अनिरुद्ध आचार्य ने क्या बोला था मुझे नही मालूम मगर उन्होंने माफी मांगी है फिर भी कुछ सपाई नेता अब भी उसके खिलाफ उग्र हो रहे है ।
अभी एक मौलाना ने संसद मार्ग वाली मस्जिद में सपा की मीटिंग पर (जिसमे डिम्पल यादव भी थी ) टिपण्णी करी है की उस" मीटिंग में मस्जिद में डिम्पल यादव की पीठ देखिए , पूरी नंगी थी वो
क्या इस पर सपाई नेता मौलाना के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे ?
क्या अब हिम्मत है उनकी पूरे इस् लाम पर कमेंट करने की जैसे वो सनातन के खिलाफ करते है?
मैं सपाइयों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही हु इस मुद्दे पर
40-50 साल से यहाँ रह रहे थे,
फ्री के राशन पर पल रहे थे
ये वही लोग है जो भारत का खा कर,
गुणगान पाकिस्तान का करते है
गवर्मेंट ने फैसला सुना दिया है -
बहन को बोलो रोने की एक्टिंग बंद करे
और तू भी अपने रिस्तेदारो के साथ निकल ले
वृंदावन के परिक्रमार्ग पर मुगलों का कब्जा हो चुका है ।।
जिस मिट्टी के मार्ग पर चल कर हिंदू वृन्दावन की परिक्रमा लगाते हैं ।।
उस मिट्टी के मार्ग को घेर कर लोहा पीटा जा रहा है ।। और मोहम्मद के शहर जैसे गाने ऐलान कर बजाए जा रहे हैं ।।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी साहब से निवेदन है ।। कृपया कार्यवाही कर मृगों द्वारा घेरे गए इस मार्ग को खाली करवाएं ।।
-गोपाल मिश्रा की हत्या पर सिख का फूटा गुस्सा।
-मोहम्मद सरफराज मोहम्मद तालिब अब्दुल हामिद जैसी सोच रखने वालों के लिए अच्छी खबर नहीं।
- पहले होता था ऐसे किसी को मार दो नेपाल बॉर्डर के रास्ते या नेपाल सीमा के रास्ते नेपाल भाग जाओ मगर यह योगी सरकार की
उत्तरप्रदेश पुलिस है आपको बॉर्डर पर ही मारेगी।
@ajeetbharti मौलाना को अब अवैध लग रही है मस्जिद!
संजौली शिमला में हिंदू एकता ने इसको मजबूर कर दिया तब ये सब बोल रहा है उस पर भी राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान खोल दी।
कितने हिंदुओं ने पुलिस के लाठी डंडे खाये घायल हुए तब कहीं दबाव बना।
मोहब्बत की बात करता है।
कभी आपने सोचा जब श्रीराम का जन्म ही राक्षसराज रावण का वध करने हेतु हुआ था, तो रावण वध की तिथि अर्थात् विजयादशमी से भी अधिक महत्व श्रीराम जी की अयोध्या वापसी का पर्व दिवाली का क्यूँ है?
