गोडसे ने 1 को मारा।
कसाब ने 267 को मारा।
राजीव गांधी ने 17000 सिखों को मारा नेहरू और जिन्ना ने 40 लाख हिंदुओ को मारा।
फिर भी आतंकवादी गोड़से है।
तो यकीन मानिए आप अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।
There’s a Muslim guy in my neighborhood who also studies at my college.
Last night, he kept messaging me on Instagram. At first, I ignored him, but then I thought, Let me reply and see what he wants.
After I replied, he started talking about college-related stuff. After a while, he said, “Aaruhi, I really want to go to Garba. I’m Muslim, so I probably won’t get entry, and I don’t have a partner either. Can you help me get entry with you?”
I said, “Yes, why not? Come with me, I’ll take you along. But bring your two sisters as well, because I have two Hindu friends who are also single. They can play Garba with your sisters.”
He got angry over this.😂
Apparently, they want to play Garba and hang out with Hindu girls, but when it comes to their own sisters, suddenly they have a problem.😐
She is Syeda Irum,
Wife of Pakistan Army Chief Asim Munir.
Asim Munir and her wife recently got US citizenship.
Dual citizenship is not a crime in Pakistan,
But just think,how can someone who has planned their retirement in another country be loyal to their own country ?
बंदे में है दम #CJI की #UGC मामले पर सुनवाई के दौरान पूरी टिप्पणी पढ़िए / जिसे पढ़कर कंचना, निर्देश, प्रियंका, राजकुमार भाटी, नीले टाटी इत्यादि की आँखे फट के बाहर आ गईं :-
CGI की टिप्पणी - हम जातिविहीन समाज चाहते हैँ, आप क्या देश को भूतकाल में ले जाना चाहते हैँ ? गाइडलाइन्स एक ही पक्ष को ध्यान में रखकर बनाई गई हैँ #सूर्यकान्त जी
वकील के जिरह पर :- जाति की पूरी व्यवस्था आपने ब्राह्मणों पर मढ़ कर समाज में नफरत घोल दी है, क्या मुस्लिमों की जातियां भी ब्राह्मणों ने बनाई है? ईसाई में जातियां भी ब्राह्मणों की दें है? बौद्ध, सिख, जैन क्या सभी की जातियां ब्राह्मणों ने बनाई है? अगर ब्राह्मणों की जातियों से इतनी दिक्कत है तो आज ही अपने नाम से जाती हटा लीजिये ( #suprimeCaurt ) कौन आपको रोकेगा? कौन आपको अपने नाम के आगे जाति लगाने के लिए विवश कर रहा है?
स्टे देते समय :- अगर एक समाज खुद को IAS, IPS, CJI, President, PM बनकर भी खुद को शोषित ही रखना चाहता है तो इसमें गलती ब्राह्मणों की नहीं बल्कि उसकी अपनी मानसिकता की है ।
अद्भुत दृश्य था कोर्ट में , दलील और समर्थन पक्ष के लोगो के चेहरे से हवाईया उड़ी थी ।
BHU बना… तो उसके “कम्पटीशन” में AMU भी बना 🤔
नाम देखिए
📍 बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
📍 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
एक हिंदू, एक मुस्लिम
दोनों यूनिवर्सिटी, नाम भी धर्म आधारित।
पर फर्क कहाँ आ गया?
👉 BHU सबके लिए है
👉 AMU “अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय” है
अब ज़रा जोर से बोलिए
❓ अल्पसंख्यक कौन है?
संविधान में कहीं साफ़-साफ़ लिखा है क्या?
कोई कॉलम, कोई परिभाषा, कोई निश्चित मापदंड?
❌ नहीं।
फिर भी AMU माइनॉरिटी यूनिवर्सिटी है और BHU न माइनॉरिटी है, न मेजॉरिटी। बस — सबका साथ, सबका विकास।
अब ज़रा इतिहास की दूसरी लाइन पकड़ते हैं 📜
🗓️ 1925 — बना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
🗓️ 1926 — ठीक एक साल बाद बना एक और संगठन… 👉 तबलीगी जमात
अब गूगल कर लीजिए
🌍 दुनिया के कितने देशों ने तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाया है?
👉 9 देश
किन-किन में?
