"Sachcha Musalman, Haraami Musalman"
The biggest success of the RSS in the past 3 decade is the communalisation of our police forces.
They want our police to turn into 'Hindu Police' not Indian police.
बनाने चले Brand, बज गया Band!
अब 7000 करोड़ एक साल में भी खर्च कर दें तो भी कुछ बदलनेवाला नहीं।
डबल इंजन के आपसी कम्पटीशन में गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया… ये बात अलग है कि ज़्यादा मीठे के चक्कर में सब कड़वा हो गया।
अच्छे व्यवहार, अच्छे करम और जन हित के काम से बड़ा कोई और प्रचार नहीं होता है।
इनके अत्याचार, अन्याय, महिलाओं-अधिकारियों-पत्रकारों-प्रोफ़ेसरों से दुर्व्यवहार, दुर्वचन, सजातीय पक्षपात, पीडीए पर प्रहार, ‘हाता नहीं भाता’ के फ़ार्मूल के विस्तार, महा-भ्रष्टाचार के द्रव्य के स्वर्ण-ठोसीकरण, मंदिर चोरी के आरोपियों को दोषपूर्ण SIT से बचाने व प्रतिशोध की राजनीति के कारण घर-मकान-दुकान से लेकर यूनिवर्सिटी तक गिराने जैसी नकारात्मक-संकीर्ण राजनीति के कारणवश इनकी इमेज का एनकाउंटर हो गया है और उसके ऊपर से बुलडोज़र भी गुज़र गया है। इनकी छवि तो बनी नहीं, अधिकारियों के घर-महल ज़रूर बन गये।
जनता पूछ रही है लखनऊ से गोरखपुर कोई डाइरेक्ट ट्रेन है क्या क्योंकि अपने बनाए भाजपाई एक्सप्रेसवे से जाने का जोखिम तो वो उठाएंगे नहीं। ‘एक-दो’ आइटम छोड़कर बाक़ी सब वैध सामान ले जाने के लिए मूवर्स एंड पैकर्स भी तैयार बैठे हैं।
ये किसी दूर-दराज़ गांव का नहीं, बल्कि देश के सबसे आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले नोएडा का दृश्य है।
सेक्टर-78 स्थित वाल्मीकि बस्ती में लगभग 400 परिवार पिछले 20 दिनों से बिजली और पानी की आपूर्ति तकनीकी कारणों से बंद होने के कारण भारी संकट झेल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाएं, बुज़ुर्ग और बच्चे गंदे नाले से पानी ढोने को मजबूर हैं।
अगर समस्या वास्तव में तकनीकी थी, तो सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सुरक्षित और वैकल्पिक पानी-बिजली की व्यवस्था की जाती। लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी ऐसा नहीं हुआ। आखिर क्यों? क्या इसलिए कि पीड़ित परिवार बहुजन समाज से हैं? अगर यही संकट किसी पॉश कॉलोनी में होता, तो क्या वहां भी लोग 20 दिनों तक गंदे नाले से पानी ढोने को मजबूर रहते?
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ,एक ओर देश आज़ादी के 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बहुजन समाज के सैकड़ों परिवार पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
@UPGovt से मांग है कि बिजली और पानी की आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए, प्रभावित परिवारों को राहत दी जाए तथा इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
@CMOfficeUP@dmgbnagar
🚨This is hilarious!
This BJP spokesperson tried to mock Gen-Z protesters as people “ordering from Swiggy, Zomato” rubbish and when called out, called himself a Gen-Z. When I enquired about his age, he didn’t turn out a Gen-Z.
This is the problem with those in power. They don’t understand the young generation’s language. They don’t even care to know something as basic as WHO is a Gen-Z, their age group, their anxieties about the future. When called out they accuse you of “clout chasing” and what not. They claim to be listening, but are they? Really? Watch for yourself!
@Cockroachisback
जाहिल चाहते हैं सबको अपने जैसा बना लें। पर बेटियां ये होने नहीं देगी ॥
Neha, your courage, dignity and intellect are scaring them. Well done !
Whether in Jharkhand, our Jantar Mantar, the students want a fair shot at education and their future. That’s it. They’re not asking for much.
This country has to stand with them.
Appropriation Bill
मैंने सरकार से पूछा “ छात्रों पर चलाये गए आँसू गैस, पैलेट गन, ए.के-47 का बजट कितना था? गृहमंत्री जी को सदन में आकर बताना चाहिए”
यू पी के सीतापुर में बच्चों को ऐसा खाना परोसा गया जो हम जानवरों को भी नही दे सकते।
आज सदन में मिड डे मील की बदहाली का मुद्दा उठाया।
झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से नेता विपक्ष राहुल गांधी जी ने बात की
उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया और कहा कि सरकार उन्हें कल बातचीत के लिए बुलाएगी
यह होता है नेता - जो हर हाल में युवाओं के साथ हो
फिर चाहे सरकार अपनी हो या दूसरे की 🫡🫡🫡🫡
ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?
सवाल ये भी है कि ‘अटल प्रोग्रेस वे’ योजना में ही रहेगा या कभी बनेगा भी… या काग़ज़ों में बनकर उसका ‘हिस्सा-बाँट’ हो चुका है।
भाजपा राज में हुआ हर निर्माण चलता कम है… धँसता, ढहता, गिरता ज़्यादा है।
प्रयागराज आ रहा हूं - देश के उस शहर में जहां सबसे ज़्यादा नौजवान तैयारी करते हैं।
एक बात साफ़ है: यहां का हर छात्र जानता है कि system बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं - कमी उस system की नीयत में है जो आपकी मेहनत का दाम नहीं देती।
पेपर लीक, रुकी भर्तियाँ, सालों का इंतज़ार और जवाबदेही किसी की नहीं।
कोटा में छात्र बोले, देहरादून में फिर आवाज़ उठी और दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियाँ चलीं - सिर्फ़ सवाल पूछने के लिए। आखिर में एक मंत्री को जाना पड़ा।
यह सरकार झुकती है बस आवाज़ एक साथ उठनी चाहिए।
कल प्रयागराज में यही बात करने आ रहा हूं। आप भी आइए। 8 अगस्त, शाम 5 बजे - के.पी. ग्राउंड, प्रयागराज।
#ChhatronKiGoonj
मोदी के भ्रष्टाचार को पंखे से सुखाया जा रहा है 👇
जनता के 4,200 करोड़ रुपए लगाकर ये घटिया सड़क बनवाई गई, जो 2 दिन भी नहीं चल पाई।
सोचिए किस लेवल की लूट खसोट हुई होगी।
मोदी अपनी देखरेख में भ्रष्टाचार का गिरोह चला रहे हैं, जो जनता के पैसों पर डाका डाल रहा है।
Misleading! The person in the video is a teacher named Dheeraj Aggarwal. He did this because, he was angry with people parking their vehicles outside his tuition centre and used a cutter to vandalise them.
उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के एक सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील के नाम पर बच्चों को पानी जैसी सब्ज़ी और जली हुई रोटियाँ परोसा जाना बेहद शर्मनाक और सरकार की संवेदनहीनता का प्रतीक है।
बच्चों की थाली में भ्रष्टाचार किसी भी सभ्य समाज के माथे पर सबसे बड़ा कलंक होता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, समय रहते अपनी शासन व्यवस्था सुधारिए। नहीं तो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन और बुनियादी सुविधाएँ देने के बजाय आपकी सरकार हर घटना में, फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन की तरह, यही तलाश करती रह जाएगी कि “कहीं इसके पीछे भीम आर्मी का हाथ तो नहीं है?”