मैं 2004 से लगभग तीन साल उनका बॉडी गार्ड रहा। एसपीजी में पीएम की सुरक्षा का सबसे अंदरुनी घेरा होता है - क्लोज़ प्रोटेक्शन टीम जिसका नेतृत्व करने का अवसर मुझे मिला था। एआईजी सीपीटी वो व्यक्ति है जो पीएम से कभी भी दूर नहीं रह सकता। यदि एक ही बॉडी गार्ड रह सकता है तो साथ यह बंदा होगा। ऐसे में उनके साथ उनकी परछाई की तरह साथ रहने की जिम्मेदारी थी मेरी।
डॉ साहब की अपनी एक ही कार थी - मारुति 800, जो पीएम हाउस में चमचमाती काली बीएमडब्ल्यू के पीछे खड़ी रहती थी। मनमोहन सिंह जी बार-बार मुझे कहते- असीम, मुझे इस कार में चलना पसंद नहीं, मेरी गड्डी तो यह है (मारुति)। मैं समझाता कि सर यह गाड़ी आपके ऐश्वर्य के लिए नहीं है, इसके सिक्योरिटी फीचर्स ऐसे हैं जिसके लिए एसपीजी ने इसे लिया है। लेकिन जब कारकेड मारुति के सामने से निकलता तो वे हमेशा मन भर उसे देखते। जैसे संकल्प दोहरा रहे हो कि मैं मिडिल क्लास व्यक्ति हूं और आम आदमी की चिंता करना मेरा काम है। करोड़ों की गाड़ी पीएम की है, मेरी तो यह मारुति है।
#ManmohanSingh
निवडणूक आयोगाच्या नेमणुकांबाबत सुप्रीम कोर्टाचा ऐतिहासिक निर्णय
आता निवडणूक आयोगाच्या सदस्यांच्या नेमणुकीसाठी पंतप्रधान, विरोधी पक्षनेते सरन्यायाधीश यांची समिती राष्ट्रपतींकडे शिफारस करणार
सध्या केवळ पंतप्रधानांच्या सल्ल्याने राष्ट्रपती नेमणुका करत होते
यह तस्वीर महाराष्ट्र के त्रयम्बकेश्वर के पास मेटघर गाँव की है...पीने के लिए पानी नहीं है, महिलाएं अपनी जान जोखिम में डाल पानी भर रही हैं.. यह सब 2022 में हो रहा है!
केंद्र बनाम राज्य, हिन्दू मुस्लिम और ईडी-CBI जैसे बड़े मुद्दों के बीच महाराष्ट्र के ऐसे मूलभूत मुद्दे खो गए हैं..