@BlueStarLtd day by day your services are going bad to worse. It's been 2 days I submitted request but there's no progress at all. Even your authorized vendors are same. From past 2 days the status shows request sent to dealer.
@noida_authority@CeoNoida@myogiadityanath@myogioffice pichle kai dino se paani jamah hua hain, yeh park authority dwara maintain Kiya jata hain.sector 119, 121 ke sabhi residents ko dengue ka prakop jhelna pad raha hain. Kripya turant uchit karwayi karein.
@noida_authority@CeoNoida@myogiadityanath@myogioffice Taking cognizance and fwding it to the concerned department doesn't help the residents here.. check the amount of lava already floating on the water. JAGO NOIDA AUTHORITY JAGO!! KAB JAGOGE JAB 2-4 RESIDENTS SHAHEED HO JAYENGE TAB. NO ACTION ON GROUND ZERO!!!???
@AmazonHelp@amazonIN@amazon This is not about return. Understand the issue, the services provided these days is getting bad to worst. Multiple complaints have been raised but no improvement.
The services provided by Amazon these days is getting bad to worst. I have raised multiple complaints but there's no improvement. Either damaged products are delivered without any quality check or every second order is not delivered for unknown reasons. @amazonIN@amazon
One side of Amrapali story is in news—buyers of Phase 4 & 5 of Adarsh Awas Yojna (2015–16) still run pillar to post despite BBAs & 20–36% paid. NBCC is selling flats while govt servants await justice. Hope @NBCCIndia@PMOIndia take note.
🔗 https://t.co/k7ISf1pRfM
#AmrapaliTruth
बिना कमीशन वाली एनसीईआरटी की पूरी किताब क्लास 6 की सिर्फ़ 390 रुपये की है। लेकिन कमीशन वाली कोई भी किताब 400 से नीचे की नहीं है। अगर कमीशन नहीं तो पतली पतली किताबें इतनी महंगी क्यों? सब मिले हैं..वरना इतना बड़ा भ्रष्टाचार कभी नहीं होता। हर साल अभिभावक लूटे जाते हैं। कम से कम बच्चों की पढ़ाई में भ्रष्टाचार कम कर दीजिए। 🙏 @PMOIndia
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कोर्ट रिसीवर ऑफिस में आम्रपाली घर खरीदारों का पज़ेशन से लेकर रजिस्ट्री तक की प्रक्रिया को समझें:
1) सबसे पहले आपको अपने कार्यालय या अपने काम- काज से 2 से 3 महीने की छुट्टी लेनी होगी।
2) उसके बाद अपने फ्लैट से संबंधित सारे काग़ज़ात को इकट्ठा करें।
3) अगर इसमें कुछ भी खो गया है तो पुलिस में शिकायत दर्ज करें।
4) सभी डॉक्यूमेंट को स्कैन कर रिसीवर ऑफ़िस को मेल करें, अगर कोई भी डॉक्यूमेंट रह गया तो उस डॉक्यूमेंट के साथ, दुबारा सभी डॉक्यूमेंट के साथ मेल करें।
5) सबकुछ सही रहने पर आपको ऑनलाइन प्रोविजनल NOC मिल जाएगा। लेकिन बात यहाँ ख़त्म नहीं हुई, अब इसके बाद ही असली परेशानी की शुरुआत होती है। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के कुछ महीने बाद, दुबारा से फिजिकल वेरिफिकेशन होगी, उसके लिए आगे की प्रक्रिया को समझें।
6) फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आपको बीबीए/अलॉटमेंट लेटर/पेमेंट रिसिप्ट/बैंक स्टेटमेंट का प्रिंट लेना होगा। अगर आपका पेमेंट बैंक से 10-15 साल पहले गया है, तो बैंक को एप्लीकेशन दीजिए और अगर अकाउंट बंद है या फिर किसी कारण स्टेटमेंट नहीं मिल पा रहा है तो ये आपकी गलती बताई जाएगी और आपको पुनः पेमेंट करने के लिए बोला जाएगा। ये अलग बात है कि आपकी पूरी payment डिटेल उनके पास है क्यूंकि उनके पास फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट है, वो उससे भी वेरीफाई कर सकते है, लेकिन वो ऐसा करेंगे नहीं! क्यूंकि वहाँ मौजूद शख्स को आपको परेशान देखने में बहुत मजा आता है।
7) डॉक्यूमेंट पूरे करने के बाद, आप सुबह 10 बजे सेक्टर 62 ऑफिस पहुंचे, साथ में लंच बॉक्स, इवनिंग स्नैक्स और BP/Sugar/Headache की दवाई जरूर रख लें।
8) ऑफिस के गार्ड से लेकर वहाँ बैठे सभी स्टाफ के सामने, आँखें नीचे रख कर बात करें नहीं तो आपको सुप्रीम कोर्ट में देख लेने या फ्लैट कैंसिल कर देने की धमकी मिलेगी।
9) सुबह 11:30-12:30 बजे इनके वेरिफिकेशन वाले स्टाफ से मुलाकात होगी। आपका नंबर आने पर आप अपना सारा डॉक्यूमेंट उनके सामने रखें। उनके द्वारा जो भी बोला जाएगा उसे सिर्फ सुनें और बिल्कुल सवाल ना करें।
10) ऑनलाइन NOC और पूरी तैयारी होने के बाद भी आपको कम से कम 10 बार बुलाया जाएगा और याद रखें इस दौरान अपने BP को नियंत्रित रखें क्यूंकि वहाँ सिर्फ आपको सुनने का अधिकार है, बोलने का नहीं।
11) आख़िरी में जब वेरिफिकेशन क्लीयर्ड होगा तो NOC और पज़ेशन के लिए 1 महीने से लेकर 6 महीने तक इंतज़ार करें। इसके लिए आपको लगातार 10-12 बार ऑफिस जा कर फॉलो-अप लेना होगा।
ये तो हो गया वेरिफिकेशन, का अब समझिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया:
12) रजिस्ट्री के लिए दुबारा से ऊपर बताए गए तरीके से अपना डॉक्यूमेंट तैयार करें।
13) उसे AOA को सौंपें, AOA उसे वेरीफाई करने के बाद सेक्टर-62 ऑफिस में बैठे एक अति-विशिष्ठ व्यक्ति को सोपेगा, जिसे लोगों को परेशान देख कर बहुत ही आनंद आता है। उस ऑफिस में इस व्यक्ति की ये ताक़त है की, वो किसी को भी कुछ नहीं समझता, चाहे वो CR हो या सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ही क्यों ना हो!
14) उस व्यक्ति के मूड पर डिपेंड करता है की वो आपका नाम रजिस्ट्री के लिए लिस्ट में डलेगा या नहीं।
15) अगर उसका मूड बढ़िया है और आपने उसकी बात नहीं टाला और कोई जवाब नहीं दिया, उसने जो बोला आपने किया। साथ ही उसे कुछ देर के लिए भगवान माना और बताया की आप भगवान है, आप नहीं रहते तो घर नहीं मिलता। ये सब सुनने के बाद, आपकी किस्मत अच्छी होगी तो 2-3 महीने में आपका नाम रजिस्ट्री के लिए आ जाएगा।
हाँ ये जरूर याद रखें, उस महान हस्ती से बातचीत के दौरान यदि आपका कोई कॉल आ गया या आपको वॉशरूम जाना हो या थोड़ा इंतजार के बाद दोबारा बुलाया गया हो तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आपको फिर पूछा जाएगा कि: तुम कौन हो, इधर कैसे आ गया, क्या काम है और वापस से आपको सारा प्रोसेस जो कि आपने शुरू से उनके सामने रखा था, उसका गुणगान, सब कुछ दुबारा करना पड़ेगा।
यह हालत, उस व्यक्ति के कारण सेक्टर 62 ऑफिस की हो गई है। उस व्यक्ति की शिकायत सैकड़ो बार कोर्ट रिसीवर के सामने की गई है, परंतु पता नहीं ऐसी कौन सी बातें हैं जो कोर्ट रिसीवर को उस पर कार्रवाई करने से रोकता है।
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आम्रपाली के घर खरीदारों की मुसीबतें कम नहीं हो रही। सालों के कानूनी लड़ाई और लंबे इंतजार के बाद घर बनना शुरू हुआ। धीरे धीरे खरीदारों को उनके सपनो का घर मिलने लगा, लेकिन इस मामले में घर खरीदार कई तरह के परेशानियों से गुज़र रहें और गुजरे क्यों नहीं जब कोर्ट रिसीवर ऑफिस और @OfficialNBCC अपने कर्तव्यों को भूल बिल्डर समझने लगा हैl उनके ऑफिस का बर्ताव बिल्डर से भी बुरा है और अगर कोई विरोध भी करे, तो सीधे सुप्रीम कोर्ट में देख लेने की धमकीl लेकिन अब पानी सर से ऊपर चला गया हैl
