मानना पड़ेगा नितिन गडकरी जी ने वाकई स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है सड़कों और फ्लाइऑवर बनवाने में !!
बिहार के मुंगेर में ₹3792 करोड़ की लागत से बन रही फोरलेन सड़क उद्घाटन से पहले ही जगह-जगह दरक गई!!
‘हवा में उड़ते हुए’ सड़क परिवहन मंत्री का इंटरव्यू
सवाल : आपने जो आम दिए हैं वे खट्टा है।
जवाब : आप इमली की बात मत कीजिए।
इथेनॉल के मुद्दे पर नितिन गडकरी के इस इंटरव्यू का एक पंक्ति में सा सार यही है।
पूरा इंटरव्यू सुन लीजिए। अगर आप अपना माथा नहीं पकड़ लेंगे तो फिर कहिएगा!
मेघा ने माइलेज के मुद्दे पर पहले सवाल से ही घेरा। अपनी गाड़ी की माइलेज का भी उदाहरण दिया। पर गडकर ने कहा, माइलेज मापने की मशीन घर में नहीं होती, डीलर से जांच कराइए! दिक़्क़त हो तो कंज़्यूमर कोर्ट जाइए!
मतलब कुछ भी!
माइलेज बताने का मीटर घर में नहीं होता पर हर गाड़ी में तो होता ही है। इसको नकार दिया गडकरी ने!
कार कंपनियों के लिए ये बहुत ही आपत्तिजनक बात है कि दशकों से हर कार के साथ बनाए गए उनके माइल-मीटर पर गडकरी ने सवाल उठा दिया है!
पर शायद कार कंपनियाँ गडकरी की इस बात के ख़िलाफ़ फिर भी ना बोलें! संभवतः कोई डर या दबाव होगा! नहीं तो कार कंपनियों को सामने आकर स्वीकारने चाहिए कि कार में फिट माइल-मीटर धोखा है!
बात इतनी भर नहीं है।
क़रीब आधे घंटे के इस इंटरव्यू में गडकरी ने किसी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया है। गोल गोल घुमाया है। ज़्यादा कुरेदने पर अपरोक्ष रूप से FIR और परोक्ष रूप से Defamation केस तक की धमकी दी है!
सवाल पूछा जा रहा है E10 वाली गाड़ियों में E20 डाले जाने की और जवाब दे रहे हैं 100% इथेनॉल या पेट्रोल से चलने वाले फ़्लेक्सी फ़्यूल इंजन की!
इथेनॉल के बाद भी पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं हुआ?
जवाब : आयं बाएँ साएं
जब एक सवाल का जवाब न सूझा तो पेट्रोलियम मिनिस्ट्री पर बात टाल दी!
इस पूरे इंटरव्यू पर एर रिसर्च पेपर लिखा जा सकता है। रिसर्च पेपर इस बात पर कि जब तर्क और तथ्य न पेश कर पा रहे हों तो अपनी ज़िद को सही साबित करने के लिए इंटरव्यू नहीं देना चाहिए।
बहुत लंबा लिखा जा सकता है। लेकिन निचोड़ ये कि अगर प्रधानमंत्री @narendramodi अपने मंत्री @nitin_gadkari की इन तमाम बातों को सुनने के बाद भी इन पर समुचित ‘नीतिगत’ कार्रवाई नहीं करते हैं तो फिर समझ लीजिए कि ईश्वर नहीं, अब इथेनॉल ही सबका मालिक है 🙏
और अंत में @MeghaSPrasad के लिए एक शब्द
Superb 🙌
Video Credit @ABPNews YT
दिल्ली में पिछले 17 दिनों से सरकार के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत ने समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है. हज़ारों लोग उनसे अनशन ख़त्म करने की अपील कर रहे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुरू किया है. सोनम वांगचुक 28 जून को इस प्रदर्शन से जुड़े थे और उसी दिन से भूख हड़ताल पर हैं.
