#हिन्दू एक #कूपमंडूक#faith नहीं है जैसे दूसरे सम्प्रदाय हैं। यह हमारे अतीन्द्रिय शक्ति सम्पन्न और दूरदृष्टा ऋषियों के मनोविज्ञान को समझने और उसके आधार पर स्वस्थ परंपराएं विकसित करते रहने का परिणाम है।
मुझे अपनी स्वस्थ वैज्ञानिक #सनातन परंपरा पर अगाध श्रद्धा है।
#हम_सनातनी
@ashutosh83B द$लाली GB Road की बेहतर है इस #कालुतोष के लिए। ये कहाँ #कर्नाटक पहुंच गया।
वैसे भी #आरएसएस के पास इससे लाख दर्जे बेहतर पत्रकार हैं। जिसकी दलाली कर रहा उससे लाख दर्जे बेहतर राजनीतिज्ञ हैं। रही बात कानूनी दाव-पेंच की तो उसके लिए भी एक पूरी फौज है #RSS के पास।
@capt_mishra
@prettypadmaja द$लाली GB Road की बेहतर है इस #कालुतोष के लिए। ये कहाँ #कर्नाटक पहुंच गया।
वैसे भी #आरएसएस के पास इससे लाख दर्जे बेहतर पत्रकार हैं। जिसकी दलाली कर रहा उससे लाख दर्जे बेहतर राजनीतिज्ञ हैं। रही बात कानूनी दाव-पेंच की तो उसके लिए भी एक पूरी फौज है #RSS के पास।
#अल्पसंख्यक की परिभाषा संविधान में ही नहीं दी गई है। फिर, ये विशेष दर्जा पंडित और महात्मा की जोड़ी ने ही दिया होगा। इनके हिन्दू नाम #अलतकिया का भाग थे और इनका लक्ष्य #गजवा_ए_हिन्द था।
#अलतकिया का शब्दशः पालन करते 2 जन्मना मुस्लिम जो दिखावे के लिए हिन्दू नाम अपनाए हुए थे। तभी एक ने दूसरे को पंडित और महात्मा कहा। मूल लक्ष्य वही #गजवा_ए_हिन्द 😑
वीडियो में मौलाना *हर्षद मदनी* ने जो बात कही है वह 100% सही है, जब भारत दो भागों में विभाजित होकर सारे मुसलमान पाकिस्तान जा रहे थे तो *नेहरू* और *गांधी* ने जबरजस्ती इन्हें भारत में क्यों रोका ?
इसी गांधी ने मुसलमानों को कहा देश *हिन्दू राष्ट्र* नहीं बनेगा एक *सेक्यूलर देश रहेगा* बताकर रोका था, जब मुसलमान रुकना ही नहीं चाह रहे थे तो इन्हें भारत में रोकने की नेहरू और गांधी की क्या मंसा थी ?
क्या ये जानबूचकर गांधी और नेहरू ने साजिश रची थी ? आज भारत का एक एक हिन्दू इस दर्द को भुगत रहा है, जिसकी जिम्मेदार केवल *कांग्रेस* है, 🥲🥲
🚩जागो हिंदुओं जागो 🚩🙏
#jagohindujago #WakeUp #WakeUpEverybody #wakeup_india #Wakeupdeadman .
सिर्फ तीन तलाक पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को यूपी सरकार द्वारा घर देने के निर्णय का विरोध होना चाहिए... उत्तरप्रदेश सरकार का यह निर्णय हर तरीके से आलोचना योग्य है... संविधान प्रदत्त समानता के सिद्धांत का विरोधी है !
हिन्दू तलाक पीड़ित स्त्रियों को यह सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है ? हर हिन्दू स्त्री को एलिमनी नहीं मिलती है... बमुश्किल शहरी क्षेत्रों की 5 % स्त्रियां एलिमनी, कानून की लंबी लड़ाई लड़कर ले पाती हैं....
