@havellsindia@HavellsCare360
What a pathetic customer support you are providing to your customer, I have complaint two times and without visiting any both complaint has been closed having ref no 31032649715230(Complaint dtd 30/03/2026)
and 02042649778376(Complaint dtd 02/04)
An open appeal to all our ZM and CH colleagues.
We know that our corporate office wants to tread you on the path of confrontation with our federation for today's strike .but we solicit your kind cooperation for our strike today which is as relevant to you as it is for our comrades .
As general secretary of AIPNBOF we beseech blessings of you all for our today strike which is our struggle to realise the 10 year old dream of every banker .
I am confident you all will not disappoint me .
Stay blessed.
विभिन्न देशों में अडानी गैंग द्वारा मचाई लूट के ये संक्षिप्त कारनामे जरूर पढ़ें ,देखें कैसे भारत सरकार के सौजन्य से गौतम अडानी ने इस संघटित लूट और भ्रष्टाचार को पूरे विश्व में अंजाम दिया।
मोदीजी के संरक्षण में गौतम अडानी और अडानी परिवार के ठगों ने दशकों से भ्रष्टाचार, घोटालों, मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के जाल बुनकर अरबों रुपये की लूट मचाई है।अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक इनके काले कारनामों का पर्दाफाश हो चुका है, लेकिन भारत सरकार इनकी ढाल बनकर इन्हें बचाती रही है—SEBI जैसी संस्थाओं को दबाव में लाकर क्लीन चिट दिलवाना, जांचों को कुचलना और जनता के पैसे से इनके कर्ज चुकाना। यह क्रोनी कैपिटलिज्म का जीता-जागता उदाहरण है, जहां मोदी जी के ‘मित्र’ अडानी को ऊपर उठाने के चक्कर में देश की संस्थाएं कुर्बान हो रही हैं। नीचे विभिन्न देशों में इनके प्रमुख मामलों का संक्षिप्त विवरण:
अमेरिका (USA): हिंदनबर्ग रिसर्च की 2023 रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप पर स्टॉक मैनिपुलेशन, अकाउंटिंग फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए, जिसमें 38 शेल कंपनियां (मॉरीशस, UAE, कैरेबियन) का जाल था जो विनोद अडानी (गौतम के भाई) द्वारा संचालित थीं। ये कंपनियां शेयरों में फर्जी निवेश और टर्नओवर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल हुईं। नवंबर 2024 में यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने गौतम अडानी, सागर अडानी और 7 अन्य पर $265 मिलियन (₹2,000 करोड़+) का रिश्वतखोरी स्कैंडल चलाने का आरोप लगाया—भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देकर सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए और अमेरिकी निवेशकों को धोखा दिया। FCPA (फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेज एक्ट) उल्लंघन के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी। लेकिन मोदी सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया, बल्कि SEBI को दबाकर 2025 में इन आरोपों को ‘क्लीन’ कर दिया।    
भारत (India): हिंदनबर्ग रिपोर्ट के बाद OCCRP ने 2023 में खुलासा किया कि विनोद अडानी के सहयोगियों ने UAE और ताइवान से जुड़ी शेल कंपनियों के जरिए Adani शेयरों में 13% फ्री फ्लोट खरीदा-बेचा, जो राउंड-ट्रिपिंग (मनी लॉन्ड्रिंग) का स्पष्ट केस था। 4 सरकारी जांचों (DRI, CBI-ED) में $17 बिलियन (₹1.4 लाख करोड़+) की लूट—टैक्स चोरी, डायमंड ट्रेडिंग फ्रॉड, कोयला ब्लॉक घोटाला और AgustaWestland चॉपर डील में कनेक्शन। राजेश अडानी (गौतम के भाई) पर 2004-05 में डायमंड इंपोर्ट-एक्सपोर्ट स्कीम में फर्जी टर्नओवर बनाने के आरोप। मोदी सरकार ने SEBI को निर्देश देकर जांचें दबाईं, सुप्रीम कोर्ट को भी ‘समिति’ थोपकर बचाया। नतीजा? जनता के पैसे से PSU बैंक इनके कर्ज चुकाते रहे।     