रिपोर्ट: शुभ राणा
आवाज़: मुकुंद झा
एडिट: सदफ़ ख़ान
ये हमारे लिए शर्म की बात है कि सोनम वांगचुक जैसे टैलेंट इस देश में सामान्य न्याय के लिए भूखे मर रहे हैं और अमित शाह-मोदी जैसे लोग प्रधानमंत्री, गृहमंत्री बने घूम रहे हैं। सोनम वांगचुक को कुछ हुआ तो सरकार से संभाले नहीं संभलेगा। हम सोनम वांगचुक के साथ हैं। सोनम वांगचुक ज़िंदाबाद।
लोकतंत्र में सवाल पूछना पत्रकार का काम है और जवाब देना सत्ता की ज़िम्मेदारी।
लेकिन अगर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधानमंत्री unscripted press conferences से बचते हुए सिर्फ चुनिंदा मंचों, तय सवालों और नियंत्रित माहौल में ही दिखाई दें, तो बहस सिर्फ़ एक नेता की नहीं, लोकतांत्रिक जवाबदेही की भी होती है।
लोकतंत्र में सबसे मजबूत नेता वही होता है, जो सबसे कठिन सवालों का सामना कर सके।
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महाराष्ट्र में बिना एक भी छात्र के बंद पड़े 6 हॉस्टल ने चार साल में ₹1.62 करोड़ सरकारी फंड लिया : CAG रिपोर्ट
महाराष्ट्र में CAG रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, जालना, बुलढाणा और लातूर जिलों में 6 घोस्ट हॉस्टल बिना एक भी छात्र के बंद पड़े रहे। इन हॉस्टलों ने पिछले चार वर्षों में ₹1.62 करोड़ सरकारी फंड लिया, जबकि वहाँ न छात्र थे, न स्टाफ और न ही कोई गतिविधि।
CAG की टीम ने जालना के मोदीखान हॉस्टल को सबसे खराब पाया, जहाँ 38 छात्र और सुपरिंटेंडेंट दिखाए गए थे, लेकिन इमारत पूरी तरह जर्जर और बंद थी।
रिपोर्ट में 10 जुलाई को विधानसभा में पेश की गई CAG कंप्लायंस ऑडिट रिपोर्ट-2024 में छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा और वित्तीय अनियमितताओं की भी पोल खुल गई।
#GhostHostel #CAGReport #MaharashtraNews #CAG #TCNLive
"ये अंधा कानून है" शायद इसलिए ही कहा जाता है क्योंकि इंसाफ की प्रक्रिया में जो अन्याय न्याय पाने के नाम पर होता है उसका दुख बस वही समझ सकता है जिसने सिस्टम की नाकामी, नकारेपन की वजह से अपने जवान बेटे को तड़पते हुए मरते देखा है!!
सेक्टर-150 में करीब छह महीने पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की गड्ढे में कार गिरने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में उनके पिता राजकुमार मेहता ने अब न्याय की उम्मीद छोड़ दी है।
पढ़ाई छोड़िए, अब सरकारी स्कूलों से भर्ती अभियान भी चलने लगा है!
राजस्थान के डूंगरगढ़ में एक सरकारी शिक्षक पर आरोप है कि वह बच्चों को पिकनिक का कहकर RSS की शाखा में ले गया। इस पर अभिभावकों ने विरोध जताते हुए सवाल उठाया है।
सवाल सीधा है सरकारी शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए हैं या संघ की शाखा भरने के लिए?
शिक्षा के नाम पर यह खेल बंद होना चाहिए।
राजस्थान में 2 महीने में 18 प्रेग्नेंट महिलाओं की मौत हो गई.
पत्रकारों ने सवाल पूछा तो स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं- जवाब ब्रेक के बाद!!
फिर हंसने लगे.
तनिक भी शर्म नहीं है 🥺😳
स्कूल का कोई रिकॉर्ड नहीं है,
शादी का कोई सबूत नहीं है,
पिता की कोई तस्वीर नहीं है,
30 - 35 साल भिक्षा कहां मांगी पता नहीं है,
वड़नगर में चाय कहां बेची, मालूम नहीं है,
डिग्री छुपाकर रखी है , कहां रखी है ये मालूम नहीं है,
लेकिन मफलर संभालकर रखा है भाई ने 😂
मोदीजी के ऑस्ट्रेलिया से निकलते ही वहां के चैनल 7 ने उनकी पोल खोल दी।
बताया कि कैसे भारत की जनता, यहां के मंदिरों और टैक्स के पैसे को लूटकर 30 हज़ार प्रवासी भारतीयों को चार्टर्ड फ्लाइट से मेलबर्न लाया गया।
भारत की लूट ही भिसगुरु की ताकत है।
अब समझ आया कि चंदा चोरी का पैसा कहां जा रहा है?