प्यारे बन्धुओं मंत्रों की मार से बचिए। धर्माचार का पालन, भावशुद्धि और डटकर भजन कीजिए। जिनके लिए भगवान को पाना सहज-सरल है, वे अनायास दुर्गम और भटका देने वाला मार्ग नहीं चयन करें।
@kkadself@ayusharma_bh जो जैसा हो उसे वैसा कहना, इसमें कुछ भी अनुचित नहीं। आयुष भैया की भावना मिथ्या वार्ता करने की नहीं, जो सत्य है वही कहा उन्होंने। प्रतीत होता है, प्रयास उनका आपने देखा नहीं। सोचा आपको उनके प्रयासों से अवगत करा दिया जाए। ये उनका पुराना ट्वीट है कृप्या देखिये।
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@shaashvath प० हर्षशर्मा शास्त्रीजी द्वारा वर्णित इस शौचाचार विधि का पूजा-उपासना, यज्ञ, अग्निहोत्र, वेदाध्ययन आदि करने पर अवश्य पालन करें।
(सामान्यतः दीर्घशंका के बाद स्नान कर लें और प्रत्येक लघुशंका उपरांत कोनी/घुटनों के नीचे के हाथ/पैर, चेहरा धोएँ व कुल्ला करें।)
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पुरी पीठ के श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य भगवान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शंकराचार्य ने कहा, "हमारे सैनिक युद्ध जीतते हैं और वातानुकूलित कक्ष में बैठकर राजनेता समझौता कर उनके बलिदान पर पानी फेर देते हैं। देशभक्त योद्धा अपने प्राण हथेली पर लेकर जूझते हैं, लेकिन दो घंटे की वार्ता में उनका त्याग व्यर्थ कर दिया जाता है।"
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इन क्षत्रिय माताओं की गाथा अवश्य पढ़िए। कर्म से क्षत्रिय सभी बनना चाहते हैं परन्तु जहाँ क्षात्रधर्म का विषय आए तो ताप सहन नहीं होता है। क्षात्रधर्म कहता है कि मातायें अपने पति/पुत्र को जबरदस्ती युद्ध में भेजें, योद्धा पलायन नहीं करें, मृत्यु को अपना अलंकार मानें।
आज जो हो रहा है और जो होने वाला है, जगद्गुरु शङ्कराचार्य महाभाग ने आठ वर्षों पूर्व भविष्यवाणी कर दी थी। केवल भविष्यवाणी ही नहीं, पूज्यपाद भव्य भारत की संरचना के लिए दिन-रात तत्पर हैं। गोपाष्टमी २०१७।
आपको कलमा कंठस्थ भी हो तब भी उनके समक्ष नहीं पढ़ें, ऐसा दृढ़मनोभाव रखें।
यदि आपने कलमा पढ़ लिया तो संभवतः प्राण बच जाएँ और अन्य किसी को पता भी नहीं चले परन्तु आप सत्य जानते हैं। कलमे के कारण बच गए, यह बार-बार आपको सताएगा। किसी-न-किसी जन्म में यह एक कर्म मुसलवान बना देगा।
आज ही के दिन वैशाख कृष्ण एकादशी (वरुथिनी एकादशी )वि.सं २०३१ को परम पूज्य गुरुदेव भगवान जगद्गुरू शंकराचार्य महाभाग को पूज्यपाद धर्मसम्राट श्रीस्वामी करपात्री जी महाभाग से दंड संन्यास की दीक्षा प्राप्त हुई थी। इस पावन अवसर पर सभी धर्मावलंबियों को अनंत शुभकामनाएं।