उत्तर प्रदेश विधान सभा के माननीय अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी ने जनपद बलिया की रसड़ा विधान सभा क्षेत्र से विधायक श्री उमाशंकर सिंह जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि श्री उमाशंकर सिंह जी का निधन प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। जनसेवा और अपने क्षेत्र के विकास के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।
माननीय अध्यक्ष जी ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
ॐ शांति!
भावपूर्ण श्रद्धांजलि
बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रसड़ा विधानसभा से विधायक उमाशंकर सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है।
ॐ शांति।
लखनऊ - उमाशंकर सिंह के आवास पर बोलीं मायावती
➡️मुझे सगी बहन की तरह ही मानते थे - मायावती
➡️उमाशंकर ने कभी पार्टी को धोखा नहीं दिया- माया
➡️सब धोखा देकर चले गए लेकिन उमाशंकर नहीं- माया
➡️परिवार चाहेगा तो बेटे को राजनीति में बढ़ाएंगे- माया
➡️उमाशंकर के स्थान पर बेटे को सम्मान दूंगी- माया
➡️पार्टी उनके पूरे परिवार का ध्यान रखेगी- मायावती.
#Lucknow @Mayawati@bspindia
बलिया की रसड़ा विधानसभा से बसपा के विधायक श्री उमाशंकर सिंह जी का निधन, अत्यंत दुखद !
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं।
भावभीनी श्रद्धांजलि !
जनपद बलिया के रसड़ा विधान सभा क्षेत्र से माननीय विधायक श्री उमाशंकर सिंह जी का निधन अत्यंत दु:खद है। विनम्र श्रद्धांजलि।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य श्री उमा शंकर सिंह के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। वे केवल एक विधायक के रूप में नहीं बल्कि एक संवेदनशील समाज सेवी के रूप में भी जाने और माने जाते थे। वे दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर काम करने में विश्वास रखते थे। अपनी विनम्रता तथा अच्छे व्यवहार के कारण उनके सभी दलों के साथ अच्छे संबंध रहे। दुख की इस घड़ी में उनके शोकाकुल परिवार एवं समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ॐ शांति।
बहन जी की आवाज से उनके दुख का अंदाजा लगा सकते है. एक वफादार नेता हर पार्टी के लिए एक कीमती पूँजी होती है जो बीएसपी ने खोया है उसका अंदाज बहन जी की इस बात से लगायें कि “ भाई तो बहुत बने पर उमाशंकर सिंह को छोड़कर सबने धोखा दिया”
बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के कर्मठ, ईमानदार व पूरी तरह से वफादार बलिया की रसड़ा सीट से लोकप्रिय विधायक श्री उमाशंकर सिंह की आज शाम लम्बी बीमारी की वजह से इलाज के दौरान देहान्त हो जाने की ख़बर अति-दुखद। उनके परिवार तथा उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा की जितनी भी तारीफ की जाये वह कम है। उनका पूरा परिवार बी.एस.पी. परिवार की तरह है तथा उनके परिवार के सभी लोग मुझे बड़ी बहन की तरह ही पूरा आदर-सम्मान देते हैं।
उनके पुत्र से लगातार सम्पर्क बने रहने के दौरान ही आज शाम उनके देहान्त की ख़बर उनके पुत्र से ही मिली। इस दुख की घड़ी में मैं व पूरी पार्टी उनके व उनके परिवार के साथ है तथा उन्हें किसी भी प्रकार से हिम्मत नहीं हारना है बल्कि इस परिस्थिति का सामना करते हुये आगे बढ़ना है। कुदरत उन सभी लोगों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव अब बहुत नज़दीक आ रहा है, जिसकी तैयारी हेतु मेरे खुद के द्वारा प्रदेश की पिछली कई राज्य स्तरीय बड़ी बैठकें लखनऊ पार्टी प्रदेश कार्यालय में ली गई हैं और आगे भी ज़रूरत के अनुसार ली जायेंगी, जिसमें पार्टी के उम्मीद्वार तय करने के लिए पार्टी के ख़ासकर प्रदेश व मण्डल स्तरीय पदाधिकारियों को ज़रूरी दिशा-निर्देश दिये गये हैं, जिसके तहत् ही अभी तक मेरे द्वारा उनका इन्टरव्यू आदि लेकर लखनऊ में लगभग 2 दर्जन से ज़्यादा उम्मीदवार तय/फाइनल कर दिये गये हैं और आगे भी सभी सीटों पर मेरे द्वारा ही उम्मीदवार तय किये जायेंगे, जिसके बारे में अब पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को लेकर क़िस्म-क़िस्म के भ्रम फैलाये जा रहे हैं जिसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।