ऑस्ट्रेलिया (Australia): अडानी की कार्माइकल कोल माइन प्रोजेक्ट में पर्यावरण उल्लंघन के अलावा $1 बिलियन (₹8,000 करोड़+) का इंपोर्ट फ्रॉड—मॉरीशस शेल कंपनी (विनोद अडानी द्वारा मैनेज) के जरिए उपकरणों की कीमत 60% फुलाकर पैसे साइफन किए। 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने अडानी के पर्यावरण कार्यकर्ता बेन पेनिंग्स के खिलाफ ‘भ्रमित और शर्मनाक’ मुकदमे को खारिज किया। बांग्लादेश और श्रीलंका ने भी अडानी के हाई-प्राइस पावर डील पर जांच शुरू की। लेकिन भारत सरकार ने इन विदेशी जांचों को नजरअंदाज कर अडानी को और कॉन्ट्रैक्ट थमाए।   
केन्या (Kenya): 2024 में जोमो केन्याटा एयरपोर्ट लीजिंग और पावर प्रोजेक्ट में रिश्वतखोरी के आरोपों पर अडानी को बाहर का रास्ता दिखाया गया। वर्कर्स स्ट्राइक ने प्रोटेस्ट किया, और जांच में पाया गया कि अडानी ने लोकल अधिकारियों को रिश्वत देकर डील हासिल की। भारत सरकार ने डिप्लोमैटिक दबाव डाला, लेकिन केन्या ने साफ मना कर दिया।   
स्विट्जरलैंड (Switzerland): फेडरल क्रिमिनल कोर्ट ने $320 मिलियन (₹2,700 करोड़+) के मनी लॉन्ड्रिंग केस में अडानी की शेल कंपनियों को निशाना बनाया, जो मॉरीशस से फंड्स ट्रांसफर का हिस्सा था। PGI जांच में AgustaWestland स्कैंडल से लिंक मिला। मोदी सरकार ने ED-CBI को भारत में जांच रोकने को कहा।  
बांग्लादेश (Bangladesh): अडानी पावर ने हाई प्राइस पर बिजली बेचकर घोटाला किया, कोर्ट ने 2024 में प्रोब ऑर्डर किया। श्रीलंका ने भी बिजनेस रोकने की धमकी दी। ये सभी केस मॉरीशस शेल्स से जुड़े हैं, जो विनोद अडानी कंट्रोल करते हैं।  
ये ठग मोदी जी के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं—$150 बिलियन मार्केट कैप लॉस के बावजूद नए कॉन्ट्रैक्ट, जनता के टैक्स से बेलआउट। SEBI का 2025 ‘क्लीन चिट’ तो बस दिखावा था, US केस अभी जिंदा हैं। यह लोकतंत्र का अपमान है! जब तक अडानी पर ईडी-सीबीआई छापे न पड़ें, तब तक मोदी सरकार की साजिश जारी रहेगी। #AdaniScam #ModiCronyism #SaveIndia
गौतम अडानी नाम के इस आदमी के लिए वर्ष 2014 -2025 तक भारत में ~ लगभग 60 लाख पेड़ 🌳 काट डाले गए,दुनिया में बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के लिए ये अपराधिक ठग बराबरी का गुनहगार और जिम्मेदार है।
वह प्रोजेक्ट्स जिनके लिए हरे पेड़ों की कटाई की गई।
• पारसा ईस्ट केंटे बासन (हसदेव अरण्य)(छत्तीसगढ़): 8-10 लाख पेड़ 🌳 अनुमानित
• तलबिरा II & III (ओडिशा): 3-5 लाख पेड़ 🌳 अनुमानित
• धीरौली (मध्य प्रदेश): 8-10 लाख पेड़ 🌳 अनुमानित
• गारे पालमा II (छत्तीसगढ़): 2-3 लाख पेड़ 🌳
• पिरपैंती थर्मल पावर प्लांट (बिहार): -10 लाख पेड़ 🌳
• ग्रेट निकोबार ट्रांसशिपमेंट पोर्ट (अंडमान): 20 लाख पेड़ 🌳
@MedantaLucknow Please expedite the cashless TPA process. 11-year-old Aayush, admitted in emergency, has sadly passed away. His illiterate family needs to take his body back to Bahraich, miles away. They’re grieving — please help them, not delay them. #HumanityFirst
Bankers deserve a 5-day week! With digital banking soaring, it’s time for work-life balance, better productivity, and a healthier workforce. #5DaysBanking#UnitedWeStand
#UnitedWeStand
Support the change!
Bank employees deserve better work-life balance! 🏦💼 Many countries follow a 5-day work week—why not India? A well-rested workforce means better efficiency & customer service.
The banking sector is the backbone of our economy.
#UnitedWeStand for 👇🏻
▶️Employee well being & Productivity
▶️Technological advancements support banking needs
▶️Global standards & Competitiveness
▶️Better Work-Life Balance ensuring smooth financial transactions, credit access, and economic stability.
However, as the world evolves, so must our banking operations. Many industries worldwide have adopted a five-day workweek to promote efficiency, productivity, and work-life balance. The banking sector should not be an exception.
#5DaysBanking
@aiboc_in@fboioa_india@rupamsmail@ChVenkatachalam@nsitharaman@FinMinIndia@DFS_India@PMOIndia@UFBUIndia
#UnitedWeStand