@rvppks_puvvnl_@UPPCLLKO@myogioffice@aksharmaBharat@ANI@RVPPKSUP संवैधानिक व्यवस्था किसी को भी इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं देती। चेयरमैन साहब को भी देश के संविधान के अनुसार अपनी लोक सेवा के दायित्व को निभाना चाहिए। इस प्रकार कर्मचारियों के एक विशेष संवर्ग tg2 को दलाल बताना उनकी छोटी सोच को दिखता है।
@UPPCLLKO की बैठक में चेयरमैन द्वारा टीजी–2 कर्मचारियों के संबंध में“दलाल”जैसी टिप्पणी आपत्तिजनक एवं निंदनीय है । टीजी 2 कर्मचारियों के सम्मान व मनोबल पर यह सीधा आघात ��ै
संघ तत्काल सार्वजनिक खेद एवं सम्मानजनक स्पष्टीकरण की मांग करता है
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पॉवर कारपोरेशन के अध्यक्ष द्वारा श्री निधि नारंग के सेवा विस्तार हेतु भेजे गए पत्र से बिजली कर्मचारियों में भारी गुस्सा व्याप्त : निजीकरण के नाम पर हो रही लूट को रोकने की मुख्य सचिव से अपील : निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन जारी
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के नए मुख्य सचिव श्री शशि प्रकाश गोयल से अपील की है कि वह पॉवर कारपोरेशन के अध्यक्ष द्वारा निदेशक वित्त निधि नारंग का कार्यकाल बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी न दें और उत्तर प्रदेश में निजीकरण के नाम पर हो रही है भारी लूट को रोकने की कृपा करें।
संघर्ष समिति ने निधि नारंग को सेवा विस्तार देने का पत्र भेजने के मामले में डॉक्टर आशीष गोयल पर गंभीर आरोप लगाया है। संघर्ष समिति ने कहा कि ऐसा लगता है कि पॉवर कारपोरेशन का अध्यक्ष रहते हुए डॉक्टर आशीष गोयल ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन के महामंत्री के रूप में काम कर रहे हैं और निजी घरानों का हित देख रहे हैं। संघर्ष समिति ने सवाल किया कि आखिर डॉक्टर आशीष गोयल एक व्यक्ति विशेष को बार-बार सेवा विस्तार देने के लिए क्यों लालायित हैं । कहीं यह सब निजी घरानों से मिली भगत का परिणाम तो नहीं है।
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आज यहां कहा कि यह पता चला है कि पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर आशीष गोयल ने शासन को एक पत्र भेज कर पावर कॉरपोरेशन के निदेशक वित्त श्री निधि नारंग का कार्यकाल छह माह और बढ़ाए जाने का प्रस्ताव किया है।
उल्लेखनीय है कि 30 जुलाई को उत्तर प्र��ेश शासन द्वारा श्री निधि नारंग के कार्यकाल को बढ़ाए जाने के पॉवर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर आशीष गोयल के 14 जुलाई के प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया है।
संघर्ष समिति ने बताया कि यह पता चला है कि श्री निधि नारंग का कार्यकाल बढ़ाए जाने के प्रस्ताव में पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर आशीष गोयल ने लिखा है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया अभी अधूरी है और श्री निधि नारंग निजीकरण हेतु बनाई गई टेंडर मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष है। अतः उनका कार्यकाल 06 महीने के लिए और बढ़ा दिया जाए जिससे निजीकरण की प्रक्रिया सुगमता से पूरी हो सके।
संघर्ष समिति ने नव नियुक्त मुख्य सचिव श्री शशि प्रकाश गोयल को प्रेषित पत्र में कहा है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया में निदेशक वित्त श्री निधि नारंग की भूमिका प्रारंभ से ही बहुत विवादास्पद रही है।
संघर्ष समिति ने पत्र में लिखा है कि श्री निधि नारंग की निजीकरण हेतु ट्रांजैक्श��� कंसलटेंट नियुक्त किए जाने की प्रक्रिया में हितों के टकराव का प्राविधान हटवाने में बड़ी भूमिका रही है। निजीकरण हेतु नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को झूठा शपथ पत्र देने के मामले में भी श्री निधि नारंग ने ही क्लीन चिट दी है।
संघर्ष समिति ने लिखा है कि निजीकरण हेतु नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन की निदेशक वित्त श्री निधि नारंग से बहुत व्यक्तिगत निकटता है। यह आम चर्चा रही है कि ग्रांट थॉर्टन के लोग अधिकांश समय श्री निधि नारंग के कमरे में ही बैठकर काम करते थे और श्री निधि नारंग ��न्हें गोपनीय पत्रावली भी दिखते थे।
संघर्ष समिति ने कहा कि श्री निधि नारंग को तीसरी बार सेवा विस्तार देने का पत्र भेज कर पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर आशीष गोयल घोटाले के केंद्र बिंदु में आ गए हैं। निधि नारंग को निजीकरण के नाम पर पहले ही दो बार आशीष गोयल की अनुशंसा पर सेवा विस्तार दिया जा चुका है। अब एक बार फिर निजीकरण के नाम पर श्री निधि नारंग को छह माह का सेवा विस्तार देना सर्वथा अनुप���ुक्त होगा। विशेषतया तब जब श्री निधि नारंग की कॉर्पोरेट घरानों के साथ निकटता जग जाहिर है और ट्रांजैक्शन कंसलटेंट, कॉर्पोरेट घराने, निधि नारंग और डॉ आशीष गोयल की निजीकरण की प्रक्रिया में मिली भगत है।
संघर्ष समिति ने मुख्य सचिव से मांग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को देखते हुए श्री निधि नारंग को किसी भी कीमत पर सेवा विस्तार न दिया जाय।
संघ���्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 246 वें दिन बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
@narendramodi
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मा. HC के निर्देशों के बाद MD's को सेवा संघो से वार्ता हेतु @श्रीमान @mduppcl द्वारा पत्र जारी किया, लेकिन @UPPCLLKO के कार्मिको को निजीकरण की आग मे झोक कर खुद कभी वार्ता का साहस नहीं किया!