राजतिलक से ठीक पहले पिता के वचन का मान रखने हेतु 14 वर्षों के वनगमन को प्रजा की आँखों से बच कर भोर में अयोध्या छोड़ देने वाले श्रीराम रावण संहार के बाद जब अयोध्या पहुँचे तो प्रजा ने अमावस्या की रात भी दीपों से प्रकाशमय कर दी।
दिवाली उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है जिसने विश्वकल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया, जिसका जीवन मानवता की परिक्रमा है, नैतिकता का संदेश है, मानव से महामानव और उच्च से उच्चतम बनने का मार्ग है। जिसकी कथा का हर किरदार आज भी प्रासंगिक है, जीवन के हर मोड़ पर हमसे एक सुग्रीव, एक हनुमान, एक बाली, एक मंथरा, एक रावण, एक विभीषण आदि टकरा ही जाते हैं।
राम के आदर्शों को समझना, अपने जीवन में बसे रामकथा के किरदारों की पहचान करना और उस कथा से अपने नायकों को चुन उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना ही दिवाली है।
जिसका दिन माता-पिता व गुरुओं की चरण वंदना शुरू होता हो, 14 वर्ष वनवास मिलने पर भी जिसने मन में कैकेयी के प्रति कटुता भाव ना हो, जिसका अनुराग ऐसा की तीनों को लोकों का स्वामी होने के बाद भी घायल भाई का सिर अपनी गोद में रख कर बिलख पड़े, जो युद्ध में तपे तो स्वयं पर राज्य मित्रों को समर्पित कर दे, जो गिद्धराज जटायु का अंतिम संस्कार भी अपने हाथों से करे, शबरी के झूठे बेर चखे, केवट तक के प्रति कृतज्ञता दिखाए।
श्रीराम ने रिश्तों के प्रति मर्यादा के ऐसे अप्रतिम प्रतिमान स्थापित किए हैं जहां पहुँचने की कल्पना कर लेना भी स्वर्ग प्राप्ति का मार्ग सुनिश्चित कर देता है।
जिसने हर रिश्ते को जीया, और हर रिश्तों की श्रेष्ठ मर्यादा स्थापित की। बेटा हो तो राम जैसा, मित्र हो तो राम जैसा, पुत्र हो तो राम जैसा, शिष्य हो तो राम जैसा, राजा हो तो राम जैसा, राम रिश्तों की मर्यादा का श्रेष्ठ प्रतीक हैं और दिवाली मर्यादा के उस महान मापदंड के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व।
इसलिए एक दीया उनके नाम जो आपके जीवन के राम है, जिनके आदर्शों से आप सीखते हैं, जिनके दिखाए मार्ग आपको सफलता की नित नयी ऊँचाइयों तक पहुँचाते हैं, जिन्होंने कभी आपका साथ नहीं छोड़ा, जो जब भी आपके जीवन में आए एक नया प्रकाश लेकर आया।
हरि अनंत, हरि कथा अनंता।
आप सभी को परिवार समेत दीपावली की ढेरों शुभकामनाएँ।
जनेऊ उतारने के लिए कहा तो..करनाल की गर्वमेंन्ट ITI में एक युवक का पेपर था,तो गेट पर ही चेकिंग के दौरान उससे कहा कि ये धागा निकाल दो उसके बाद ही एंट्री मिलेगी। युवक ने कहा ये धागा नही है "जनेऊ" है और मैं इसको नही उतारूंगा,आपके जो बड़े अधिकारी है उनको बुलाइए उनसे बात करूंगा।
वहाँ पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने कहा कि बहस मत करो, जनेऊ उतार दो।
युवक ने बड़े स्पष्ट शब्दों में उनको कह दिया इस "जनेऊ" के लिए तो वीर हकीकत राय ने अपनी गर्दन कटवा दी थी तो मेरे लिए पेपर छोड़ना कोई बड़ी बात नहीं है,जनेऊ नहीं उतरेगा चाहे पेपर क्यों न छोड़ना पड़ जाए।
काफ़ी बहस होने के बाद वहाँ सुपरिडेंट पहुंचे और कहा कि कोई भी धागा,ताबीज आदि Allowed नहीं है।
युवक ने सिर्फ एक बात कही कि अगर कोई सरदार जी पेपर देने आता है और आप उसकी पगड़ी खुलवा के भेज देते हो तो मैं सहर्ष जनेऊ उतार दूंगा अन्यथा मैं "जनेऊ" नही उतारूंगा।
उनके पास कोई जवाब नही था,,उन्होंने युवक को मुस्कुराते हुए अंदर जाने की अनुमति दी।"गर्दन के उतरने पर ही उतरेगा ये यज्ञोपवीत, ये है हम आर्यों की सबसे पुरानी रीत"
जय भगवान परशुराम,जय श्रीराम,जय गोविंदा, जय सनातन धर्म 🕉️✨🙏💖
मिलिए विभु उपाध्याय से। चार वर्षों से सतत गंगा आरती करते रहे हैं और ये NEET के टॉपर्स में से एक हैं। कोई बुर्का वाली जब टॉप करती है, तो मीडिया उसे ऐसे दिखाती है कि बुर्के के कारण ही उसने ऐसा कर दिखाया और सबको बुर्का पहनना चाहिए।
विभु ने बताया है कि धर्म आपके उत्थान का कारक है, धार्मिकता को समय नष्ट करना या आडंबर मान कर उसके प्रतीकों से भागे नहीं। धर्म वह अवलम्ब है जो आपको आपके क्षेत्र में सर्वोच्च शिखर तक ले जाने की क्षमता रखता है।