किर्गिज़स्तान, अज़रबैजान, अरब के कुछ देश…
और हैरानी की बात यह कि जिस संगठन का
📌 मुख्यालय भारत में है
📌 सुप्रीम कोर्ट से ~3 किमी
📌 संसद से ~4 किमी
📌 निज़ामुद्दीन में
उसके बारे में
❌ न Gen-X जानती है
❌ न Gen-Y
❌ न Gen-Z
❌ न बुज़ुर्ग
❌ न आम जनता
कोविड नहीं आता, तो शायद
👉 यह नाम भी सामने नहीं आता 😷
अब ज़रा और सीधे सवाल ❓
🩸 भारत-पाक विभाजन में
सबसे बड़ी भूमिका किसकी थी?
🩸 बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार में?
🩸 अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं के सफ़ाए में?
और फिर पूछिए
🌍 दुनिया की सबसे बड़ी जमात कौन-सी है?
👉 जवाब वही है।
फिर सवाल यह भी
❓ जब 9 देशों ने बैन किया
तो भारत में
✔️ न बैन
✔️ न संसद में चर्चा
✔️ न राष्ट्रीय बहस
तो हम
👉 वाकई सुरक्षित हैं?
या
👉 बस चुप हैं?
📊 1931 की जनगणना याद कीजिए
अंग्रेज़ों ने 1881 से हर 10 साल में कराई।
1931 में
📍 सिंध में हिंदू ~70%
📍 लरकाना सहित कई इलाकों में 65–70%
तो ज़रा सोचिए
❓ क्या उन्होंने कभी सोचा होगा कि 15 साल बाद क्या होगा?
जवाब ज़ोर से बोलिए
👉 नहीं।
🔚 निष्कर्ष
ये सवाल
❌ न नफ़रत के हैं
❌ न डर फैलाने के
ये सवाल हैं
👉 इतिहास की अनदेखी
👉 नीति की असमानता
👉 संविधान की व्याख्या
👉 और चुप्पी की कीमत
सवाल पूछना ग़लत नहीं है।
ग़लत है — सवालों से भागना।
🗣️ सोचिए। पूछिए। समझिए।
@AshwiniUpadhyay@ARanganathan72@HMOIndia
🚨🇯🇵BREAKING
JAPAN'S NEW ANTI-ISLAM LAWS SEND SHOCKWAVES
Halal - BANNED✅
Mosques - BANNED✅
Call to prayer - BANNED✅
Burka - BANNED✅
This is basically saying Islam is not welcome here
Should we copy Japan?
A. Yes
B. No
गौरव पिछले 7/8 साल से Policybazaar के ज़रिए ली गई Niva Bupa पॉलिसी का प्रीमियम भर रहे हैं।
पिछले साल उन्हें पैनक्रियाटाइटिस डिटेक्ट हुआ।
एलोपैथिक की बजाय आयुर्वेदिक इलाज चुना, उत्तराखंड के रुद्रापुर में 21 दिन एडमिट रहे।
डिस्चार्ज से पहले ही कंपनी को कॉल करके बता दिया था, Policy Bazar केयर मैनेजर से मांगा तो 5 दिन तक कोई जवाब नहीं आया।
सारे डॉक्यूमेंट्स दिए
इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट्स, डिस्चार्ज समरी, बिल्स भी टाइम पे भेजे, क्लेम रजिस्टर हुआ, वेरिफिकेशन टीम घर भी आई।
फिर भी 30 से 32 दिन बाद क्लेम रिजेक्ट कर दिया गया।
रीजन दिया गया कि जस्टिफाई नहीं कर पाए हॉस्पिटल क्यों नहीं गए।
जबकि पॉलिसी में साफ लिखा है, 24 घंटे एडमिट होने पर आयुष ट्रीटमेंट (आयुर्वेदिक/यूनानी/होम्योपैथिक/नेचुरोपैथी) कवर है।
बार बार वही डॉक्यूमेंट्स मांगे गए, 20+ मेल किए गए, ग्रीवेंस पोर्टल पे 4 बार क्लेम रीकंसीडर डाला गया, अब बीमा लोकपाल में कंप्लेंट है।
2 लाख का खर्चा, हर महीने 19 हज़ार की मेडिसिन और महीनों से सिर्फ मेंटल हैरासमेंट मिल रहा है।
Policybazaar के एजेंट खुद कहते हैं हम सिर्फ दलाल हैं, क्लेम अप्रूवल से हमें मतलब नहीं।
8 साल का भरोसा, एक जेन्युइन क्लेम के लिए इतनी हैरासमेंटयही है।
Niva Bupa और Policybazaar का असली चेहरा।
मैं दो बार और भी इनके लिए आवाज़ उठा चुका हूं, कंपनी वाले मैसेज कर देते हैं कि काम हो जाएगा लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ।