@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51 माननीय मुख्यमंत्री महोदय संविदा कर्मचारीयो के भविष्य को सुरक्षित करने की नीति कब तक बनाई जायेगी। आप जैसे संवेदन शील मुख्यमन्त्री जी से संविदा जगत को बहुत सारी उम्मीदें है।
@prahladspatel@minprdd जारी की गई नीति में सामाजिक सुरक्षा की पूर्णतः अनदेखी की गई है "अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन" के सदस्य होने के नाते सरकार अपने कर्मचारी को सामाजिक सुरक्षा ज��से- ग्रेच्युटी, अनुकंपा नियुक्ति, मृत्यु अनुग्रह सहायता, स्वास्थ्य बीमा एवं सामूहिक बीमा की सुविधा देने के लिए बाध्य है।
@CMMadhyaPradesh @NREGA_MP
@prahladspatel
माननीय मुख्यमंत्री महोदय से अनुरोध है कि शासन की विभिन्न योजनाओं में पदस्थ संविदा कर्मचारियों के मानदेय की वृद्धि 2.94% की है जबकि नियमित कर्मचारी को 10% का लाभ दिया जा रहा है
संविदा की वार्षिक मानदेय वृद्धि पर पुर्नविचार का अनुरोध है।
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51@minmpkrishi माननीय मुख्यमंत्री महोदय से अनुरोध है कि शासन की विभिन्न यो��नाओं में पदस्थ संविदा कर्मचारियों के मानदेय की वृद्धि 2.94% की है जबकि नियमित कर्मचारी को 10% का लाभ दिया जा रहा है और महंगाई भी 10% वृद्धि हुई है क्या आपकी सरकार इस मुद्दे पर विचार करेगी अनुरोध है
1.4.24 से नियमित कर्मचारियों के वेतन में 15 से 20% की वेतन वृद्धि हुई है संविदा कर्मचारियों के वेतन में मात्र 3%।
निवेदन है कि अल्प वेतन में कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान 15% की वेतन वृद्धि दिलवाने की कृपा करें।
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51
संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को रस्से से बाँध कर ले जाना और जेल में ठूँस देना अंग्रेज़ी हुकूमत की याद दिलाता है।
मेरी सरकार ने संविदाकर्मियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन सत्तालोभियों ने सरकार गिरा दी।
मैं संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिये आज भी ��चनबद्ध हूँ।
@PMOIndia.@ChouhanShivraj,@nstomarअल्प वर्षा की स्थिति में जलप्रबंधन और अतिवर्षा की स्थिति में मिट्टी का प्रबंधन बहुत ही आवश्यक होता है यह दोनों वाटरशेड योजनाओं के मुख्य घटक होते हैं अतः म.प्र में सरकार को वैज्ञानिक पद्धति आधारित वाटरशेड योजनाओं को बंद नहीं करना चाहिये।
@PMOIndia,@ChouhanShivraj,@nstomar म.प्र में अल्पवर्षा की स्थिति में वाटरशेड एक्सपर्ट टीम की भूमिका मनरेगा में बहुत आवश्यक थी परंतु आज 400 वाटरशेड एक्सपर्ट नौकरी की तलाश मे़ हैं और मनरेगा में जलसंरक्षण के नाम विना वैज्ञानिक पद्धति के काम हो रहे हैं इस पर किसी का कोई ध्यान नहीं।
@ChouhanShivraj,@nstomarम.प्र सरकार यदि चाहती है कि प्रदेश में मनरेगा के बजट का लाभ मजदूरों के साथ साथ किसानों को भी मिले तो जलसंरक्षण के कार्यो में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये वाटरशेड एक्सपर्ट टीम की जिला और जनपद पंचायत स्तर पर नियुक्त करना चाहिये इसमें नुकसान नहीं है।
@nstomar,@ChouhanShivrajम.प्र में जिन क्षेत्रों में वाटरशेड परियोजनाओं का क्रियान्वयन हुआ है वहाँ आज अल्पवर्षा की स्थिति में भी किसान अपने भूमिगत जलस्रोतों से सिंचाई करके अपनी खरीफ ��ी फसल बचा रहा है फिर भी वाटरशेड जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रदेश में बंद किया जा रहा है।
@Iamsisodia1 #आदरणीय वाटरशेड की कुछपरियोजना बन्द हो गई है कुछ बन्द होने वाली हैं उसमे 186 उपयंत्री कार्यरत हैं ।। 65% वाटरशेड के कार्य नरेगा से कराए जा रहे ह और नरेगा में उपयंत्री के 1044 पद रिक्त है।। इन उपयंती के भविष्य को देखते हुए नरेगा में मर्ज करवाने की कृपा करें।
As a school kid I landed in a struggling city called Delhi in 1998. As a professional I landed in a world class city called Delhi in 2009. You had a will of steel. No one could do what you did for our national capital Shiela ji! We miss you!🙏🙏 @Pawankhera@_SandeepDikshit
मान.मंत्री @Iamsisodia1 जी
क्या विभागीय समीक्षा बैठक मे वाटरशेड के400 निष्कासित संविदाकर्मी कि बहाली हेतु अधिकारियो को निर्देशित किया गया है इस महामारीकाल मे रोजगार का संकट आ खड़ा हुवा है संविदाकर्मियो के सामने कृपया इनकी बहाली कराये @JM_Scindia@ChouhanShivraj@DrMohanBhagwat