Public Toilet Closed from 4/5 months -Tikona Park, Sector-71, @noida_authority No water, no electricity, no staff. Caretaker left due to 3–4 months unpaid salary. Despite repeated complaints, departments keep shifting responsibility.
@CEO_Noida🙏 – Immediate action required.
शानदार....लाजवाब....जिंदाबाद ✌️🇮🇳✌️
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अदम्य हौसले, संघर्ष और कमाल के खेल से वर्ल्ड कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रच दिया है। यह जीत सिर्फ मैदान की नहीं — ये हर उस बेटी की जीत है जो सपने देखने की हिम्मत रखती है, मेहनत से उन्हें सच करती है, और दुनिया को दिखा देती है कि भारत की बेटियाँ किसी से कम नहीं! 💪🏏🇮🇳 @jagruknoida@ANSPA9
#WomensWorldCup2025 #WomensWorldCup #IndianCricket
यह सच है कि इंसान की असली इनसिक्योरिटी अक्सर तब सामने आती है जब वह अपने से छोटे और नादान को निशाना बनाता है। बच्चों पर हमला करना, उनका मज़ाक उड़ाना या उन्हें बुली करना, यह केवल उनके दिल को चोट नहीं पहुँचाता बल्कि यह हमारे अपने चरित्र का आईना भी होता है। जब हम यह भूल जाते हैं कि सामने वाला अभी सीखने की उम्र में है, तब हमारी सोच और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो जाते हैं।
हँसी आना प्राकृतिक है, लेकिन अपनी हँसी को निजी दायरे तक रखना परिपक्वता की निशानी है। किसी बच्चे की हरकत या गलती को इतना फैलाना, उस पर ताने कसना या अपमानजनक शब्द लिख देना, यह हमारे समाज में करुणा के अभाव को दिखाता है। सोचिए, वह मासूम अपने मन में कितनी उलझन और शर्म महसूस करेगा, और शायद हमेशा के लिए सार्वजनिक मंचों से डरने लगे।
क्रिंज या अजीब लगना कई चीज़ों में होता है, पर हर प्रतिक्रिया को सार्वजनिक अपमान में बदलना सही नहीं। इग्नोर करना सीखिए, क्योंकि चुप रह जाना भी कभी-कभी सबसे अच्छा जवाब होता है। दुनिया भर के लोग, जो खुद को “बड़े” और समझदार कहते हैं, जब एक बच्चे को निशाना बनाते हैं तो उनकी अपनी महानता खो जाती है। असली बड़े वही हैं जो बच्चों की गलतियों को प्यार और समझदारी से सुधारते हैं, न कि उन्हें आहत करके।
इंसानियत की खूबसूरती संवेदना में है और अगर हम इसे खो देंगे, तो समाज केवल ठंडा, कठोर और असुरक्षित बन जाएगा। बच्चों को बचाइए, उन्हें सुरक्षा का एहसास दिलाइए, और याद रखिए कि जो दिल आप चोट पहुँचाते हैं, वह शायद आने वाले भविष्य की दिशा बदल सके।
#SHOPS113 #NoidaPolice नोएडा पुलिस क्या है सत्यता 🙏
👉 आखिर वास्तविक अपराध क्या था उस व्यक्ति का, जिसे केवल कुत्तों को खुले में खाना खिलाने के विरोध के बाद धारा 151 में पूरी रात थाने में बंद किया गया? @DCPCentralNoida@ACP3NOIDA
❓ क्या विवाद सिर्फ कुत्तों को खुले स्थान पर खाना खिलाने तक सीमित था – जिसका विरोध केवल एक व्यक्ति ने किया और बाक़ी लोग केवल दर्शक थे? @dmgbnagar@CeoNoida@CMOfficeUP
❓ या फिर वीडियो में दिख रहे अन्य विरोधी मौके पर मौजूद ही नहीं थे? @JagranNews @up16noidaclub @BharatiyaTalk
❓ क्या यह कार्रवाई सिर्फ कुत्तों को लेकर थी, या किसी अन्य विवाद/प्रभाव के चलते की गई? @sunobharatnews@noidakhabar
⚖️ कृपया अपनी लिखित शिकायत और थाने की कार्रवाई को सार्वजनिक करें। @dgpup@CP_Noida@Uppolice@UPPViralCheck@jagruknoida@mera_noida
👉 धारा 151 में किसी एक पक्ष/व्यक्ति को किन परिस्थितियों में बंद किया जाता है, यह नियमानुसार स्पष्ट कीजिए। #StrayDogs #Unseennoida #JagrukSamaj
@noida_authority@CeoNoida@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@dmgbnagar यह मुद्दा है अमीर बनाम गरीब का। कोठियों में रहीसों का आशियाना है ओर अमीरों को LIG के गरीब लोग अपनी सोसाइटी में आते बिल्कुल अच्छे नहीं लगते।कानून और इंसानियत की सभी शर्तों को ताक पर रखकर गेट बंद कर दिया गया है।गरीब परेशान है पर किसको फिकर है
क्या यही है सबका साथ सबका विकास!
#UPCM