>ब्रो का नाम योगेन्द्र यादव है
>ब्रो का काम आंदोलन के तवे पर रोटी सेकना है
>ब्रो आंदोलन खाता है, आंदोलन पीता है, आंदोलन से नहाता है, आंदोलन से साँस लेता है
>ब्रो केवल दिल्ली वाले आंदोलन पर फोकस करता है
>जैसे ही कोई आंदोलन का ऐलान करता ब्रो फेयर एंड लवली लगाकर तैयार हो जाता है
>जैसे ही लोग दिल्ली की तरह आंदोलन करने बढ़ते हैं ब्रो उनकी बस में कन्डक्टर की तरह लटक लेता है
>ब्रो पूरा आंदोलन कैपचर करके फुल मीठी आवाज में मीडिया बाइट देता है
>आज झारखंड में बच्चे आंदोलन कर रहे लेकिन आंदोलन जीवी चैन की नींद सो रहा
>ब्रो सिलेक्टिव है, ब्रो सोंच समझ के आंदोलन करता है,
>छात्रों को ऐसे लोगों को याद रखना चाहिए, जब मदद मांगे कभी मत खड़े होना
>हर जाति वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस बराबर रखी जाये,
>या तो सबके लिए शून्य की जाये या फिर सबसे बराबर पैसे लिए जाएँ,
>जब आरक्षण जाति के आधार पर होता है तो फीस जाति देखकर क्यूँ ली जाती है?
>अब आंदोलन ट्विटर तक सीमित नहीं रहेगा ,अब हर छात्र की आवाजें सड़कों से गूंजेगी
ये हिंसक भीड़ आखिर क्या करना चाहती है?
हजारों की हिंसक भीड़ एक अकेले पुलिस वाले पर हमला कर रही है?
आखिर इस पुलिस वाले कि क्या गलती है?
क्या इस पुलिस वाले का परिवार नहीं, घर नहीं, बच्चे नहीं हैं?
क्या इस पुलिस वाले ने नीट का पेपर लीक करवाया?
अगर नहीं तो इन्हें सजा क्यों?
ये सपा की सोशल मीडिया का लफंगा है, इस लफंगे का काम अपनी पहचान छुपाकर महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करना है। इन जैसे जाहिलो को सपा नेतृत्व संरक्षण देता है।
काश अदिति यादव मामले में बहन बेटी के सम्मान को महसूस करने वाले सपा के मुखिया @yadavakhilesh इन जाहिलो द्वारा बहन बेटियों पर अमर्यादित टिप्पणी के समय भी उस दर्द को महसूस करते और इन जाहिलो को पार्टी से बाहर फेंक देते।
हमने अदिति के लिए भी आवाज उठाई है और बहन रोली तिवारी के लिए भी आवाज उठाई थी।
और सत्ता में बैठे मौजूदा मुखिया @myogiadityanath जी को पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी पर संज्ञान लेकर कार्यवाही करने की याद तो आ गई लेकिन रोली तिवारी पर जब अभद्र टिप्पणी की जा रही थी तब आपको ये एक्शन लेने से किसने रोका था ??
दिल्ली,गंगा इंटरनेशनल स्कूल
CUET परीक्षा में हिंदू लड़कियों का पवित्र कलावा , जनेऊ सब उतरवाया जा रहा है, जबकि मुस्लिम लड़की को पूरा बुरखा पहनकर अंदर जाने दिया जा रहा है।
ये क्या दोहरा मापदंड है?😡
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक अश्लील वीडियो कांड ने हिला कर रख दिया है. सोशल मीडिया पर 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें कई लड़कियों के साथ आपत्तिजनक हरकतें दिखाई गई हैं. इस मामले में करीब 108 लड़कियों के शोषण का दावा किया जा रहा है, जिनमें कई नाबालिग लड़कियां भी शामिल बताई जा रही हैं. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान को अरेस्ट कर लिया है.
पूरी खबर- https://t.co/ShYJm79KNE
#Maharashtra #Amaravati #VideoScandal #Girls #Crime #Police #TV9Card
NEET PG काउंसलिंग में 4 नंबर, 10 नंबर लाने वालों को भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में PG की सीट मिल गई है।
सीट भरने के नाम पर सीट दे तो दिए लेकिन
ये किस लेवल के डॉक्टर बनेंगे ये समझना कोई रॉकेट साइंस है क्या?
