आज का हिन्दू शास्त्र और धर्म को तभी तक मानता है जबतक शास्त्र और धर्म उनके मन के अनुकूल हों। जैसे ही प्रतिकूल हुए, हिन्दू तुरंत बोलेगा मैं नहीं मानता ऐसे शास्त्र और धर्म को। यही आस्था है धर्म में? आप शास्त्र के अनुसार न चलकर शास्त्रों को अपने अनुसार चलाना चाहते हैं ये कौन सी (१)
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Shocking Dastardly details of Sanghi Lootyens. Even Pakistanis and Bangladeshis will be put to secondary shame.
बताया जा रहा है कि भगवान राम की नगरी में ही संघी भाजपाई गौ हत्या और मांस तस्करी करवा रहे थे!!!
यही लोग तथाकथित मंदिर का कार्य भी कर रहे थे।
यह संघी मन्ज़िल, पूर्ण रूप से हिंदू मंदिर के स्थान पर कब्जा करके अवैदिक हिंदूद्रोही स्थल के रूप में स्थापित की गई है। यहां न धर्म है, न सत्य है और न ही शुचिता है। २०२४ चुनाव में, हिंदू द्रोही लिप्सा के अधार पर मृग माया रची गई, सिर्फ वोट साधने के लिए।
धर्म की जय हो।
गऊ माता का संरक्षण हो।
गायत्री, गीता और गंगा का राज्य हो।
इसलिए संघ का विनाश हो और मंदिर का शुद्धिकरण पुनर्स्थापन हो।
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मोदी जी आपने गौहत्या अभियुक्त अनिल मिश्रा को ट्रस्ट में क्यों रखा?
मोदी के राक्षसी घिनौने कृत्य को प्रभु श्रीराम नाश करेंगे ही।
बड़ी खबर-
राम मंदिर का हाल देखिए।
सारे के सारे किरदार उसी तरह पॉवर में बने हुए हैं।
इस वीडियो में चंपत राय को देखिए।
गले तक घिर आए आरोपों के बावजूद शेषावतार मंदिर के धर्म ध्वजा आरोहण समारोह की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेकर घूम रहे हैं।
यही हाल अनिल मिश्रा का है।
वे भी उसी मंदिर के अधिष्ठाता बने हुए हैं जहां हुई भयावह अनियमितताओं के आरोपों के वे केंद्र में हैं।
गोपाल राव भी अपने ऊपर लगे बेहद गंभीर आरोपों से पूरी तरह निश्चिंत होकर मंदिर की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं।
जिस राम ने पिता के वचनों के सम्मान की खातिर 14 वर्ष का वनवास धारण किया था,
उसकी विरासत के स्वघोषित उत्तराधिकारी आरोपों के भयावह जंगल में अधिकारों का चंदन लेकर एक दूसरे का राजतिलक कर रहे हैं।
किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा है।
राम की मूर्ति मंदिर में हैं और राम फिर से वनवास में!!
परिवार के मुखिया ने परिवार के हर सदस्य का ध्यान रखा है। कुटुंब में कोई भी ऐसा नहीं है जिसके नाम 5 एकड़ जमीन ना हो। सूत्रों ने बतलाया है कि पूरी तरह कानूनी तरक्की की है परिवार ने। ऐसी सुंदर भारतीय ज्वाइंट फैमिली देखकर मन को बहुत खुशी होती है। डीप स्टेट और जार्ज सोरोस की भारतीय परिवारों को तोड़ने की साज़िश ऐसी ही ज्वाइंट फैमिली विफल कर सकती है।
राम मंदिर में ट्रस्टियों के भतीजे-रिश्तेदार सर्किल रेट से 17 गुना ज्यादा कीमत पर खरीद रहे थे जमीन और निर्माण सामग्री में भी लिया 40% कमीशन
- दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, SIT की जांच में सामने आया है कि चढ़ावे की गिनती से लेकर राम मंदिर के पूरे प्रबंधन तक चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के भतीजों व रिश्तेदारों ने अपनी जड़ें जमा रखी थीं।
- SIT को निर्माण कार्य और जमीन खरीद में भी बड़ी गड़बड़ियां मिली हैं। सर्किल रेट से 17 गुना ज्यादा कीमत पर जमीन खरीदने और निर्माण सामग्री में 40% कमीशनखोरी की बात भी उजागर हुई है।
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Super Exclusive-
राम मंदिर पर विनय कटियार का अब तक का सबसे विस्फोटक इंटरव्यू।
“चंपत राय को क्लीन चिट का सवाल नहीं!
वो ‘कालिया’ अभी तो दत्ता जी के पास गया है।
अभी सरसंघचालक के पास भी जाएगा, मगर उससे पहले ही……!”
