@aajtak पहले भी कहीं सभ्यताएं नष्ट हुई हैं, आगे भी सभ्यताएं नष्ट होती रहेंगी, विनाश के बाद फिर सृजन होगा, यही समय चक्र है |
संस्कृति कभी नष्ट नहीं होती, अपनी संस्कृति से सदैव जुड़े रहिए और मानव से महामानव बनिए |
भगवान हमारे भीतर से निकलता है
अमृतवाणी: परम पूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य
“परमात्मा का अंश हमारे भीतर है। जब अज्ञान के आवरण हटते हैं, तो सिद्धियाँ और गुरु-तत्त्व भीतर से ही प्रकट होते हैं—दिव्यता बाहर नहीं, अपने अंतर में है।”
#TodaysThought#awgpofficial#Holi
‘हतो वा प्राप्स्यसि स्वर्गं
जित्वा वा भोक्ष्यसे महीम्।
तस्मादुत्तिष्ठ कौन्तेय
युद्धाय कृतनिश्चयः॥’
‘या तो मरकर स्वर्ग को प्राप्त होगा अथवा जीतकर पृथ्वी को भोगेगा, इसलिए हे अर्जुन! कृतनिश्चय होकर युद्ध के लिए तैयार हो।’
#TodaysThought#Shantikunj#awgpofficial#GayatriPariwar