कोई मंत्री-नेता इनसे इलाज कराएगा क्या?
और अगर कल को डॉक्टर नहीं बन पाए तो इनका पैसा, इनका समय और टैक्स पेयर का जो पैसा इनकी पढ़ाई में लगा वो कौन लौटाएगा?
लेकिन देखिए क्या चल रहा है। गजबे है।
इतिहास के दोहरे मापदंडों पर अब गहन विवेचना होनी चाहिए जहाँ बाहरी आक्रांताओं और उपनिवेशी ताकतों के भीषण अत्याचारों को ‘अतीत की बात’ कहकर भुला दिया जाता है, जबकि भारतीय समाज के एक वर्ग को निरंतर ‘ऐतिहासिक अपराधी’ के रूप में चिन्हित कर वर्तमान में प्रतिशोध का निशाना बनाया जा रहा है।
ये @Abhinav_Pan, हर छोटे मोटे विषय पर वीडियो बनाएगा, रील्स बनायेगा।
इसका एक ही काम है, पैसे कमाना और सब्सक्राइबर्स जुटाना।
इसको क्रांतिकारी समझने की भूल ना करे।
#UGC_RollBack वाले मुद्दे पर एक ट्वीट भी जरूरी नहीं समझा इसने। 🤷🏻♂️
प्रिय @girirajsinghbjp जी, आपने यूजीसी पर मुँह क्यों नहीं खोला है? आप तो आम-झाम-लताम किसी पर भी कुछ भी बोल देते हैं? @dpradhanbjp से मित्रता इतनी गहरी है कि जिस जाति ने आपको चुन कर बार-बार सांसद बनाया, उसकी बात आप नहीं कर पा रहे?
@ManojTiwariMP जी, आप क्यों चुप हैं @ugc_india के नियमों पर? क्या यह स्वीकार्य है कि अनारक्षित श्रेणी के लड़के सरकारी कॉलेजों में जाना ही बंद कर दें?
उन्हें अब IITs का मोह त्याग देना चाहिए क्योंकि उनके शिकार में मुस्लिम, दलित, ओबीसी के बच्चे मंडल जैसे ‘पूरा नाम बताओ’ वाले प्रोफेसरों के कहने पर बैठे रहेंगे?
प्रधान के कार्यकाल में @EduMinOfIndia का ह्रास सर्वाधिक हुआ है। इस व्यक्ति के वश में न अधिकारी हैं, न अकादमिक समितियाँ। ऐसे विचित्र नियम सोच-समझ कर बनाए जाते हैं क्योंकि ओडीशा में इन्हें वह नहीं मिला जो ये चाहते थे। इसलिए ये अब लगे हुए हैं।
इन्हें पेलते रहना आवश्यक है। अपने-अपने सांसदों से पूछिए कि वो चुप क्यों हैं?
अंजना ओम कश्यप पुतिन का इंटरव्यू नहीं ले सकती हैं,
लेकिन जिनसे ग्रुप D भी सही से न पढ़ाया जाए वो UPSC,BPSC,UPPSC के कोर्स बेच सकते हैं और मॉक इंटरव्यू ले सकते हैं।
It is truly disheartening to witness how, year after year, the atheist LDF govt’s apathy has resulted in avoidable hardship for lakhs of Ayyappa devotees.
Pilgrims from across the nation are being put through immense difficulty due to the LDF govt’s poor preparation and mismanagement. On one hand, essential services for devotees remain inadequate; on the other, it is deeply troubling to learn that organisations such as the Ayyappa Seva Sangham, the Amritanandamayi Math, and the Subramanya Religious Trust have reportedly been restricted from offering their voluntary support.
Sabarimala is not merely a pilgrimage site; it is a spiritual anchor for millions in our country. The least a government can do is uphold its responsibility with sincerity and respect.
You control Hindu temples, their land, their income, and then you treat their devotees like this on their holiest of pilgrimages.
Dr @vikramsampath had once said: "Fate of Hindus will soon be like lambs being quietly led to their slaughter." I disagree. The lambs are bleating.
राजा राम के देश में मुगलों के नक्शे कदम पर मत चलो
आपको पार्टी को अपना बनाकर रखना है रखो जनता हरा देगी
सब कुछ अपने कंट्रोल में रखना है रखो
“लेकिन ये इस उम्र में माँ बाप को पीटना बहन को घर से भगा देना”
औरंगज़ेब मत बनों 👇