पूर्वोत्तर दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में 14 और 15 जून की दरमियानी रात लूटपाट का विरोध करने पर राजस्थान के 25 वर्षीय बस खलासी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अलवर निवासी मुशर्रफ के रूप में हुई है, जो दिल्ली में एक निजी बस में काम करता था और अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।
पुलिस के अनुसार, मुशर्रफ जब घर लौट रहा था, तभी अज्ञात बदमाशों ने उसे रोककर लूटपाट की कोशिश की। विरोध करने पर हमलावरों ने उस पर चाकू से कई वार किए और मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल मुशर्रफ को गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
कोई नारेबाज़ी नहीं
कोई झगड़ा नहीं
कोई DJ नहीं
कोई उकसावा नहीं
कोई हुड़दंग नहीं…
केवल भारत में ही करोड़ों मुस्लिम ईदगाह/मस्जिद में इकट्ठा हुए 2 रकअत नमाज़ पढ़े, और ख़ुशबू बिखरते हुए घर को चल दिए इसे कहते हैं मज़हब ए इस्लाम।
UP: इमाम पर कथित हमला, ट्रेन से नीचे फेंके गए! पोस्टमॉर्टम में सभी पसलियों में फ्रैक्चर मिला!
इमाम तौसीफ़ रज़ा का शव 27 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले में रेलवे ट्रैक के पास मिला था। इससे एक दिन पहले, जब कथित तौर पर ट्रेन में उन पर हमला हो रहा था, तब उन्होंने घबराहट में अपनी पत्नी को तीन बार फ़ोन किया था।
उनकी पत्नी, तबस्सुम, अब इंसाफ़ की मांग कर रही हैं। उनका सवाल सीधा-सा है: अगर यह सचमुच एक हादसा था—जैसा कि UP पुलिस दावा कर रही है—तो उनके मोबाइल फ़ोन पर एक खरोंच भी क्यों नहीं है?
मौलाना तौसीफ़ मज़हरी के साथ हुआ ज़ुल्म नाक़ाबिले बर्दाश्त है। हम चाहते हैं कि तुरंत जांच हो और ज़िम्मेदारों को सज़ा दी जाए ताकी दोबारा इस तरह की घटनाएं ना हों।
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A cleric was first assaulted, then killed by throwing off a train. Police declared it was an "accident", then acknowledged that there was some assault and action will be taken against the assaulter(s).
Justice must be served.
#Justice4MaulanaTausifRaza#Justice4TauseefMazhari
ہماری خاموشی شر پسندوں کے حوصلے بلند کر رہی ہے ،مزید اب خاموشی مناسب نہیں ،مولانا توصیف نور اللہ قبرہ کے ساتھ جو کچھ ہوا اسے بھلایا نہیں جاسکتا، اب وقت کا تقاضا ہے ہم سب مل کر حق و انصاف کے لیے کھڑے ہوں!
#JusticeForMaulanaTausif#justice4tauseefmazhari