इंटरव्यू का टीज़र यहां।
पूरे इंटरव्यू का लिंक कमेंट बॉक्स में।
@RSSorg@DattaHosabale@PMOIndia
@Divyastraa राजीव गाँधी ने किसी सभा में कहा था कि अगर उधर मंदिर था तो फिर मंदिर ही बनेगा. बाबरी टूटने के बाद कॉन्ग्रेस के नरसिंहराव मंदिर बनाने को तैयार थे, भूमि भी अधिग्रहित की थी पर फिर भाजपा की मंदिर राजनीति समाप्त हो जाती इसलिए इन्होंने ने उस समय मंदिर नहीं बनने दिया
दिल्ली के बीचों-बीच में 150 करोड़ को लागत से 5 लाख वर्ग फुट में बना RSS मुख्यालय में 3 ऊँचे टॉवर हैं जिसमें लगभग 300 कमरे और कार्यालय है, आवासीय कॉलोनी हैं जहाँ इनके अधिकारी रहते हैं।
अस्पताल, मंदिर, ऑडिटोरियम है,
यह भाजपा मुख्यालय से भी ज्यादा विशाल और भव्य है।
दिल्ली में जहां एक गरीब आदमी एक टुकड़ा जमीन लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करता है वहां एक "गैरकानूनी NGO" राजधानी में लाखों स्क्वॉयर फीट जमीन घेरे हुए बैठी है वो भी बिना किसी वैध दस्तावेज के।
जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने राममंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया बीजेपी ने अयोध्या की जमीनों को लूटना शुरू कर दिया
पहले जमीनों को लूटा उसके बाद राममंदिर के दानपात्र को लूट लिया
बीजेपी ने अंग्रेजों और बाहरी आक्रांताओं को भी पीछे छोड़ दिया
ब्रेकिंग न्यूज़। अयोध्या
चाची ने खोली चढ़ावा चोर भतीजे की पोल पट्टी। गाँव से लेकर नोएडा तक प्रॉपर्टी ही प्रॉपर्टी। रिश्तेदारों को ट्रस्ट में नौकरी भी लगवाई। सिंडिकेट का खास मेंबर था लवकुश मिश्रा।
राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण के कथित मास्टरमाइंड अनुकल्प मिश्रा को लेकर नया खुलासा हुआ है। अनुकल्प मिश्रा की चाची नेहा मिश्रा ने दावा किया है कि कम समय में अनुकल्प ने कई महंगे प्लॉट और नोएडा में कीमती फ्लैट खरीदे। नेहा मिश्रा के मुताबिक, अनुकल्प ने अपने रसूख और दबंगई के बल पर अकूत संपत्ति अर्जित की। आरोप है कि उसने अपने बहनोई लवकुश मिश्रा और अन्य परिचितों को मंदिर से जुड़े कामों में नियुक्ति भी दिलाई।
#breakingnews #Ayodhyarammandir @ayodhya_police@dmayodhya
राम जन्म भूमि में कई किस्म के घोटाले हो रहे थे जैसे चंदा घोटाला, पास घोटाला, आपूर्ति घोटाला, सिक्योरिटी घोटाला। इन सबकी जानकारी ट्रस्ट के लोगों को थी लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई क्योंकि मंदिर के नाम चल रहे ट्रस्ट के गोरखधंधे से सभी लाल हो रहे थे।
अयोध्या के वरिष्ठ पत्रकार इंदु भूषण पांडे समेत अन्य कई अन्य पत्रकारों ने जो बताया वो आँखें खोल देने वाला है। पूरी बातचीत का लिंक कमेंट बॉक्स में
जितना मुखर होकर इस समय सांसद संजय सिंह जी राम मंदिर चोरी पर बोल रहे है उतना मुखर होकर कोई नहीं बोल रहा है..
संजय जी हमेशा से फैक्ट और मुखर होकर बोलने की पहचान लेकर आये और आज भी यही कर रहे है..
चंपत राय चोर है अनिल मिश्रा चोर है -: संतोष दूबे!
गोपाल राव और चंपत राय का ड्राइवर भी इनके साथ चोरी मे शामिल है -: संतोष दूबे!
संतोष दूबे एक पुराने कारसेवक है जो कि राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे रहे है और जिन्होंने राम मंदिर मे हुई चोरी की शिकायत की है!
भाजपा वाले राम के नाम पर देश भर मे सरकार बनाते है और ज़ब सरकार बन गयी तो अब उन्ही राम के मंदिर मे चोरी करने पे उतर आये इस से बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा इस देश और इस सनातन का जिसमे रखवाले ही चोरी करने पे उतर गए हो!
@rajkumarbhatisp
राम मंदिर दान गबन में नया दावा, “200 किलो चांदी की रसीद नहीं मिली” ट्रस्ट के पास कोई हिसाब नहीं। चांदी की शिलाएं चम्पत राय को देने का दावा किया सिंधी समाज ने।
अयोध्या राम मंदिर के दान और चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब सिंधी समाज ने बड़ा सवाल उठाया है। दावा किया गया है कि राम मंदिर के लिए 200 किलो चांदी दान में दी गई थी, लेकिन उसकी रसीद तक नहीं दी गई। ये चांदी चम्पत राय को सौंपी गई थी, ऐसा दावा किया गया है।
सिंधी समाज की ओर से यह सवाल उठाया गया है कि अगर इतनी बड़ी मात्रा में चांदी दान में दी गई थी तो उसकी आधिकारिक रसीद और रिकॉर्ड कहां है। आरोप है कि चांदी चंपत राय को दी गई थी, लेकिन दानदाताओं को कोई पावती नहीं मिली।
#RamMandir #Ayodhya #DonationControversy @LucknowDivision@Igrangelucknow@ShriRamTeerth