यही वह दृश्य है जहाँ योग्यता, @narendramodi के भीड़तंत्र के समक्ष झुक कर बिछ जाने के सामने, कलम निकाल कर अपनी अंतिम यात्रा का आरंभ कर रही है।
डायरेक्टर केदारे साहब शांत हैं, 18 माँगें हों या 180, वो स्वीकार कर लेंगे क्योंकि @PMOIndia से कारण बताओ नोटिस आ जाएगा कि आपसे एक छोटा सा प्रोटेस्ट नहीं सँभलता, जबकि हमने तिलचट्टों के प्रोटेस्ट में पूरे देश को बताया है कि करना क्या है।
भीड़ ही ‘लोकतंत्र’ का ‘लोक’ है, अतः वह जो भी कहे, वह जाँच से पहले ही कर दीजिए। मुझे थूकने की इच्छा हो रही है किसी के मुँह पर!
जाट एसोसिएशन सार्वजनिक रूप से आईआईटी बॉम्बे के प्रोफ़ेसर सूर्यनायना के साथ है |
प्रोफेसर सूर्यनायन द्वारा चीटिंग पकड़ कर कोई असंवैधानिक काम नहीं किया था | बल्कि विश्वविख्यात आईआईटी बॉम्बे की साख बचाई थी |
तहसीन पूनावाला ने टीम भारत के साथ IIT बॉम्बे मामले में प्रोफेसर का साथ दिया।
उन्होंने साफ कहा कि यह जातिगत भेदभाव का मामला नहीं है। छात्र को नकल करते पकड़ा गया था, इसलिए जातिगत भेदभाव का आरोप गलत है।
उन्होंने छात्र की मौत पर परिवार के प्रति सहानुभूति जताई, लेकिन निर्दोष प्रोफेसर को झूठे आरोपों पर सजा देने का विरोध किया।
Dr Doolla is an acclaimed professor of Energy Sciences at IIT Bombay. An MTech and a PhD from IIT, he has received excellence in teaching award twice. He recently caught a student cheating. The student committed suicide.
Dr Doolla has now been charged under the SC/ST Act.
IIT बॉम्बे की टॉपर प्रिया मिश्रा का बयान चर्चा में है।
तीसरे साल की छात्रा प्रिया मिश्रा ने कहा —
“छात्र के परिवार के लिए दुख है। लेकिन सूर्यनारायण सर को सजा क्यों मिल रही है? अगर नकल नहीं होती, तो सर कोई कार्रवाई नहीं करते।
30-40 पर्सेंटाइल लेकर IIT में आ जाते हो, और फिर परीक्षा में मोबाइल से नकल करना चाहते हो क्योंकि दबाव नहीं झेल सकते। मैं 90 प्रतिशत ला सकती हूँ, लेकिन मेरे पास आईफोन खरीदने के पैसे नहीं हैं।
विशेषाधिकार मुझे मिलना चाहिए, ऐसे बच्चों को नहीं।
केस उनके माता-पिता पर होना चाहिए। केस उस सिस्टम पर होना चाहिए जिसने एक कमजोर और अनपढ़ बच्चे को इतने बड़े संस्थान में भेज दिया, जहाँ दिमाग, IQ और दबाव झेलने की हिम्मत चाहिए।
अगर दबाव नहीं झेल सकते तो घर बैठो। सीट बर्बाद मत करो। सूर्यनारायण सर का इस्तीफा इस देश के हर ईमानदार शिक्षक का अंत है, और अब नकल शर्मनाक काम भी नहीं रहेगी।”
आप इस तरह की हरकतों से Gen Z और भारतीय युवाओं का समर्थन नहीं जीत सकते। आप एक इंटरनेट ट्रोल को मंच देकर उसके साथ मिलकर नरेंद्र मोदी जी की दिवंगत माता का मज़ाक उड़ा रहे हैं।
अगर राहुल गांधी में 1% भी शर्म बाकी है, तो उन्हें इस कार्यक्रम के बाद अपने इस कृत्य के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।
शर्मनाक!!
WARNING ‼️ इस वीडियो को मत देखना अगर तुम कमज़ोर दिल के हो तो… इंदिरा ने पाकिस्तान के 93 हज़ार क़ैदी वापस दे दिए… लेकिन अपने 54 युद्धबंदी वापस नहीं ले पाई… कलेजा फट जाएगा अगर ये सुन लोगे तो…
बार आइटम के पुत्र के संस्कार देखो ...
एक पुलकित मणी नाम का छपरी आता है,
-मां को कुर्सी दो....
कहकर PM की स्वर्गीय माता जी का मजाक उड़ाया जा रहा
और गधा पप्पू हसं रहा है 🤔
धन्य वो लोग जो पप्पू के कार्यक्रम में अपने बच्चों को भेजते हैं, यही सब सीख कर आएंगे ध्यान रखो ..
वो दिन दूर नहीं जब तुम्हारा भी ऐसा ही मजाक बनाएंगे 🤲🏻🤲🏻
प्रिय 🙏
@UPPViralCheck@Uppolice@cyberpolice_up@CMOfficeUP ,
महोदय 🙇 इस @TMail28369 हैंडल द्वारा ट्विटर पर लगातार हिंदू 🚩 देवी देवताओं की अश्लील एवम् बेहद आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की जा रही है कृपया संज्ञान लें 🙏 और दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें 🥹🙏
'झूंठ की गूंज' अब अपने अंतिम पड़ाव पर है...
प्रधानसेवक जहां बुजुर्गों का सम्मान करते हैं, वहीं संवेंदनहीन राजनीति के गुरु राहुल गाँधी उनका उपहास उड़ाते हैं।
कांग्रेस पार्टी की निर्मम हो चुकी राजनीति को ममत्व, संवेदना और सेवा से कोई लेना देना ही नहीं है।
सत्ता की राजनीति में डूबी कांग्रेस जनसेवा की उस भावना से कोसों दूर हो चुकी है, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति करुणा और संवेदनशीलता सर्वोपरि होती है।
मातृशक्ति का ऐसा अपमान देश कभी माफ नहीं करेगा!
छात्रों के वास्तविक मुद्दों को सुनने के बजाय राहुल गांधी के मंच से "माँ" शब्द पर ठहाके लगाना बेहद निंदनीय है।
इंदौर के मंच से दिखी यह घटिया सोच और संवेदनहीनता सीधे तौर पर हमारी संस्कृति का अनादर है।