2. जबकि अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि पूरे देश में जहाँ-जहाँ भी समय-समय पर विधानसभा के आमचुनाव होते हैं, या देश में लोकसभा के भी आमचुनाव होते हैं तो वहाँ भी उम्मीदवारों को अन्तिम रूप मेरे द्वारा ही दिया जाता है।
3. यहाँ यह भी अवगत कराना है कि यू.पी. की जिन विधानसभा की सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार तय कर दिये गये हैं तो वहाँ मेरी अनुमति से ही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा छोटी-बड़ी जनसभायें करके उनका ऐलान भी किया जा रहा है, जिसके तहत् ही कुछ सीटों के उम्मीदवार का ऐलान श्री आकाश आनन्द भी पार्टी की जनसभा करके करेंगे।
4. हालाँकि इससे पहले देश के कई राज्यों में अभी हाल ही में विधानसभा के आमचुनाव हुये हैं जहाँ मेरे दिशा-निर्देशन में ही चुनावी जनसभा लेने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को भेजा गया और पिछले लगभग एक वर्ष से इनकी पूरे देश में पार्टी संगठन की समीक्षा बैठकें व जनसभा आदि करने के लिए भी इनको भेजा जा रहा है और वे भी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी को निभा रहे हैं।
5. इसलिए उत्तर प्रदेश में भी इसी क्रम में इनकी भी कुछ सीटों पर पार्टी के तय किये गये उम्मीदवारों के ऐलान हेतु जनसभायें हो रही हैं। जबकि इससे पहले यू.पी. की राजधानी लखनऊ में दिनांक 9 अक्तूबर सन् 2025 को मान्यवर श्री कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर पार्टी की ऐतिहासिक महारैली भी हुई, जिसमें श्री आकाश आनन्द को बोलने का मौक़ा दिया गया। साथ ही, इसके पूर्व यहाँ लोकसभा के हुये आमचुनाव में भी इनको पूरे प्रदेश में व देश के अन्य राज्यों में भी पार्टी की चुनावी जनसभायें लेने के लिए भेजा गया था, यह सब सोशल मीडिया आदि पर मौजूद है।
6. जबकि यह सब पार्टी की रूटीन प्रक्रिया के तहत् हो रहा है। इसका श्री आकाश आनन्द के क़द को बढ़ाने व कम करने आदि से कोई लेना देना नहीं है और ना ही पार्टी के उम्मीद्वार भी तय करने से कोई लेना देना है। यह भी पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरह ही पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशा-निर्देशन में यू.पी. में कुछ स्थानों पर पार्टी के उम्मीद्वार के ऐलान के लिये जनसभा कर रहे हैं। लेकिन फिर भी इनके बारे में सोशल मीडिया आदि पर आए दिन अनाप-सनाप बातें करना यह ठीक नहीं है। पार्टी के लोग ऐसे सभी शरारती व जातिवादी तत्वों से हमेशा सावधान रहें।
💔 कैंसर से जंग हारने से पहले पिता ने अपने छोटे बेटे के लिए छोड़ा आख़िरी संदेश…
एक पिता, जो टर्मिनल कैंसर से लड़ रहा था, दुनिया छोड़ने से पहले अपने बेटे मंत्रा के लिए ऐसी बातें कह गया जिन्हें पढ़कर शायद आपकी भी आँखें नम हो जाएँ।
उसने बेटे से कहा— "हमेशा अपनी माँ की बात मानना, उनका ख़्याल रखना… और अपनी दोनों बहनों की हमेशा रक्षा करना।"
फिर उसने एक और बात कही जिसने लाखों लोगों का दिल छू लिया— "मैं कहाँ चला गया, ये मत पूछना… जब भी मेरी याद आए, समझना मैं हमेशा तुम्हारे पास हूँ।" ❤️🥺
कुछ रिश्ते मौत से नहीं टूटते… पिता का प्यार हमेशा बच्चों के साथ रहता है। 🙏
