड़ो से जुड़ा रोग समझ लेते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि हड्डियों में आ��े वाली इस तरह के आवाज का क्या मतलब है और इसके क्या नुकसान हैं।जोड़ों में इसलिए आती है आवाज जोड़ों से आने वाली आवाज को मेडिकल भाषा में क्रेपिटस कहा जाता है। क्रेपिटस सामान्य लोगों के जोड़ों को हिलाने-डुलाने पर आने वाली ध्वनि का मेडिकल नाम है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जोड़ों के भीतर रहने वाले द्रव में हवा के छोटे बुलबुले फूटते हैं। इन्हीं बुलबुलों के फूटने से यह आवाज पैदा होती है। कई बार जोड��ों के बाहर मौजूद मांसपेशियों के टेंडन या लिगामेंट्स की रगड़ से भी आवाज सुनाई देती है। ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत जोड़ों में हल्की चटकने की आवाज आना
ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत हो सकता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस एक तरह का गठिया रोग है, जिसमें हड्डियों के सिरों पर लचीले ऊतकों की संख्या कम हो जाती है। घुटनों के जोड़ों पर मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। जैसे ही क्षतिग्रस्त घुटने का ज��ड़ गति करता है इससे टूटने या चटकने जैसी आवाजें आती हैं, जिसे घुटने की चरचराहट क��ते हैं। यह आवाजें घुटने में अक्सर होती हैं और आमतौर पर दर्द नहीं देतीं। बच्चों की हड्डियों में आने वाली आवाज से न डरें अगर किसी बच्चे या किशोरावस्था में हड्डियों से कट-कट की आवाज आ रही है और उसकी हड्डियों में कोई दर्द या परेशानी का अनुभव नहीं हो रहा है तो परेशानी की कोई बात नहीं है। इसका मतलब यह नहीं कि बच्च्चे की हड्डियां कमजोर हैं या उसके शरीर में कैल्शियम की कमी है। हड्डियों से कट-कट की आवाज आने का मतलब है कि उसकी हड्डियों में वायु अधिक है। इस वजह से हड्डियों के जोड़ों में एयर बबल्स बनते हैं। और टूटते हैं। जिसकी वजह से हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है।
◾हड्डियों की आवाज से ऐसे पायें छुटकारा -
1. मेथी का दाने अगर आपको अक्सर यह समस्या होती है, तो जैसा हमने बताया यह गठिया का या हड्डियों के जोड़ों में लुब्रिकेंट की कमी का संकेत हो सकते हैं। इसलिए इससे समय पर राहत पाना बहुत जरूरी है। इस��े लिए आप कई घरेलू उपाय ट्राई कर सकते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए रात को आधा चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें और सुबह मेथी दानों को चबा-चबा कर खाएं। उसके बाद पानी पी लें। इससे हड्डियों के बीच एयर बबल्स की समस्या खत्म हो सकती है।
2. सोंठ वाला दूध -कई बार आवाज आने के मतलब हड्डियों के जोड़ों में लुब्रिकेंट की कमी का संकेत हो सकत��� है। अक्सर देखा जाता है कि ज्यादा उम्र के लोगों की हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है और दर्द होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए और कैल्शियम की पूर्ति के लिए एक गिलास दूध में एक चौथाई चम्मच सौंठ डालकर उबालें ओर उसमे थोड़ी सी हल्दी मिलाकर हल्का कुनकुना रहने पर इसका सेवन करें। इसके अलावा एक कटोरी ताजा दही में एक चम्मच शहद मिलाकर लगातार एक महीने तक सेवन करने से हड्डियां फौलाद की तरह मजबूत और सख्त हो जाती है...
सूर्य नमस्कार रोजाना सिर्फ 10 मिनट करने से मिलेंगे अद्भुत चमत्कारी फायदे...
सूर्य नमस्कार, योगासनों में सबसे श्रेष्ठ क्रिया है। यह
अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में सहायक है। इसके अभ्यास से साधक का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। सूर्य नमस्कार, स्त्री, पुरुष, बच्चे, युवा तथा वृद���धों सभी के लिए उपयोगी है..