लगता है श्रीमान @ChairmanUppcl की कर्मचारियों की समस्याओ के प्रति कोई संवेदनशीलात नहीं है!
मुजफ्फरनगर के बुढाना कोतवाली क्षेत्र के चंदहैड़ी रोड पर सुबह,विद्युत चोरी चेकिंग टीम,पर 73000 के बकाएदार एवं विद्युत ���ोरी कर रहे,साजिद व उसके परिवार द्वारा विद्युत कर्मचारियों पर किया जान लेवा हमला। #uppolice #muzaffarnagarpolice #sspmuzaffarnagar #dmmuzaffarnagar #uppcl
कर्मचारियों की सैलरी समय से ना मिलने के कारण लोन का इंस्टालमेंट ,जीवन बीमा की किस्त नही भर पा रहे है उसकी पेनाल्टी लग रही ।शैक्षणिक संस्थाओं में बच्चों के प्रवेश ,कापी किताब खरी��ने का भी समय हैं
आखिर कर्मियों को उकसाने का कुत्सित प्रयास नही तो क्या है ?
@aksharmaBharat @UPPCLLKO
अलग प्रदेश बनने बहुत फायदे है जितना छोटा प्रदेश होगा उतना ही जल्दी उन्नति करेगा जबकि पच्छिमी उत्तर प्रदेश पहले से ही काफी संपन्न है प्रदेस है! यहा की स्थिति पहले से बेहतर होगी, राजनीति कद बढ़ेगा! अब अलग प्रदेश ��ी एकमात्र विकल्प है !
अपनी प्रजा की खुशहाली के लिए प्रभु राजा श्रीराम का जूनून आत्म -त्याग की हद तक था...
यह एक ऐसा गुण है जिसे हर राजा को अपनाने की आवश्यकता है!
बिजली कर्मचारी रामनवमी का उत्सव बिना उत्साह मनाने को मजबूर।
3दिसम्बर को हुई समझौते को लागू करें
@myogiadityanath@aksharmaBharat@RVPPKSUP
प्राप्त सूचना के अनुसार यह घटना मेरठ की है जहां तकनीशियन कर्मी पर प्राण घातक हमला हुआ है ,व्यवस्था ऐसी की FIR के लिए भी वहां लोगो को मेहनत करनी होगी।
कर्मचारी प्रोटेक्टशन एक्ट बना कर कड़ा कदम उठाने की अति आवश्यकता है लेकिन विभाग है कि...
@aksharmaBharat@UPPCLLKO
रघुकुल रीति सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई
कर्मचारियों ने वचन के अनुसार आंदोलन स्थगित कर पूर्ण ऊर्जा से अपने कार्य संपादन में लग गए लेकिन उत्पीड़न की कार्यवाही समाप्त करने के वचन के बावजूद आज तक आदेश नही हुए ये पीठ में छुरा घोपने समान है @aksharmaBharat@myogioffice@UPPCLLKO
उठो, जागो और अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले मत रूको। (स्वा. विवेकानंद)
यदि न्याय नहीं मिलता तो, अन्याय करने वाले को हटा दो,चाहे वह कोई सरकार हो या किसी भी कंपनी का कोई चेयरमैन��
मुझे लगता है कि बिजली कर्मचारियों को सामूहिक इस्तीफा दे देना चाहिए जिससे चेयरमैन साहब को खुशी मिल जाए