1. देश में पेपर लीक के जघन्य अपराध व उसके कारण नौजवान छात्र-छात्राओं का उनका भविष्य अंधकार होता देख अनेकों द्वारा आत्महत्या जैसी अति-दुखद घटनाओं की रोकथाम की उपाय के रूप में संसद ने एक बार फिर से एक और सख़्त सज़ा के प्रावधान वाला क़ानून बनाने वाला बिल लोकसभा ने आज अन्ततः पास कर दिया है, लेकिन क्या केवल इससे समस्या का समाधान हो जायेगा, इसकी चिन्ता लोगों में बरक़रार है, क्योंकि लोगों को यह आपाधापी/जल्दबाज़ी में लिया गया एक और क़दम ज़्यादा लगता है, जबकि अन्य और भी उपायों को तत्काल सख़्ती से लागू करना ज़रूरी है।
2. वास्तव में यह कदम भी पेपर लीक होने के बाद सख़्त सज़ा का प्रावधान करता है, जबकि पेपर लीक का पूरा मामला इस महा अपराध को होने देने से पहले ही इसे रोकने का है, अर्थात् अपराध नियंत्रण ज़्यादा महत्वपूर्ण है, जो कि अधिकतर मामलों में यहाँ कहीं भी प्रभावी होता हुआ नज़र नहीं आता है, और यह पेपर लीक के पिछले क़ानून के निष्प्रभावी होने से भी स्पष्ट है।
3. हकीकत में अन्य अपराधों की तरह पेपर लीक जैसे जघन्य अपराध के नियंत्रण के लिये सख़्त से सख़्त कानून से अधिक इसकी रोकथाम हेतु बेहतर से बेहतर उपाय करने की ज़रूरत है, जिसके तहत् शिक्षा के लिये शोषणकारी ऋण को सस्ता करके उसे कल्याणकारी बनाना, सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा आदि सहित पूरी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की ज़रूरत है, ताकि ग़रीबों, उपेक्षितों, शोषितों व अन्य मेहनतकश लोगों के बच्चे भी समता व समानता के साथ आगे बढ़ सकें, जो परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के कल्याणकारी संविधान का उद्देश्य तो है किन्तु इसका हर स्तर पर वर्तमान में घोर अभाव है।
4. दरअसल अमीर परिवारों के लोग तो धनबल के आधार पर अपनी मनमानी व मनचाही पढ़ाई आदि प्राप्त कर लेते हैं, किन्तु करोड़ों ग़रीब परिवारों के बच्चे-बच्चियों का क्या जो होनहार होने के बावजूद अपना जीवन संवार नहीं पाते हैं।
5. वैसे भी पेपर लीक शिक्षा व्यवस्था में बिगाड़ का केवल एक उदाहरण है, जबकि शिक्षा व्यवस्था में बिगाड़ की जड़ काफी गहरी व अति-गंभीर है। इसके निदान के लिये दृढ़ इच्छाशक्ति व नेक नीयत के साथ अनवरत ईमानदार प्रयास की ज़रूरत है, तभी कुछ मुट्ठी भर लोगों के बजाय करीब 140 करोड़ लोगों का यह देश आगे बढ़ पायेगा।
6. लेकिन यह अति-दुखद है कि पेपर लीक रोकथाम सम्बंधी बिल पर भी बहस के दौरान अधिकतर पार्टियाँ दलगत राजनीति से ऊपर नहीं उठ पायीं अर्थात् संसद में चर्चा के दौरान पूरी गंभीरता कम व एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप ही ज़्यादा रहा। ऐसे में क्या नया बनने वाला यह पेपर लीक निरोधक क़ानून कितना सार्थक होगा इससे लोगों का शंकित होना उचित है।
7. ऐसे में मूल प्रश्न यही है कि क़ानून पर क़ानून क्या इस जटिल समस्या का सही समाधान कर पायेगा? सरकार इसके अलावा भी अन्य बेहतर उपायों पर भी ज़रूर विचार करे तो यह देश के उज्जवल भविष्य के लिये बेहतर होगा।
1. यूपी के ज़िला रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आज़म ख़ान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित यूनिवर्सिटी की 38 शिक्षण इमारतों को, उसका स्वीकृत नक्शा आदि के अभाव में, ध्वस्त करने की रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर अब रोक लगाने का फैसला उचित व इसका स्वागत।
2. वैसे केवल जौहर विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अगर अन्य और भी शिक्षण संस्थायें हैं जो अपने निर्माण आदि में सरकारी नियमों आदि का सही से अनुपालन नहीं कर पाये हैं, तो उन पर भी बुलडोजर चलाकर तोड़ने की सख़्ती करने के बजाय, सरकार को उन सबको सही व नियमित कराने के सम्बंध में ज़रूरी कार्रवाई करने की नीति अपनानी चाहिये, ताकि वहाँ शिक्षा हासिल करने वाले सभी छात्र-छात्राओं का जीवन किसी भी प्रकार से प्रभावित ना होने पाये। उम्मीद है कि सरकार बी.एस.पी. की इस जनहितैषी सलाह पर ज़रूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।