1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमूपज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व उनके परम अनुयायी मान्यवर श्री कांशीराम जी की देश भर में बहुजन-हित हेतु ज़बरदस्त त्याग-तपस्या, आजीवन कड़ा संघर्ष व उनके उच्च आदर्श हमेशा ही प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं, जिस पर चलकर ही बी.एस.पी. ने देश की राजनीति में अभूतपूर्व सफलतायें अर्जित की हैं और अब ख़ासकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव को लेकर सर्वसमाज के साथ उत्साहपूर्ण ज़बरदस्त तैयारी भी की जा रही है।
2. यहाँ यह भी कहना हैं कि मेरा निजी नहीं बल्कि पूरा ’बहुजन समाज’ ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित व कल्याण मेरे लिये सर्वोपरि है और हमेशा ही रहेगा। इसी को मद्देनज़र रखते हुये व ख़ासकर पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के लिये ही मेरे द्वारा पिछले कुछ दिनों में, अनेकों सख़्त फैसले भी लिये गये हैं और इसको लेकर मेरे अपने भाई-बहन व उनके परिवार के लोग कभी भी अपवाद नहीं रहे हैं, जो कि जग-ज़ाहिर है।
3. वैसे तो श्री आकाश आनन्द का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ ज़रूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अन्ततः श्री आकाश आनन्द के ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है।
* जिसके बाद से श्री आकाश आनन्द के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका ख़ास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ’एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है।
4. इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि श्री आकाश आनन्द के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई ज़िम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौक़ा दिया जाये, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द ने भी अपनी सहमति जताई है। वास्तव में श्री ईशान आनन्द ने तो अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुये यह भी कहा है कि वे बिना किसी पद के ही पार्टी में मा. बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी उनको कार्य सौंपे जायेंगे तो उसे वे अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से ज़रूर निभायेंगे।
5. ऐसे में अब पार्टी काफी सोच-विचार करने के बाद पार्टी व मूवमेन्ट के हित में श्री आकाश आनन्द को पुनः बी.एस.पी. का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाकर इनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौक़ा दे रही है। उम्मीद है कि श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति सेे संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालाँकि यह काफी कुछ श्री आकाश आनन्द के ऊपर भी निर्भर करेगा।
6. इन्ही कुछ ज़रूरी बातों के साथ ही अब मैं पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज लिये गये इस फैसले के साथ ही श्री आकाश आनन्द के राजनैतिक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही इनको (श्री आकाश आनन्द) व इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द को तथा इनके पिता श्री आनन्द कुमार को भी अपना बहुत-बहुत प्यार व आशीर्वाद देती हूँ। इतना ही नहीं बल्कि पिछले दिनों हर परिस्थिति में मेरा साथ निभाने के लिए ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों का व अपने सभी शुभचिन्तकों आदि का भी मैं पूरे तहेदिल से व सम्मान के साथ उनका आभार भी प्रकट करती हूँ।
खंडन-
