इलेक्टोरल बॉन्ड वैसी ही योजना थी जैसे जब आप किसी रिश्तेदारी में जाते हैं और वहां से आने पर आपको आपकी मामी नानी या कोई और मुट्ठी बंद करके पैसे देती हैं और आप इसकी क्या ज़रूरत है कहकर भी सीधे जेब में रख लेते थे।
अब राजनैतिक दल उन पैसों को ऐसे नहीं रख पायेंगे, उन्हें सारी डिटेल देनी होगी कि यह पैसा कहां से आया है और किसने दिया है
अब तक जो भी पैसा राजनैतिक दलों ने बंद मुट्ठी से लिया है अब SBI उसकी सारी डिटेल चुनाव आयोग को देगा और चुनाव आयोग उसे अपनी वेबसाइट पर पब्लिश करेगा।
CJI डीवाई चंद्रचूड़ जी आज भी लोकतंत्र की रखवाली कर रहे हैं। देश को उनका धन्यवाद करना चाहिए।
A life may depend on a gesture from you, a bottle of Blood.
Thanks to each and each member of Parklane Premier for their active participation in Blood Donation camp, we arranged in the Society.
देशात 145380 कोरोनाची लागान झाली असून 4167 मृत्यू झाला आहे. तर राज्यात 52667 जणांना कोरोनाची लागण तर 1695 जनांचा मृत्यू झाला आहे.घरातच राहा, प्रशासनाला सहकार्य करा
आपला -जयप्रकाश सुभाष सातव पाटिल
उपाध्यक्ष -पुणे जिल्हा भाजपा व्या आ, सदस्य, ग्रामपंचायत वाघोली
अगर आपके पास चुनने का मौक़ा हो कि आप भारत में कहाँ पैदा होंगे तो आपको केरल या तमिलनाडु चुनना चाहिए।
ऐसा मैं वहाँ की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को निजी तौर पर देखने के बाद बोल रहा हूँ।
जिन राज्यों से बचना चाहिए वे हैं बिहार, यूपी, प. बंगाल, एमपी, गुजरात।
आप बताएँ।
लानत हैं उनलोगों पर जो मज़दूरों की मजबूरी का मज़ाक़ उड़ाते हो, क्या जुर्म हैं इनका, क्या कभी किसी VIP को इस तरह कोई सज़ा दी है!! 😡😡
गरीबों और मजदूरों का मजाक बनाकर रख दिया 😌
कोरोना से लड़ते हुए दक्षिण दिल्ली से कोरोना योद्धा सफाई कर्मी विनोद वाल्मीकि जी कोरोना की चपेट में आकर 24 अप्रैल को शहीद हो गए थे।
अभी तक न नौकरी मिली न सहयोग राशि। @ArvindKejriwal जी, घोषणा के अनुसार परिवार को एक सरकारी नौकरी एवं तत्काल ₹01 करोड़ की सहायता राशि सुनिश्चित करें।
On the 163rd anniversary of India’s First war of Independence, which began in 1857, my humble tributes to all the brave men & women of India, who started the movement against British & laid down their lives. Their valour and sacrifice would always be an inspiration.
रूस से चूक कैसे हुई ? इस पर शोध होना चाहिए। 1 महीने पहले, 10 अप्रैल को यहाँ 10 हजार केस भी नहीं थे। आज रूस में कोरोना व्यापक पैमाने पर फैल रहा। मरीजो की संख्या 2.10 लाख पार कर गयी। 54 लाख टेस्ट। आने वाले सप्ताह मे ये आंकड़े यूरोप के किसी भी देश और इंग्लैंड से ज्यादा होने वाले हैं
मजुर वर्ग चालत निघाला आहे हे चित्र चांगले नाही. लहान मुले तयांचया बरोबर आहेत. रेलवे त्यांच्या साठी गाड्या सोडायला तयार नाही. राज्य सरकारने खाजगी वाहनांना परवानगी देणे गरजेचे आहे. लोकं चालताना आजारी पडत आहेत. मरत आहेत. तयांचे चालणे तरीही थांबले नाही.बेकायदेशीर निघालेच आहेत ना?
It's high time to be more careful!
Self awareness is the best way to safeguard ourselves, please be careful while going out and maintain the social distancing, always.