आदिवासी विकास विभाग में अधीक्षकों को सिर्फ दैनिक मजदूर ही समझा जाता है, अधीक्षक के हक और अधिकार की चिंता किसी को नहीं अधिकारी घोर निद्रा में है और शासन मौन, ना तो समय में नियमितिकरण मिला और आज 7 साल होने के बाद भी 5 साल में मिलने वाला पदोन्नति भी नहीं मिला @bhupeshbaghel