जनपद में सभी कर्मियों को आवश्यकतानुसार अवकाश दिया जाता है एवं किसी का भी अवकाश अनावश्यक रोका नहीं जाता है। आपातकालीन स्थिति में फोन पर ही अनुमति प्राप्त कर भी अवकाश दिया जाता है ताकि एप्लीकेशन लेकर आवेदकों को भटकना न पड़े। उक्त आरक्षी जिस चौकी पर तैनात है वहां पर तैनात 3 पुलिस कर्मी पहले से अवकाश/स्थानांतरण पर होने के कारण इन्हें छुट्टी रोकने हेतु बताया गया जिस पर इनके द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। अगस्त माह में भी उक्त आरक्षी को इनकी मांग के अनुसार 13 दिवस का अवकाश दिया गया है। इन्हें अति आवश्यक स्थिति होने को दशा में क्षेत्राधिकारी स्तर पर वार्ता कर अवकाश प्राप्त करना चाहिए था पर इनके द्वारा विवाद कर अनुशासनहीनता की गई।
अतः यह कहना कि अवकाश मांगने पर इन्हें निलंबित किया गया है, पूर्णतः असत्य है। इनके विवाद करने एवं अनुशासनहीनता के कारण इन्हें निलंबित किया गया है।
Bhai kahe ka doshi voh chutti mang rha hai toh aap do 30 CL se jyada toh le nhi lega or agr scch bolne pr chutti mile toh koi kyu chutti ke liye jhuth bole
@chandaulipolice अनुशासनहीनता की जरूरत क्यों पड़ी जब पत्नी के इलाज के लिए छुट्टी मांग रहा था, अगर इलाज के नाम पर झूठ बोलकर अवकाश मांग रहा था तो इंक्वायरी करवा लेते दोषी पाए जाने पर कार्यवाही करनी चाहिए था, गजब दोषारोपण है।
@chandaulipolice@SonOfTyagi1 Chowki par agr 3 hi log present hai toh kya kisi ki chutti nhi hogi chokiyon par force km hone ki sthiti me thane se force choki par lgayi ja skti hai yeh anushashanhinta hi shoshan ka dusra nam hai kuch na mile toh anushashanhinta bol do
आप छुट्टी नहीं दोगे, उसकी पत्नी मर जाय, बच्चे मर जाये, माता पिता मर जाए एसी क्या थाना आतंकीयो. ने घेर रखा था?
क्या विषमपरिस्थितिथी वोभी बता दो?
अनुशासनहीनता के अलावा और दूसरा शब्द आपके शब्दकोष में ही नहीं |शोषण का दूसरा नामअनुशासनहीनता हैं
@chandaulipolice@dgpup@mygovindia
@magadh_updates Yeh ek protocol hota hai jisko Krna rat me mandatory hota hai chahe fir koi bhi ho agr nhi krega santri aesa toh protocol na follow krne ke liye sp sir usko punish bhi kr skte the,aur yeh sb police act me likha hai isiliye sirf isko jo log rifle tanna bol rhe hai unhe jnkri nhi h
@magadh_updates This is a security protocol in every camp of either army,,CAPF or PS..it is meant to ensure that right person is entering the camp premises where the sentry asks for the password of the day..here the protocol was followed but was done when the SP was already within the PS !!
@magadh_updates Tm log sb gawaar ho ....farzi viral krte ho ....Raat m tham kon aata h ki karyavahi aise hi ki jati h .....phle police act padho gwaaro .....fir daalo faltu faltu likh kr
@yadavakhilesh जो बाप को मारे लात।
बना रहा है बड़ी बात।।
जो खुद संस्कारहीन है।
जिसे महापुरुषों से खिन्न है।।
वोट लालची रंग बदलू है।
नारों का न कोई पहलू है।।
पंडित पिछड़ा कभी बताते।
जनता को खुब मुर्ख बनाते।।
गले मिल जाते हैं पल में ।
घर के आधे विरोधी दल में।।
घर भर के सब राज ..
लाल रंग से नीले रंग तक, रंग बदलते रहे जनाब,
कभी चाचा तो कभी बाप—सबसे कर बैठे हिसाब।
कुर्सी मिली तो परिवार बैठा, पद मिले तो अपने खास,
जो बचे वो चमचों के हिस्से—यही रहा इनका विकास।
कभी नीले रंग और अंबेडकर नाम से थी बड़ी नफरत,
आज उसी नाम का गुणगान—क्या खूब बदली राजनीति!
आधा कुनबा BJP में, आधा अपनी पार्टी के साथ,
सत्ता हो या विपक्ष—परिवार रहे हर जगह साथ।
गिरगिट भी शर्मा जाए, इतना रंग बदलते हैं,
कल लाल थे, आज नीले हैं—मौसम देखकर चलते हैं।
इनका सियासी हुनर भी बड़ा निराला है जनाब,
सत्ता में घोटालों के आरोप, बाहर टोंटी चोरी का हिसाब! 😏
@dbabuadvocate Deepak babu aap yeh famous hone ke liye police aur police walo ke virudhh tweet krne ka sasta tarika kab tak apnayenge , abhi tak famous nhi hue kya yaa or koi kam nhi bcha hai jindgi me sasti patrakarita krne ke alava🤣
MP की दरोगा "पूजा रघुवंशी" आज रोते हुए वीडियो पोस्ट कर बोली कि मेरी कोई मदद करो।
SI पूजा रघुवंशी का एक साल पहले कार एक्सीडेंट हो गया था। स्पाइन फ्रैक्चर हो गया था। करीब एक साल छुट्टी पर रही। तेज दर्द की वजह से जमीन पर खड़ी ड्यूटी नहीं कर पा रही है। SP सर ने मेरी 5 महीने से सैलरी रोक रखी है।
रोते हुए कहा कि — में मर भी नहीं सकती मेरी एक छोटी बेटी है। मैने हेडक्वार्टर में आवेदन दे चुकी हूं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कृपया मेरी मदद करो।
SI पूजा का कहना है कि— मैं ड्यूटी से नहीं भाग रही। मुझे पूरी तरह स्वस्थ होने तक ऑफिस में हल्का काम दे दिया जाए तो में पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाने के लिए तैयार हूं।
वर्दी पहनकर सेवा करने वाली महिला अधिकारी आज अपने ही विभाग से मदद की उम्मीद लगाए बैठी हैं।
नीम करौली पर बनी फिल्म हनुमान अंश शुरुआत में फ्लॉप हो गई थी। मतलब कोई देखने नहीं जा रहा था।
फिर सुधीर का ये गाना वायरल हुआ। अब फिल्म हर दिन 10 करोड़ कमा रही।
सुधीर देख नहीं सकते। आप उनकी आवाज़ को महसूस करिए।
@Dinehshukla@Barabankipolice@Uppolice Sir Bina kisi proof ke ratri me apna kartvya nirvahan kar rhe police karmi par rishwat lene ka aarop lgana fir voh na chl paye toh nashe me ho kya bolkr usko uksana kitna shi hai ,kya police rat me duty sharab piye or aapradhik pravatti ke logo ki galiya sunne ke liye krti hai
पुलिस से 24 घंटे ड्यूटी की उम्मीद करना आसान है, लेकिन क्या उसके परिवार, आराम और मानसिक दबाव की भी कभी चिंता होगी? पुलिसकर्मी भी इंसान हैं, मशीन नहीं। बेहतर पुलिसिंग के लिए बेहतर कार्य-व्यवस्था जरूरी है?क्या आप सहमत हैं? बदलाव होना चाहिए @CMOfficeUP@myogiadityanath#PoliceReform
Or sal bahr me health issues khud ke sath family ke sath 1-2 bar toh ho hi jate hai v family functions or sge sambandhiyo ke functions attend krne ka bhi pressure har ek police karmi par rhta h toh yeh attempt wali boundation khtm krke use apni suvidhanusar chutti lene ka hk mile
Bilkul I agree with you,30 Days CL ko kitne bhi attempt me apni suvidhanusar lene ka hak sbhi police karmiyon ko hona chahiye,agr koi sipahi aage bhi competitive exams ki teyari kr rha hai toh usko 4-5 bar toh sal bhr me exam dene ke liye hi chutti leni pdti hai
ऑनलाइन छुट्टी व्यवस्था में अटेम्प्ट जैसी व्यवस्था कर देना स्वयं ही यह बता रहा है की यह कंडीशन मानसिक प्रताड़ना के लिये ही है, तभी तो कई लोगों ने फोन के माध्यम से इस पीड़ा के बारे मे बताया है, इस तरह कंडीशन की व्यवस्था अन्य कहीं नहीं है @sitapurpolice@adgzonelucknow
@Arunk750 रेस्टोरेंट्स में भी सर्व करने वाले बर्तन का साइज़ भी फिक्स करे . दाल बाल्टी में 2 लोग अच्छे से खाना नहीं खा सकते , इनके बर्तनों के साइज़ में हेर फेर होती है साइज़ दिखता कुछ और है और होता कुछ और है