@kaankit पाकिस्तान वाले रंगा बिल्ला ठीक हैं, सब कुछ छोड़-छाड़कर "बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना" बनकर चलें जाते हैं। बस पैसे और दो वक्त का खाना खिलाने वाला चाहिए।
@bhogleharsha Reasons behind this are
1). Poor shot selection in top order.
2). Poor captaincy in field (all field in leg side which is strong area of Kapp)
3). Didn't grab catching chances.
4). No fielder in off sides.
5). No bouncer, No slower one.
#INDWvsSAW@ImHarmanpreet@cricketaakash
@AjayJadeja171 Being Senior players, Tilak varma and Ruturaj gaikwad played poor and Negative cricket throughout tournament.they seems uncomfortable to get single n double runs . Unsucceed to get boundaries in gap. Showed zero percentage cricketing sence.
@Ruutu1331@TilakV9@BCCI@imAagarkar
@arvindchotia इस हिसाब से तो अगर सरकार अपने काम में फैल हो तो सरकार बंद, डॉ. का इलाज गलत होते ही अस्पताल बंद, विद्यार्थी के फैल होते ही स्कूल बंद, कोई चोरी-डकैती या मर्डर होते ही पुलिस प्रशासन बंद।
सभी पर एक ही सिस्टम लागू हो तो अच्छा रहेगा। ना मगरमच्छ पालने पड़ेंगे ना ही मछलियां।
@durov If such measures are required to prevent a paper leak in just one exam (NEET) then the credibility of other exams is completely at stake.Shutting down the Telegram service for a single exam is futile; what about other social media platforms?
@arvindchotia@8PMnoCM@ashokshera94
@arvindchotia यह कौन-से अधिकारीगण हैं जिन्होंने सरकार को समझाया और नियम बनाया कि तृतीय श्रेणी अध्यापक राज्य सरकार के कर्मचारी ही नहीं है। ऐसा नियम बनाने की सोच भी कैसे सकते हैं, जरूर ही कोई कुंथित मानसिकता का अधिकारी रहा होगा।
सरकार को समय रहते इसमें सुधार करना चाहिए।
@BhajanlalBjp@RajCMO
कोई SOP का पालन नहीं करता, बिना स्वास्थ्य हिस्ट्री देखें उल्टी-सीधी कुछ भी दवा लिख दी जा रही हैं और उस दवा के सही होने की भी कोई गारंटी नहीं हैं।संवेदनशीलता अपने सर्वकालिक गर्त में हैं।मरीजों और मृतकों को सिर्फ गिनती के आंकड़ों तक सीमित कर दिया गया है।
@GajendraKhimsar@RajCMO
कोटा के बाद बीकानेर
मरीजों से पहले प्रदेश के अस्पतालों को इलाज की जरूरत है …
कोटा की घटना से सबक क्यों नहीं लिया गया । प्रदेश के सभी जनाना अस्पतालो के लिए कोई SOP क्यों नहीं बनाई गई ? सिर्फ सुर्खियों और लीपापोती से कामनहीं चलेगा ।
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर आख़िर क्या कर रहे है?
PBM हॉस्पिटल से खबर
सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं (महिलाओं) की किडनी खराब
सभी ICU में भर्ती हैं ,उनकी डायलिसिस की जा रही है फलोदी की रहने वाली प्रीति (20) वेंटिलेटर पर हैं
सभी महिलाओं की उम्र 20 से 27 साल के बीच है
एसपी मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने कहा
एक्यूट किडनी इंजरी के कई कारण हो सकते है
इन्फेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
इसके लिए हम इन्फेक्शन डिटेक्टर लगाने जा रहे है
यह मात्र 90 सेकेंड में इन्फेक्शन का पता लगा सकता है
@BhajanlalBjp@GovindDotasra@8PMnoCM
@kaankit@grok यह FSSAI की अच्छी मुहिम हैं, चलों एजेंसी जगी तो है। आज खाना रखने हेतु प्लेट की क्वालिटी पर आदेश आया हैं, आगामी वर्षों में खाने की गुणवत्ता और मिलावटखोरों पर भी कोई कार्रवाई हो सकती हैं।
अब वो साल दूरनहीं जब खाने की गुणवत्ता की भी बात सरकार की तरफ से की जाएगी।
@fssaiindia