आज विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान विधायक सचिन यादव ने सिर्फ एक पोस्टर दिखाया था जिसके बाद स्पीकर
सतीश महाना ने उन्हें सदन से पूरे दिन के लिए बाहर कर दिया था।
उसके बाद विधायक सचिन यादव सदन के बाहर ही धरने पर बैठ गए जहां उनके साथ सपा के विधायक अतुल प्रधान, रागिनी सोनकर और
अन्य विधायक भी उनके साथ धरने पर बैठे दिखे।
जिस तरह से परिस्थितियां हैं अभी उस हिसाब से यही लगता है कि बहुत ही जल्द इस तानाशाही सरकार का अंत होगा।
यूपी : मेरठ में कांवड़ियों ने दो पुलिसकर्मियों को पुलिस जीप से बाहर निकालकर पीटा, कपड़े फाड़ दिए। दरअसल, बाइक सवार व्यक्ति ने कांवड़ियों को टक्कर मार दी थी। इस सूचना पर थाने के 2 पुलिसकर्मी सादा कपड़ों में जीप लेकर पहुंच गए। आरोपी व्यक्ति तो भाग गया, लेकिन कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और उनकी खूब पिटाई की।
आपलोग पत्रकार और सपा के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश सिंह जी की मजेदार बातचीत सुनिए। जो मैंने कहा था वही सच हुआ।
पत्रकार - आप ओम प्रकाश राजभर से क्यों मिले?
ओम प्रकाश सिंह - ओम प्रकाश राजभर जी मेरे ही जिले के हैं और मंत्री भी हैं तो उनसे औपचारिक मुलाकात करना कोई गुनाह नहीं।
पत्रकार - कहा जा रहा है कि आप उनकी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे?
ओम प्रकाश सिंह- इतना भी दुर्भाग्य नहीं है मेरा और न ही इतने बुरे दिन आये हैं।😂
जब अटल जी की सरकार थी तब भी 1 वोट का मामला फंसा था और वहां भी मुझे मौका मिला था लेकिन मैने अपने ईमान और चरित्र से समझौता नहीं किया।
पत्रकार - सोशल मीडिया पर चल रहा कि आप भाजपा ज्वाइन कर रहे हो?
ओम प्रकाश सिंह - आप लोगों को जब कुछ नहीं मिलता तो यही सब चलाते हैं।😀
ये रही चढ़ावा चोरी से घबराई सरकार की लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मेरे खिलाफ दर्ज की गई चौथी एफआईआर।
27 जून 2026 को BNS के सेक्शन 196 (1) (a), 299, 352 के तहत दर्ज की गई इस एफआईआर को छुपाकर रखा गया था।
पोर्टल पर अपलोड तक नहीं किया गया। मेरे मांगने पर भी हजरतगंज कोतवाली ने देने से इंकार कर दिया।
योगी जी, अगर एफआईआर करना ही था तो खुलकर चढ़ावा चोरी की ख़बर से आहत हुई भावना के नाम पर कर लेते।
ये लखनऊ पुलिस को अचानक से आप पर लगे ठाकुरवाद के आरोपों का मुद्दा क्यूं चुभ गया?
इस पर तो पहले से ही एक एफआईआर (नंबर 0265/2024) मेरे खिलाफ इसी हजरतगंज कोतवाली में इन्हीं इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के दौर में दर्ज है।
ये वही ईश्वरीय एफआईआर है जिसमें योगी आदित्यनाथ को ईश्वर का अवतार बताया गया है और उनके खिलाफ लिखने वालों को विदेशी फंडिग के इशारे पर काम करने वाले देशद्रोही कहा गया है।
सवाल है कि आखिर लखनऊ पुलिस योगी आदित्यनाथ पर चिपक चुके ठाकुरवाद के आरोपों के लिए सारे मुकदमे मेरे ही खिलाफ क्यों दर्ज करेगी?
अगर मुकदमा दर्ज करना ही है तो आप देश भर की मीडिया पर कीजिए,
जिसने योगी आदित्यनाथ के 9 साल के कार्यकाल में ठाकुरवाद की इंतिहा को एक नहीं बल्कि बार-बार रिपोर्ट किया है और उनका नाम ले लेकर किया है।
कुछ उदाहरण यहां लिखे देता हूँ ताकि पूर्व कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर जो अब डीजी इंटेलीजेंस हो चुके हैं,
और पिछले करीब 3 सालों से लखनऊ की हजरत गंज कोतवाली में जमे इंस्पेक्टर विक्रम सिंह इस एफआईआर में कुछ नाम और जोड़ सकें।
1- यूपी में योगी पर क्यों लग रहे ‘ठाकुरवाद’ के आरोप?
(Source- The Print- September 2019)
2- सपा के 'यादववाद' से लड़ते-लड़ते 'ठाकुरवाद' में फंसकर रह गए योगी!
(सोर्स- आजतक मार्च 2018)
3- ठाकुरवाद की राजनीति कर रहे हैं CM योगी आदित्यनाथ। AAP से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह का आरोप-
(सोर्स- दैनिक जागरण- सितंबर 2020)
4- BJP battles Brahmin outrage -
(Frontline article dated 27 July 2026 on growing perception of chief minister Adityanath government dominated by Thakurs)
5- Accusations by Akhilesh of the Yogi government “favouring” Thakurs in police postings.
(सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस- अप्रैल 2025)
6- एक योगी का जाति मोह। राजपूतों की पीठ के महंत हैं योगी आदित्यनाथ- (सोर्स दैनिक भास्कर)
7- योगी के हिंदुत्व की अखिलेश ने निकाली काट? यूपी में ठाकुरवाद बनाम PDA की बिछा रहे बिसात
(सोर्स टीवी 9 भारतवर्ष- अप्रैल 25)
8- ठाकुरवाद के आरोपों पर योगी की खरी-खरी:केवल राजपूतों की राजनीति के आरोप लगने से मुझे कोई दुख नहीं, भगवान भी इसी जाति के थे।
(सोर्स- दैनिक भास्कर )
9-Yogi In Jhansi: 'क्षत्रिय कुल में पैदा हुआ, गर्व करने में गलत क्या?' देखें और क्या बोले सीएम योगी
(सोर्स-आज तक फरवरी- 2022)
10- 'यूपी के ब्राह्मण नेतृत्व को योगी सरकार ने चुन-चुनकर मारा'
रणदीप सुरजेवाला (सोर्स- अमर उजाला- सितंबर 2024)
ये तो कुछ उदाहरण हैं।
योगी आदित्यनाथ पर खुलकर जातिवाद करने और उनके दौर में थानों से लेकर सीएम के दफ्तर तक मलाईदार सजातीय पोस्टिंग के मुद्दे,
विपक्ष की प्रेस कॉन्फ्रेंसों से लेकर अखबार के पन्नों तक रंगे पड़े हैं.
कानपुर में दलित सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के बीच विवाद में योगी आदित्यनाथ का डीएम के पक्ष में कूद जाना,
और एकतरफा कार्यवाही करते हुए दलित सीएमओ को सस्पेंड कर देने को आज भी उनकी सजातीय राजनीति के इतिहास की कुतुब मीनार माना जाता है।
कोडीन कफ सिरफ के सजातीय माफियाओं की आलीशान कोठियों के आगे बुलडोजर का आत्मसमर्पण,
और गरीब-गुरबे के घरों पर उसका आकाशीय बिजली सा गरज उठना, बच्चे-बच्चे तक की समझ में आता है।
दूसरी जाति और मजहब के माफियाओं को मिट्टी में मिलाना और सजातीय माफियाओं को पलकों पर बिठाना, इस दौर में घर-घर की चर्चा है।
योगी आदित्यनाथ के राज में यूपी में ब्राह्राण बनाम ठाकुर, ठाकुर बनाम दलित, ठाकुर बनाम राजभर.....
जैसी घटनाओं से अखबारों के पन्ने पटे पड़े हैं।
क्षत्रिय करणी सेना के कारनामों और उसे मिले ईश्वरीय अभयदान के चर्चे गली-चौराहों में डटे पड़े हैं।
फिर आपके दौर में ठाकुरवाद के इस घटाघोप बादल को रिपोर्ट करने पर मुझ पर ही बार-बार एफआईआर क्यूँ?
योगी जी, क्या चढ़ावा चोरी की ख़बर का दर्द इतना गहरा है कि आंखों पर सत्ता गंवाने के डर का पहरा है?
"जिस समय भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ था तो उन्होंने तय किया था कि उनका रास्ता समाजवादी होगा, सेक्युलर होगा।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
भाजपा अध्यक्ष @NitinNabin लखनऊ आए,
उनके स्वागत में उनके वाहन के आगे हनुमान जी नचाये जा रहे हैं।
कितना वीभत्स, अश्लील और दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य है ये,
भगवान के प्रति इन भाजपाइयों की इतनी ही आस्था है, इतना ही विश्वास है, ये भाजपाई कदम कदम पर करते भगवान का भी अपमान हैं।
सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी!
जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें अन्यथा उनके ख़िलाफ़ तत्काल नामज़द रिपोर्ट दर्ज़ कराई जाएगी, साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने ये झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी माँगें या क़ानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वो याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आयेगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे।
‘पीडीए समाज’ को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपाई और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। ’पीडीए समाज’ एकजुट होकर इसका जवाब देगा।
‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों’ का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुख़बिरों के वंशंजों में सत्य का साहस है तो अपने परंपरागत भूमिगत-सुरंगी निवास से बाहर आकर अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें।
- संपूर्ण विश्व के रामभक्त संज्ञान लें
- दुनिया भर के सनातनी संज्ञान लें
- अयोध्या के पूज्य साधु-संत संज्ञान लें
- माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान ले
- माननीय लोकसभा अध्यक्ष संज्ञान लें
- उप्र-अयोध्या के नागरिक संज्ञान लें
- समस्त पीडीए समाज संज्ञान ले
@nishikant_dubey
जो पीड़ित वो पीडीए।
आज के भाजपा शासनकाल में हर तरह से उपेक्षित-उत्पीड़ित आशा वर्कर बहनों की माँगों के समर्थन में हम पूरी निष्ठा के साथ हैं। उनकी आर्थिक सुरक्षा व सामाजिक सुरक्षा से भाजपा सरकार पीछे क्यों हट रही है? जब भाजपा के झूठे प्रचार और निर्जीव पर अपव्यय के लिए सरकार के पास धन लूटाने को है तो आशा वर्कर्स के साथ भेदभाव का आधार क्या केवल यही है कि वो शोषित, वंचित, निर्धन पृष्ठभूमि से आती हैं या वो पीडीए में शामिल आधी आबादी मतलब महिलाएं हैं, क्या उन्हें सम्मान से जीने का हक़ नहीं?
#Protest
#AashaWorkers
#ashaworkersprotest
हमारे पत्रकार साथी ने सवाल पूछा- सर निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है कि टिन्नू यादव आपसे बात करता था।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जी- इस पर तो FIR दर्ज कराएगी हमारी पार्टी।
जितना भी झूठा प्रचार चल रहा है सोशल मीडिया पर एक-एक कर के उन सभी पर FIR दर्ज होगी।
और कोई रास्ता नही दूसरा क्योंकि सरकार से न्याय नही मिलने वाला।
एक ही रास्ता है न्यायालय....