Read more difficult books. If a text doesn't force you to pause, re-read a page three times, and uncomfortably inspect your own behavior, you aren't expanding your mind. You are just consuming easy narrative junk food to feel productive.
गर्मियों की उमस भरी रात में , माँ का साथ छत पर बैठकर पुरानी सारी यादों को बार बार दोहराना। बातें ... ढेर सारी बातें , और इंतज़ार ,कि थोड़ी सी बयार बहे तो तसल्ली मिले । पर इन सब से इतर माँ को गर्मी की कोई परवाह नहीं । उसे पता है कि अब ये बातें अगले साल ही होंगी । गर्मी का क्या है।
हर साल गाँव लौटना , थोड़ा थोड़ा सा गाँव को अजनबी सा बनाता जाता है। मुझे डर है , कि जब मैं अपने जीवन के सारे दायित्वों से मुक्त होकर यहाँ वापिस बसने आऊँगा , तो इसके लिए पूरा अजनबी हो जाऊँगा । क्या मालूम यह मुझे अपनायेगा , या फिर से अपने में खेलने को कहेगा, ताकि अपना सके ।