दिल्ली के चुनावी परिणाम बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए सबक है
केजरीवाल जी ने संविदा कर्मचारियों को नियमित कर न्याय किया
जनता ने केजरीवाल जी के साथ न्याय किया
ये नहीं कि
कोई १५ साल झूठे आश्वासन देकर शोषण किया
कोई वादा करके भी शोषण कर रहा है
पीड़ित शोषित संविदा कर्मचारी
श्रीमान @OfficeOfKNath झूठ बोलकर तो आपने भी सत्ता पाई है,संविदाकर्मियों को 90 दिनों में न्याय का वचन देने वाले आजतक ना उन्हें नियमित कर पाए ना निष्काषित संविदाओं को बहाल यहां तक 90% वेतन का लॉलीपॉप भी छलावा ही सिद्ध हुआ।जबान के पक्के आज संविदाओं से किये वादे पर जबान बंद किये है!
निष्काशीतो की वापसी का झूठा ड्रामा रच कर 90%वेतन की तिलांजलि देने वाले तथाकथित संविदा हितैसी नेता और उनके संगठन बताएंगे कि कितने निष्काशीतो की वापिसी हो गई?और ये निष्काशीतो की वापिसी प्रिकिया कितने दशको तक चलने वाली है?ताकि उसके बाद 90%वेतन और नियमितीकरण पर चर्चा हो सके @SyedZps
म.प्र.में सरकार बदली,व्यवस्थाएं बदली परंतु राष्ट्रिय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियोकी मनमानी व तानाशाही रवैया पिछले20सालो से शोषणकारी व्यवस्था जारीहै
ना मिला 90%वेतनमान
ना मिला नियमितीकरण
TBHVपोस्ट बेसिक15750से घटाकर12000 कर दि गई।
@OfficeOfKNath@NHM_MP@healthminmp@tulsisilawat
सरकार में आते ही 90 दिन में संविदा शब्द खत्म करने वाले नियमतिकरण तो दूर 90%वेतन तक नही दे पाए,साल भर कम पड़ गया @SyedZps जी की नई-नई झूठी तारीखों मे ना उलझें,समस्तNHMसंविदा कर्मी आने वाले समस्त चुनाव में @INCMP को वादाखिलाफी पर सबक सिखाना चालू करें @ChouhanShivraj@OfficeOfKNath
माननीय मुख्यमंत्री @OfficeOfKNath जी निष्कासित संविदाकर्मियों की बहाली में इतना समय क्यों लग रहा है?वो भी आपके जैसे मुख्यमंत्री के रहते,समझ में नहीं आ रहा है के सरकार अधिकारियों को चला रही है या अधिकारी सरकार को??कोई सुनने वाला ही नहीं निष्कासित संविदा की
मामा जी जब ये आदेश लागू ही नही होना था तो इसको जारी ही केउ किया गया। सिर्फ सविदा कर्मच्चरियो को प्रलोभन ही मात्र था 7वा वेतन के आदेश को लागू कर दिया गया केउकी अधिकारियों के खास नियमित कर्मचारी है सविदा तो महज मजदूर ही है। @OfficeofSSC