भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूँ।
एक काम कीजिए - खुद Google कीजिए: “NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?”
देखा? समझ आया?
BJP इसी तरह आप जैसे लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है - उनकी रक्षा करती है, ऊपर से उन्हें तरक्की देती है।
साफ़ है - मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में ख़ुद साझेदार हैं।
जिस बाज़ार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है - जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।
नरेन्दर भी गायब है
गैस सिलेंडर भी गायब है.......
आज जिला कांग्रेस कमेटी गुरुग्राम के तत्वावधान में जनविरोधी भाजपा सरकार द्वारा आमजन पर गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के रूप में डाली जा रही महंगाई की मार के विरोध में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान आमजन की समस्याओं और बढ़ती महंगाई के खिलाफ आवाज बुलंद कर सरकार से गैस सिलेंडर के दामों में राहत देने की मांग की, ताकि आम परिवारों को राहत मिल सके।
कथनी और करनी का अंतर अब साफ दिखने लगा है।
जो कभी “देश नहीं झुकने देंगे” का दम भरते थे, वही आज असहज और मौन दिखाई देते हैं। सवाल उठना स्वाभाविक है, आखिर यह बदलाव क्यों?
क्या कारण है कि एक व्यक्ति की सक्रियता से पूरी व्यवस्था अस्थिर सी दिखने लगती है?
क्यों राष्ट्रीय मुद्दों पर भी स्पष्टता की जगह चुप्पी सुनाई देती है?
लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन भय या संकोच लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं। जनता उम्मीद करती है कि जो नेतृत्व बड़े दावे करता है, वह कठिन सवालों पर भी उतनी ही दृढ़ता से खड़ा हो।
देश के प्रश्न व्यक्ति से बड़े होते हैं।
मुद्दों पर संवाद होना चाहिए, जवाबदेही होनी चाहिए और स्पष्टता भी।
यही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है।
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#epsteinfiles #gurgaon
हरियाणा सरकार का तुगलकी फरमान, जिसने हजारों गरीब परिवारों के सपनों की नींव हिला दी है। BPL परिवारों के लिए निर्धारित EWS मकानों को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा ई-ऑक्शन के माध्यम से प्रॉपर्टी डीलरों को बेचने की तैयारी, सीधे-सीधे उस छत पर प्रहार है जिसके नीचे एक गरीब अपने बच्चों के भविष्य का सपना देखता है।
यह सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि उन उम्मीदों पर आघात है जिन्हें वर्षों से इस आशियाने का इंतज़ार किया था। जब व्यवस्था ही जरूरतमंदों का हक छीनने लगे, तब आवाज़ आमजन की आवाज बनना हमारा कर्तव्य बन जाता है।
आज भाजपा सरकार की इस जनविरोधी सोच के विरोध में अनुसूचित विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष छोटे भाई अनिल धानक जी द्वारा आयोजित धरने में शामिल होकर हमारे गरीबों परिवारजनों के हक की बात को मजबूती से आमजन के बीच रखा।
FIR हो,
मुकदमा दर्ज हो या
Privilege प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा।
जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है।
अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सड़क हादसे में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान मुकेश प्रजापति का गुरुवार को मंदसौर जिले की गरोठ तहसील स्थित पैतृक ग्राम बानियाखेड़ी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, परिवारजन और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे।