उत्तराखंड में एक बहादुर बेटी ने CM पुष्कर सिंह धामी के सामने खड़े होकर BJP सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी।
बच्ची ने बताया 👇
मैंने ताईक्वांडो में नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन मैं इंटरनेशनल खेलने नहीं जा सकी, क्योंकि मुझसे 1.5 लाख रुपए की घूस मांगी गई।
CM धामी ने ये सुनते ही बच्ची से कहा- "अच्छा, बैठ जाओ.. कोई बात नहीं"
इसके बाद इस कार्यक्रम का Live सरकार के हर प्लेटफॉर्म से डिलीट कर दिया गया, इसमें CM और BJP का सोशल मीडिया शामिल है।
BJP सरकार में घूसखोरी और घपलेबाजी युवाओं के सपनों को रौंद रही है।
और शिकायत करने पर खुद मुख्यमंत्री इस भ्रष्टाचार को दबाने में लगे हैं।
शर्म आनी चाहिए!
छात्रा: मैं ताइक्वांडो की नेशनल खिलाड़ी हूं. मेरा इंटरनेशनल के लिए सलेक्शन हुआ, लेकिन मुझसे 1.5 लाख रुपए मांगे गए. इसलिए मैं इंटरनेशनल नहीं खेल पाई.
मुख्यमंत्री पुस्कर धामी: चलो बेटा अभी बैठ जाओ, कोई बात नहीं.
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सोचिए BJP की सरकार में किस लेवल का भ्रष्टाचार है. ये लाइव अब हर जगह से हटा दिया गया है.
2 दिन पहले उत्तराखंड सरकार ने 'मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन' किया. मुख्यमंत्री पुस्कर धामी बच्चों से बात कर रहे थे, तभी इस बच्ची ने भ्रष्टाचार का मामला सामने रख दिया.
पहले ये कार्यक्रम BJP उत्तराखंड के पेज और सरकार के Uttarakhand DIPR और सरकार से जुड़े तमाम पेज पर लाइव था. अब हर जगह से डिलीट हो गया है.
29560 करोड़ से बन रहे नोएडा एयरपोर्ट में यात्रियों के लिए लाउन्ज के साथ स्विमिंग पूल की भी व्यावस्था की जा रही,
अमेरिका और चीन ऐसा विकास देखकर जल रहे होंगे
सिरोंज, विदिशा की छात्राओं का प्रदर्शन बता रहा है कि अब Gen Z के बाद Gen Alpha भी अपने हक़ की आवाज़ उठाना सीख गई है।
बच्चों को लूटना बंद करो,हमारा किराया कम करो।
बच्चों की आवाज़ दबाने के बजाय उनकी जायज़ मांगें मानो।
यह वीडियो उतर प्रदेश के हरदोई जिले का है
बच्चों को सूखा चावल मिला है खाने में
योगी जी, हवा हवाई जुमले छोड़िये - देखिए बच्चों का क्या हाल बनाया है आप ने
लानत है
उम्र छोटी है तो क्या, सवाल बड़े लेकर निकले हैं,
ये बच्चे अपने हिस्से का हिसाब लेने निकले हैं।
Gen Z की खूब चर्चा होती है, लेकिन अब Gen Alpha भी सवाल पूछना और अपने हक़ के लिए खड़ा होना सीख रही है।
बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के खटीमा स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के छात्रों ने खराब खाना, एक्सपायर्ड राशन, बिजली, पेयजल और साफ़-सफ़ाई जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर तीन दिन तक विरोध किया। आखिरकार प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी - प्रिंसिपल को जाँच लंबित रहने तक पद से हटाया गया और जाँच के आदेश दिए गए।
उम्र भले छोटी हो, लेकिन हौसले बड़े हैं।
नई पीढ़ी ने डरना नहीं, सवाल पूछना सीख लिया है।
वैज्ञानिक श्री श्री नरेन्द दामोदर दास मोदी जी व उनके सहायक नितिन गडकरी जी :-
"पहले स्पेस टेक्नोलॉजी को सिर्फ बड़े-बड़े अभियानों या रॉकेट छोड़ने तक सीमित माना जाता था। लेकिन हमने स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सड़कों और नेशनल हाइवे के सर्वे, इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग और पारदर्शिता लाने के लिए करना शुरू किया है। टेक्नोलॉजी आम नागरिक के जीवन को आसान बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है।"
देश का भविष्य गड्ढों से होकर स्कूल पहुँचेगा, तो विकास के दावों पर सवाल उठेंगे ही।
यह वीडियो नासिक का बताया जा रहा है, जहाँ बच्चे स्कूल तक अच्छी सड़क की माँग को लेकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
देश में इन दिनों एक अलग ही हवा दिखाई दे रही है। इस हवा में हिम्मत है, हौसला है और अपने हक़ के लिए सवाल पूछने का साहस है। कहीं छात्र शिक्षा और रोज़गार के लिए खड़े हैं, तो कहीं छोटे-छोटे बच्चे स्कूल तक सड़क के लिए आवाज़ उठा रहे हैं।
नई पीढ़ी अब खामोशी को अपनी नियति मानने के लिए तैयार नहीं है। यही हिम्मत लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त है।
@samrat4bjp@SunielVShetty नगर निगम द्वारा चलाए जाने वाले 'स्मार्ट सिटी' और 'स्वच्छ पटना' के दावों के विपरीत, बाजार समिति जैसे व्यस्त व्यापारिक इलाकों में सड़कों पर कचरे का इस तरह जमा होना प्रशासनिक अनदेखी और कुप्रबंधन को साफ दर्शाता है।