@opsinghips Sir, is this your tweet ?
I searched for it on your wall but didn't found it. This person is spreading news that you have tweeted this and all the news that is coming from media about recovery of 2900 kg explosions are rumours.
Link - https://t.co/QrC4ZH1CkW
Attached video/snap is from Gauri Sriram Chatth Ghat, Block - Dudahi, Kushinagar.
Chatth Ghat is badly damaged and 4 trolly soil is needed on urgent basis. We talked to our Gram Pradhan but can't trust him. Your kind attention is required. 🙏
@dm_kushinagar@CdoKushinagar
I have decided to donate my match fees from this tournament to support our Armed Forces and the families of the victims who suffered from the Pahalgam terror attack. You always remain in my thoughts 🙏🏽
Jai Hind 🇮🇳
@nehafolksinger जो सरकार की आलोचना कर व्यूज हेतु मरे जा रहे, उनके लिए -
"बुलंदी का नशा" सिमतों का जादू तोड़ देती है,
हवा उड़ते हुए पंछी के बाज़ू तोड़ देती है,
सियासी भेड़ियों थोड़ी बहुत गैरत ज़रूरी है,
"तवायफ" तक किसी मौके पे घुंघरू तोड़ देती है ।
- तुफैल चतुर्वेदी
#Pahalgam
@kushinagarpol@Uppolice@dgpup
FB पर यह पोस्ट 3800 कॉमेंट व 5100 शेयर के साथ वायरल हो रहा. पोस्ट पढ़ने पर दर्शायी गयी कहानी भ्रामक लग रही. ऐसा प्रतीत हो रहा जैसे यह वर्ग विशेष हेतु असंतोष व उकसावे की मंशा से प्रेरित है.
कृपया तथ्यों की जांच कर कार्यवाही की कृपा करें. जय हिंद !
ब्राह्मणवाद की जड़े बहुत गहरी है और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं, हिंदू धर्म केवल धोखा है। सही मायने में जो ब्राह्मण धर्म है, उसी ब्राह्मण धर्म को हिंदू धर्म कहकर के इस देश के दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को अपने धर्म के मकड़जाल में फंसाने की एक साजिश है। अगर हिंदू धर्म होता तो आदिवासियों का भी सम्मान होता है, दलितों का भी सम्मान होता, पिछड़ों का भी सम्मान होता लेकिन क्या विडंबना है...
अंकल जी ! कोई आपकी बात आजकल मान नही रहा, विधानसभा तक वाले माने नही फिर प्रधानमंत्री कहा मानने वाले .... फिजूल और फ्री का ज्ञान क्यों बाटना ? आप बस "रामचरितमानस" जलवाओ. 👍
चंद्रयान-3 द्वारा चांद पर किए गए सफलतापूर्वक लैंडिंग स्थल को प्रधानमंत्री, मा. मोदी जी द्वारा शिवशक्ति नामकरण कर वैज्ञानिकों का घोर अपमान किया है। यदि नामकरण करना ही था तो महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई या एपीजे अब्दुल कलाम अथवा इसरो के किसी भी वैज्ञानिक के नाम पर किया जाना चाहिए। इससे वैज्ञानिकों का हौसला अफजाई भी होता और उनका सम्मान भी बढ़ता तथा विज्ञान के प्रति नवयुवकों की रुचि भी बढ़ती।
@PrabudhaSaurabh@DrKumarVishwas संदर्भ पुराना हो मगर "प्योर वेज विस्वास" और "लाइफस्टाइल कुमार" के बीच मुझे एक "आम आदमी" अपनी दुकानदारी संजोता हुआ दिख रहा है ! 😂