◾इसके कुछ लाभ इसप्रकार हैं ◾
🔹खुले वातावरण में सूर्य नमस्कार करने से शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन डी मिलता है जिससे हड्डियों में ताकत आती है।
🔹 वजन घटाने में यह बहुत उपयोगी है इसके नियमित अभ्याससे डाइटिंग से भी ज्यादा फायदा पहुंचता है।
🔹नियमित रूप से इसके 12 आसनों को करने से शरीर में खून का प्रवाह सही ढंग से होता है और ब्लड प्रेशर की आशंका घटती है। क्रोध और तनाव पर काबू पाने में यह बहुत मददगार है।
🔹मानसिक शांति मिलती है और व्यक्ति सारा दिन
तरोताजा रहता है।
🔹इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।शरीर लचीला होता है।
🔹त्वचा के लिए यह बहुत लाभदायक योगासन है
◾सूर्य नमस्कार की विधि◾
सूर्य नमस्कार के दौरान 12 आसन किए जाते हैं। इन्हें करने की प्रक्रिया इस प्रकार है..
(1) दोनों हाथों को जोड़कर सीधे खड़े हों।
(2) श्वास भरते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाएं और हुए ऊपर की ओर तानकर भुजाओं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं।
(3) अब ���्वास धीरे-धीरे बाहर निकालते हुए आगे की ओर झुकें। हाथ गर्दन के साथ, कानों से सटे हुए नीचे जाकर पैरों के दाएं-बाएं पृथ्वी का स्पर्श करें। घुटने सीधे रहें।
(4) श्वास को भरते हुए बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं।
गर्दन को अब पीछे की ओर झुकाएं। इस स्थिति में कुछ समय रुकें।
(5) अब श्वास को धीरे-धीरे छोड़ते हुए दाएं पैर को भी
पीछे ले जाएं जिससे दोनों पैरों की एड़ियां मिली हुई
हों। पीछे की ओर शरीर को खिंचाव दें।
(6) अब श्वास भरते हुए दंडवत लेट जाएं।
(7) अब सीने से ऊपर के भाग को ऊपर की ओर उठाएं जिससे शरीर में खिंचाव हो।
(8) फिर पीठ के हिस्से को ऊपर उठाएं। सिर धुका हुआ हो और शरीर का आकार पर्वत के समान हो।
(9) अब पुनः चौथी प्रक्रिया को दोहराएं यानी बाएं
पैर को पीछे ले जाएं।
(10) अब तीसरी स्थिति को दोहराएं यानी श्वास
धीरे-धीरे बाहर निकालते हुए आगे की ओर झुकें। हाथ गर्दन के साथ, कानों से सटे हुए नीचे जाकर पैरों के दाएं-बाएं पृथ्वी का स्पर्श करें।
(11) श्वास भरते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाएं और हुए ऊपर की ओर तानकर भुजाओं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं
(12) अब फिर से पहली स्थिति में आ जाएं।
जय सनातन धर्म, जय श्रीराम, जय गोविंदा
Jiwan ek anubhav ho maile dherai anubhav gare kati mitha thiy kati tita ajhai ni vogdaii chhu bujhdaii chhu yo sansarik moh maya dekha tada jana kosis gardaii chhu...!
No. Sorry. They are not “collateral damage” they are human beings who happen to have been born there and live there and most of those human beings are stuck there. Have some compassion, they are Palestinians not buildings or roads or things, they are human beings and so are the hostages whose lives you may also be destroying. They aren’t “collateral damage” either.
“Netanyahu Calls Palestinians ‘Collateral Damage’ As Israel Destroys Gaza”
https://t.co/oUrUOofXZ9
I'm hearing about fireworks inside theaters during Tiger3. This is dangerous. Let's enjoy the film without putting ourselves and others at risk. Stay safe.
"छुवाछूत इन्डियाबाट भित्रिएको हो र जातव्यवस्था पनि। त्यसलाई सनातन धर्मले आलोचना गर्छ जुन गलत होइन। शिव जनै लगाउँदैनन् नै।"
- from @Himal_Khabar https://t.co/O9nPRCVVRB
Can there be any reason in this world to drop bombs every day, every hour on innocent human beings and especially on young children to kill them!? Definitely nooot!!! This is such a nightmare - Where is humanity, people? 💔🇵🇸 #FreePalestine