1)फ्लेट कैंसिल कर उसे नए निवेशकों को बेच देनाl
2)मनमानी तरीके से फ्लैट ट्रांसफर चार्ज वसूलना l (300-600Rs/Sq ft Flat Transfer Charge)
3)डिले पेनल्टी ना दे, उसके उलट घर खरीदारों से ही 10-12% तक ब्याज लेनाl
4)जिस फ्लैट की रजिस्ट्री हो गई है, उसे बेचने पर प्राधिकरण के TM तथा AOA शुल्क के अलावा, कोर्ट रिसीवर ऑफिस NOC लेने के लिए अतिरिक्त 1लाख लेता हैl
5) अगर आप किसी समस्या से जूझ रहे या किसी भी तरह की शिकायत पत्र देना चाहते, तो कोर्ट रिसीवर ऑफिस उसकी रिसीविंग नहीं देतें। इनकी कोई जवाबदेही ना बने और मनमानी करे इसलिए ये ऐसा करते हैंl
इनके ये सारी करतूते आम बात हो गई हैl घर ख़रीदारों से पैसे वसूलने के लिए ये नए-नए खोज और तरीकें ढूँढते रहते हैl
कोर्ट रिसीवर ऑफिस और एनबीसीसी का इरादा बदल गया है और वो भ्रष्ट बिल्डर के तरह बर्ताव कर रहे हैl आने वाले दिनों में घर खरीदारों के साथ मिलकर इस पूरी प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय से निष्पक्ष जांच की माँग करेंगेl
सैंकड़ों लोग बीमार हैं..कोई कार्रवाई होगी या फिर इस बार भी भूला दिया जाएगा? ये पहली बार नहीं है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गंदे पानी की सप्लाई लोगों के घरों तक हुई है। ये पहली बार नहीं है कि सैंकड़ों लोग बीमार हुए हैं। ये पहली बार नहीं कि इतनी बड़ी घटना पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।।क्या आम लोगों की ज़िंदगी की कोई क़ीमत नहीं है? क्यों ग़ैर-ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती है मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी?
Will @OfficialNBCC and @gaursons_india take responsibility if a poor construction quality leads to an accident in future? If such substandard construction is happening under the Supreme Court's guidelines, it's a huge risk to the safety of flat buyers.
समस्याओं का शहर : शनिवार रविवार जाम का क़हर ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासियो पर हमेशा बना रहता है, क्या यहाँ के निवासी जाम से ही जूझते रहेंगे? क्या शहर इसी लिये बसाया गया था।एक मूर्ति चौक पर भयंकर जाम की स्तिथि @myogiadityanath@MoHUA_India@Noidatraffic@OfficialGNIDA@CP_Noida
क्या बिना निविदा के सड़कें ठीक होंगी?तत्काल मरम्मत की परिभाषा क्या है?@OfficialGNIDA ऑफिस के ठीक सामने सेंचुरियन पार्क सड़क की मरम्मत के लिए हम छः महीने से एसीईओ से मिलकर गुहार लगा रहे हैं,पर कुछ नहीं हुआ,सिर्फ एसी कमरे में बैठकर मरम्मत के आदेश देने के सिवा। @ChiefSecy_UP
आम्रपाली बायर्स तो यहाँ तक बोलते हैं की कोर्ट रिसीवर के आदेश को भी अनसुना करता है, तथा चीजों को लटकाने में और लोगों को नीचा दिखाने में इसकी ज्यादा रुचि होती है! कई बार कोर्ट रिसीवर से इसके बारे में लोगों ने शिकायत किया है परंतु वह भी कुछ नहीं कहते हैं!
@MLJ_GoI@OfficialNBCC
कोर्ट रिसीवर ऑफिस में यदि किसी #Amrapali बायर्स की फाइल एल शिवरमन के पास वेरिफिकेशन के लिए जाए तो मान कर चलें कि वह अनावश्यक अड़ंगा लगाकर महीनों लटका देगा. उत्तर भारतीयों को घृणित नजरों से देखना और लोगों को परेशान कर इसे मजा आता है @OfficialNBCC@MoHUA_India@PMOIndia@MLJ_GoI