यूपी में अपने वकील मित्रों से निवेदन करूँगा कि हाईकोर्ट में इस निर्णय की समीक्षा हेतु याचिका डालें ... प्रधानमंत्री ग्रह निर्माण योजना में मुस्लिमों को जितने घर मिले हैं....वह मुस्लिम स्त्रियों के ही नाम हैं... यूपी में तो इस योजना में मुस्लिम 50% beneficiary हैं....
मुस्लिमों में तलाक आसान है तो वहां पुनर्विवाह भी आसान है,खूब होते हैं... यह पक्का जानिए कि तलाकशुदा महिला.... पुनर्विवाह (निकाह) कर लेती है तो वह बना हुआ घर तो सरकार को कभी वापस नहीं करेगी ! न सरकार वापस माँग सकती है ! हलाला पश्चात यदि मुस्लिम पति ही अपनी तलाक शुदा पत्नी से निकाह कर लेता है तो गिफ्ट में मिले इस नए मकान का क्या होगा ? भ्रष्टाचार और दिखावटी (फ़र्ज़ी ) तलाक के मामले सामने आएंगे..
सिर्फ मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को घर देना,तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है... निरीह हिन्दू स्त्रियों के मुँह पर तमाचा है.... हमें इसका विरोध करना चाहिए !
Courtesy fb post pawan Saxena
@000__meenu__464 जो आर्ष ग्रंथों की गहराई के एक अंश का अनुभव भी किये होंगे तो आपकी इस विवेचना को पढ़ कर द्रवित होने से स्वयं को न रोक पाएंगे।
शुभकामनाएं आपको 😊💓
#विज्ञान_वनाम_शास्त्र_विधि 🌻🌻🌻🌻
जब किसी की मृत्यु होती थी तब भी 13 दिन तक उस घर में कोई प्रवेश नहीं करता था। यही Isolation period था। क्योंकि मृत्यु या तो किसी बीमारी से होती है या वृद्धावस्था के कारण जिसमें शरीर तमाम रोगों का घर होता है। यह रोग हर जगह न फैले इसलिए 14 दिन का quarantine period बनाया गया।
जो शव को अग्नि देता था उसको घर वाले तक नहीं छू सकते थे 13 दिन तक। उसका खाना पीना, भोजन, बिस्तर, कपड़े सब अलग कर दिए जाते थे। तेरहवें दिन शुद्धिकरण के पश्चात, सिर के बाल हटवाकर ही पूरा परिवार शुद्ध होता था ।
तब भी आप बहुत हँसे थे। bloody indians कहकर मजाक बनाया था।
जब किसी रजस्वला स्त्री को 4 दिन isolation में रखा जाता है ताकि वह भी बीमारियों से बची रहें और आप भी बचे रहें तब भी आपने पानी पी पी कर गालियाँ दी। और नारीवादियों को कौन कहे वो तो दिमागी तौर से अलग होती हैं उन्होंने जो जहर बोया कि उसकी कीमत आज सभी स्त्रियाँ तमाम तरह की बीमारियों से ग्रसित होकर चुका रही हैं।
जब किसी के शव यात्रा से लोग आते हैं घर में प्रवेश नहीं मिलता है और बाहर ही हाथ पैर धोकर स्नान करके, कपड़े वहीं निकालकर घर में आया जाता है, इसका भी खूब मजाक उड़ाया आपने।
आज भी गांवों में एक परंपरा है कि बाहर से कोई भी आता है तो उसके पैर धुलवायें जाते हैं। जब कोई भी बहू लड़की या कोई भी दूर से आता है तो वह तब तक प्रवेश नहीं पाता जब तक घर की बड़ी बूढ़ी लोटे में जल लेकर, हल्दी डालकर उस पर छिड़काव करके वही जल बहाती नहीं हों, तब तक। खूब मजाक बनाया था न।
