@AgriGoI During the last budget, the Govt promised to increase the agriculture loan limit from ₹3 Lakh to ₹5 Lakh. A full financial year has passed, a new budget is here, but the ground reality for farmers remains unchanged. Why the delay? @AgriGoI@PMOIndia#FarmersPost#KCC
Nifty 500 returns
Since
jan 2008 : 8.8% pa
Nov 2008 : 15.5% pa
Difference of 10 months
Investing in
Bull market earns lower returns
Bear markets earns higher returns
Today is 23/03/2026.
Nifty bottomed at close to 7500 exactly 6 years back on the back of CoVid 19. Still up 3X from that.
Always remember. This too shall pass.
Stay disciplined. Stay patient. Don't panic.
वास्तव में जो व्यक्ति अपनी पर्सनल वैल्यू और एथिक्स को अपने ऑर्गेनाइजेशन से ज़्यादा महत्व देता है , वो दो साल तक कैसे टीका रह सकता है उसी ऑर्गनासेशन में ! अपने एथिक्स को सवोच्च पर रखने वाला व्यक्ति को २ दिन भी टीके रहना भारी पड़ता है #HDFCBANK
क्या आपको लगता है कि किसी प्राइवेट बैंक के टॉप मैनेजमेंट में मोरल वैल्यू बची है ?
यत्र, तत्र , सर्वत्र , इनको बैंकिंग से ज़्यादा तो अपने ग्राहकों को लाइफ इन्शुरन्स पॉलिसीज़ चिपकाना रहती है क्यूँकि उसमें 50% तक का मोटा कमीशन जो मिलता है जिसके लिए नीचे से लेकर ब्रांच मैनेजर , रिजनल मैनेजर सबको तो टारगेट पर लगा रखा है , हैडलाइन ये रहती है कि बैंकों में आजकल डिपॉजिट की कमी हो रही है , तो क्यूँ ना होगी ? जो बेचारा डिपॉजिट करने आता है उसे तो ये ऊँचे ऊँचे डिपॉजिट दिखाकर लाइफ इन्शुरन्स के प्रोडक्ट टिका देते है जहाँ इनको 50% तक कमीशन मिलता है और ग्राहकों ३ साल में सरेंडर करने पर जीरो वापिस मिलता है , यानी की सरेंडर वैल्यू ज़ीरो ! इरड़ा और रिज़र्व बैंक को टर्म इन्शुरन्स के अलावा बैंको द्वारा बेचे जाने वाले सभी इन्शुरन्स प्रोडक्ट पर तुरंत प्रभाव से बेन लगा देना चाहिए ! वास्तव में कोई भी बैंक कर्मचारी इन्शुरन्स बेचना नहीं चाहता , उसे अपना मोरल डाउन करके बेचना पड़ता है क्यूँकि बैंक के टॉप मैनेजमेंट में बैठे व्यक्तियों के पास कोई मोरल बचा ही नहीं है , अच्छा है कि आज एक ने मोरल ग्राउंड पर इस्तीफ़ा दिया है भले २ साल बाद , देर आए दुरस्त आए !