जब जब तुम मेरे सामने बैठी
कविताएं लिखती हो
मैं तुम्हें पढ़ रहा होता हूँ
वैसे ही जैसे पढ़ी जाती है
प्रेम पर लिखी सबसे
सुंदर कविताएँ
तुम्हारे स्पर्श से मैं
महसूस कर पाता हूँ
कि कैसे लिखी गयी होगी
संसार की सबसे पहली
प्रेम कविता
तुम्हारी आँखों में झांककर
मैं देख पाता हूँ सारे
सभ्यताओं के अंश
और वहाँ उपजी
प्राचीन प्रेम कथाएं
तुम्हारे देह के भूगोल
से जान पाता हूँ मैं
संसार का समस्त भूगोल
नदियों पहाड़ों ,पठारों की
उत्पत्ति का सारा ज्ञान
तुम्हारे जीवन में होने
से मैं समझ पाता हूँ
जीवन के ढेर सारे रहस्य
प्रेम को महसूस करते हुए
मैंने महसूस किए हैं
न जाने कितने ही गूढ़ सत्य
दर्शन, गणित और विज्ञान
के बारे में !
तुमसे प्रेम होना
जीवन के अभूतपूर्व
घटनाओं में से एक है !!
Ashish Dwivedi
@sahitya_tak
मैं इसलिए भी कभी अपने दुख बताता नहीं....
के औने पौने ही बिकती है फिर खुली हुई चीज़
میں اس لیے بھی کبھی اپنے دکھ بتاتا نہیں۔۔۔
کہ اونے پونے ہی بکتی ہے پھر کھلی ہوئی چیز
#salmansaeed@salman4saeed ♥️
#poetry#poetrytwitter
इक दफ़ा में कैसे दुनिया देखते
काश उसको हम दुबारा देखते
अब तरफदारी बहुत ही आम है
आप भी अपना पराया देखते
लौट कर अब आये हो अब क्या बचा
पहले आ जाते तो जलवा देखते
धूप को चादर किये चलते रहे
कब तलक पेड़ों का रस्ता देखते
Vishal vishesh
@Vishal_Vishesh_#poetrytwitter #
उस की तो ये आदत है किसी का नहीं होता
फिर इस में अजब क्या कि हमारा नहीं होता!
किस की है ये तस्वीर जो बनती नहीं मुझ से
मैं किस का तक़ाज़ा हूँ कि पूरा नहीं होता!!
#फ़रहत_साहब
🖤
कोई हसीन बदन जिनके दस्तरस में नहीं
यही कहेंगे कुछ फायदा हवस में नहीं ...
करीबी लोगों के खैरिफ्त में तो है
मगर दुःख है कि हम पहले आठ - दस में नहीं ...
- उमैर नज्मी
@Rekhta#thesoultalk#poetry#love
वर्षों तक वन में घूम-घूम
बाधा-विघ्नों को चूम-चूम
सह धूप-घाम, पानी-पत्थर
पांडव आये कुछ और निखर
सौभाग्य न सब दिन सोता है
देखें, आगे क्या होता है
रामधारी सिंह दिनकर
अधिक लोग इसलिए जीवन को व्यर्थ कर लेते हैं कि उन्हें पता ही नहीं कि जीवन में क्या बचाने योग्य है, क्या छोड़ देने योग्य है।
हम सब वस्तुएं और सामान बचाने में लग जाते हैं और खुद का व्यक्तित्व, खुद की आत्मा खो देते हैं।
~ व्यस्त जीवन में ईश्वर की खोज
#OSHO