इन्हीं सवर्णों को और ब्राह्मणों को अपमानित किया था जब ये गलत और गंदे कार्य करने वाले माँस और चमड़ों का कार्य करने वाले लोगों को तब तक नहीं छूते थे जब क वह स्नान से शुद्ध न हो जाय। ये वही लोग थे जो जानवर पालते थे जैसे सुअर, भेड़, बकरी, मुर्गा, कुत्ता इत्यादि जो अनगिनत बीमारियाँ अपने साथ लाते थे।
ये लोग जल्दी उनके हाथ का छुआ जल या भोजन नहीं ग्रहण करते थे तब बड़ा हो हल्ला आपने मचाया और इन लोगों को इतनी गालियाँ दी कि इन्हें अपने आप से घृणा होने लगी।
यही वह गंदे कार्य करने वाले लोग थे जो प्लेग, टी बी, चिकन पॉक्स, छोटी माता, बड़ी माता, जैसी जानलेवा बीमारियों के संवाहक थे और जब आपको बोला गया कि बीमारियों से बचने के लिए आप इनसे दूर रहें तो आपने गालियों का मटका इनके सिर पर फोड़ दिया और इनको इतना अपमानित किया कि इन्होंने बोलना छोड़ दिया और समझाना छोड़ दिया।
आज जब आपको किसी को छूने से मना किया जा रहा है तो आप इसे ही विज्ञान बोलकर अपना रहे हैं। Quarantine किया जा रहा है तो आप खुश होकर इसको अपना रहे हैं ।
पर शास्त्रों के उन्हीं वचनों को तो ब्राह्मणवाद/मनुवाद कहकर आपने गरियाया था और अपमानित किया था।
आज यह उसी का परिणति है कि आज पूरा विश्व इससे जूझ रहा है।
याद करिये पहले जब आप बाहर निकलते थे तो आप की माँ आपको जेब में कपूर या हल्दी की गाँठ इत्यादि देती थी रखने को।
यह सब कीटाणु रोधी होते हैं।
शरीर पर कपूर पानी का लेप करते थे ताकि सुगन्धित भी रहें और रोगाणुओं से भी बचे रहें।
लेकिन सब आपने भुला दिया।
आपको तो अपने शास्त्रों को गाली देने में और ब्राह्मणों को अपमानित करने में उनको भगाने में जो आनंद आता है शायद वह परमानंद आपको कहीं नहीं मिलता।
अरे समझो अपने शास्त्रों के level के जिस दिन तुम हो जाओगे न तो यह देश विश्व गुरु कहलायेगा।
तुम ऐसे अपने शास्त्रों पर ऊँगली उठाते हो जैसे कोई मूर्ख व्यक्ति के मूर्ख 7 वर्ष का बेटा ISRO के कार्यों पर प्रश्नचिन्ह लगाए।
अब भी कहता हूँ अपने शास्त्रों का सम्मान करना सीखो। उनको मानो। बुद्धि में शास्त्रों की अगर कोई बात नहीं घुस रही है तो समझ जाओ आपकी बुद्धि का स्तर उतना नहीं हुआ है। उस व्यक्ति के पास जाओ जो तुम्हे शास्त्रों की बातों को सही ढंग से समझा सके।
लेकिन गाली मत दो उसको जलाने का दुष्कृत्य मत करो।
जिसने विज्ञान का गहन अध्ययन किया होगा वह शास्त्र वेद पुराण इत्यादि की बातों को बड़े ही आराम से समझ सकता है correlate कर सकता है और समझा भी सकता है।
पता नहीं कि आप इसे पढ़ेंगे या नहीं लेकिन मेरा काम है आप लोगों को जगाना जिसको जगना है या लाभ लेना है वह पढ़ लेगा।
यह भी अनुरोध है कि आप भले ही किसी भी जाति/समाज से हों धर्म के नियमों का पालन कीजिये इससे यहलोक और परलोक दोनों सुधरेगा।
॥सर्वे भवन्तु सुखिनः सवेँसनतु निरामया:॥
जय श्री राम